Metals and nonmetals

 Most Important Points (NCERT BASED)

  1. धातु और अधातु तत्वों का वर्गीकरण उनके भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर किया जाता है।
  2. आवर्त सारणी में अधिकांश तत्व धातु होते हैं।
  3. धातुएँ सामान्यतः चमकदार (लस्टर) होती हैं।
  4. धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी चालक होती हैं।
  5. अधिकांश धातुएँ ठोस अवस्था में पाई जाती हैं।
  6. पारा (Mercury) एकमात्र धातु है जो सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में होती है।
  7. धातुएँ कठोर और मजबूत होती हैं।
  8. धातुओं को पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है, इसे आघातवर्धनीयता (Malleability) कहते हैं।
  9. धातुओं को खींचकर तार बनाया जा सकता है, इसे तन्यता (Ductility) कहते हैं।
  10. सोना और चाँदी सबसे अधिक तन्य धातुएँ मानी जाती हैं।
  11. धातुओं का गलनांक सामान्यतः अधिक होता है।
  12. धातुएँ सामान्यतः उच्च घनत्व वाली होती हैं।
  13. धातु रासायनिक अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाती हैं।
  14. धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाती हैं।
  15. धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय (Basic) प्रकृति के होते हैं।
  16. कुछ धातु ऑक्साइड उभयधर्मी (Amphoteric) भी होते हैं।
  17. एल्युमिनियम ऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड उभयधर्मी ऑक्साइड के उदाहरण हैं।
  18. धातुएँ पानी के साथ अभिक्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
  19. सोडियम और पोटैशियम पानी के साथ बहुत तीव्र अभिक्रिया करते हैं।
  20. कुछ धातुएँ जैसे सोना और चाँदी पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं।
  21. धातुएँ अम्लों के साथ अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
  22. धातुओं की अभिक्रियाशीलता अलग-अलग होती है।
  23. अभिक्रियाशीलता के आधार पर धातुओं की एक श्रृंखला बनाई गई है जिसे क्रियाशीलता श्रेणी कहते हैं।
  24. क्रियाशीलता श्रेणी में ऊपर की धातुएँ अधिक अभिक्रियाशील होती हैं।
  25. क्रियाशीलता श्रेणी में नीचे की धातुएँ कम अभिक्रियाशील होती हैं।
  26. अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके यौगिक से विस्थापित कर सकती है।
  27. धातुओं का उपयोग विभिन्न उपकरणों और मशीनों के निर्माण में किया जाता है।
  28. लोहे का उपयोग भवन निर्माण और मशीनों में व्यापक रूप से किया जाता है।
  29. ताँबा विद्युत तार बनाने में प्रयोग किया जाता है।
  30. एल्युमिनियम हल्का होने के कारण हवाई जहाज और रसोई के बर्तनों में उपयोग होता है।
  31. अधातुएँ सामान्यतः चमकहीन होती हैं।
  32. अधातुएँ ऊष्मा और विद्युत की खराब चालक होती हैं।
  33. अधिकांश अधातुएँ गैस या भंगुर ठोस अवस्था में पाई जाती हैं।
  34. अधातुओं को पीटकर चादर नहीं बनाया जा सकता।
  35. अधातुओं को खींचकर तार भी नहीं बनाया जा सकता।
  36. अधातुएँ सामान्यतः कम घनत्व वाली होती हैं।
  37. अधातुएँ रासायनिक अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं।
  38. अधातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके अधातु ऑक्साइड बनाती हैं।
  39. अधातु ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
  40. कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड अधातु ऑक्साइड के उदाहरण हैं।
  41. अधातुएँ सामान्यतः अम्लों के साथ हाइड्रोजन गैस नहीं बनातीं।
  42. अधातुओं की क्रियाशीलता भी भिन्न-भिन्न होती है।
  43. क्लोरीन और ऑक्सीजन अत्यधिक क्रियाशील अधातुएँ हैं।
  44. अधातुओं का उपयोग जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  45. ऑक्सीजन श्वसन के लिए आवश्यक है।
  46. नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक तत्व है।
  47. कार्बन सभी कार्बनिक यौगिकों का आधार है।
  48. फॉस्फोरस का उपयोग उर्वरकों में किया जाता है।
  49. सल्फर का उपयोग औषधियों और रसायनों के निर्माण में होता है।
  50. आयोडीन का उपयोग औषधीय कार्यों में किया जाता है।
  51. धातु और अधातु मिलकर आयनिक यौगिक बनाते हैं।
  52. आयनिक यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक अधिक होता है।
  53. आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत का संचालन नहीं करते।
  54. आयनिक यौगिक पिघली अवस्था या जलीय विलयन में विद्युत का संचालन करते हैं।
  55. धातुओं के निष्कर्षण की प्रक्रिया को धातु विज्ञान (Metallurgy) कहा जाता है।
  56. अयस्क वह खनिज है जिससे धातु को आर्थिक रूप से निकाला जा सकता है।
  57. धातुओं को अयस्क से निकालने के लिए विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाएँ अपनाई जाती हैं।
  58. लोहे के निष्कर्षण के लिए भट्टी (Blast Furnace) का उपयोग किया जाता है।
  59. धातुओं को जंग से बचाने के लिए पेंटिंग, गैल्वेनाइजेशन और मिश्रधातु बनाने जैसी विधियाँ अपनाई जाती हैं।
  60. धातु और अधातु आधुनिक उद्योग, तकनीक और दैनिक जीवन के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Short Answer type Question (NCERT BASED)

प्रश्न 1. धातु किसे कहते हैं?

उत्तर:
वे तत्व जो सामान्यतः चमकदार होते हैं, ऊष्मा और विद्युत के अच्छे चालक होते हैं तथा जिन्हें पीटकर पतली चादर या खींचकर तार बनाया जा सकता है, उन्हें धातु कहा जाता है। जैसे – लोहा, तांबा और एल्युमिनियम।

प्रश्न 2. अधातु किसे कहते हैं?

उत्तर:
वे तत्व जो सामान्यतः चमकहीन होते हैं, ऊष्मा और विद्युत के अच्छे चालक नहीं होते तथा जिन्हें पीटकर चादर या तार नहीं बनाया जा सकता, उन्हें अधातु कहा जाता है। जैसे – ऑक्सीजन, सल्फर और कार्बन।

प्रश्न 3. आघातवर्धनीयता क्या है?

उत्तर:
धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है, आघातवर्धनीयता कहलाता है। उदाहरण के लिए सोना और एल्युमिनियम को आसानी से पतली चादर में बदला जा सकता है।

प्रश्न 4. तन्यता क्या होती है?

उत्तर:
धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं, तन्यता कहलाता है। ताँबा और सोना इस गुण के अच्छे उदाहरण हैं।

प्रश्न 5. धातुएँ विद्युत की अच्छी चालक क्यों होती हैं?

उत्तर:
धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो आसानी से गति कर सकते हैं। इसी कारण धातुएँ विद्युत धारा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से प्रवाहित कर देती हैं।

प्रश्न 6. धातु ऑक्साइड की प्रकृति सामान्यतः कैसी होती है?

उत्तर:
धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं। जब ये पानी में घुलते हैं तो क्षार का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 7. अधातु ऑक्साइड की प्रकृति कैसी होती है?

उत्तर:
अधातु ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय प्रकृति के होते हैं और पानी में घुलकर अम्लीय विलयन बनाते हैं।

प्रश्न 8. उभयधर्मी ऑक्साइड किसे कहते हैं?

उत्तर:
वे ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं। जैसे – एल्युमिनियम ऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड।

प्रश्न 9. क्रियाशीलता श्रेणी क्या है?

उत्तर:
धातुओं को उनकी रासायनिक क्रियाशीलता के आधार पर एक क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। इस क्रम को क्रियाशीलता श्रेणी कहा जाता है।

प्रश्न 10. विस्थापन अभिक्रिया क्या होती है?

उत्तर:
जब अधिक क्रियाशील धातु किसी कम क्रियाशील धातु को उसके यौगिक से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेती है, तो उसे विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।

प्रश्न 11. आयनिक यौगिक क्या होते हैं?

उत्तर:
वे यौगिक जो धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉनों के आदान-प्रदान से बनते हैं, आयनिक यौगिक कहलाते हैं। जैसे – सोडियम क्लोराइड।

प्रश्न 12. आयनिक यौगिकों का गलनांक अधिक क्यों होता है?

उत्तर:
आयनिक यौगिकों में आयनों के बीच आकर्षण बल बहुत अधिक होता है। इस कारण इन्हें पिघलाने के लिए अधिक तापमान की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 13. धातु विज्ञान क्या है?

उत्तर:
अयस्क से धातु को निकालने तथा उसे शुद्ध करने की प्रक्रिया को धातु विज्ञान कहा जाता है।

प्रश्न 14. अयस्क क्या होता है?

उत्तर:
ऐसे खनिज जिनसे धातु को आसानी और आर्थिक रूप से प्राप्त किया जा सके, उन्हें अयस्क कहा जाता है।

प्रश्न 15. जंग लगना क्या है?

उत्तर:
जब लोहे की सतह पर हवा और नमी की उपस्थिति में धीरे-धीरे आयरन ऑक्साइड बनता है, तो इस प्रक्रिया को जंग लगना कहा जाता है।

प्रश्न 16. जंग से बचाव के दो तरीके लिखिए।

उत्तर:

  1. लोहे पर पेंट या ग्रीस लगाना
  2. गैल्वेनाइजेशन द्वारा जिंक की परत चढ़ाना

प्रश्न 17. सोडियम को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है?

उत्तर:
सोडियम बहुत अधिक क्रियाशील धातु है और हवा तथा पानी के संपर्क में आते ही तेजी से अभिक्रिया करता है। इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी के तेल में रखा जाता है।

प्रश्न 18. धातुओं का उपयोग विद्युत तार बनाने में क्यों किया जाता है?

उत्तर:
धातुएँ विद्युत की अच्छी चालक होती हैं और उनमें तन्यता होती है। इसलिए उन्हें आसानी से तार के रूप में बनाया जा सकता है।

प्रश्न 19. अधातुएँ भंगुर क्यों होती हैं?

उत्तर:
अधातुओं की संरचना ऐसी होती है कि उन पर बल लगाने पर वे आसानी से टूट जाती हैं। इसलिए उन्हें भंगुर कहा जाता है।

प्रश्न 20. धातु और अधातु का दैनिक जीवन में क्या महत्व है?

उत्तर:
धातु और अधातु दोनों मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। धातुओं का उपयोग मशीनों, वाहनों और उपकरणों में होता है जबकि अधातुएँ औषधियों, उर्वरकों और जीवन प्रक्रियाओं में उपयोगी होती हैं।

प्रश्न 21. धातुएँ ऑक्सीजन के साथ कैसी अभिक्रिया करती हैं?

उत्तर:
धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाती हैं। यह अभिक्रिया प्रायः ऊष्माक्षेपी होती है अर्थात इसमें ऊष्मा उत्पन्न होती है। बने हुए धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं। उदाहरण के लिए मैग्नीशियम ऑक्सीजन में जलकर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है।

प्रश्न 22. धातुएँ पानी के साथ अभिक्रिया करने पर क्या बनाती हैं?

उत्तर:
कुछ धातुएँ पानी के साथ अभिक्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। यह अभिक्रिया धातु की क्रियाशीलता पर निर्भर करती है। सोडियम और पोटैशियम पानी के साथ बहुत तीव्र अभिक्रिया करते हैं। जबकि कुछ धातुएँ जैसे ताँबा और चाँदी पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं।

प्रश्न 23. धातुएँ अम्लों के साथ कैसी अभिक्रिया करती हैं?

उत्तर:
अधिकांश धातुएँ पतले अम्लों के साथ अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। इस अभिक्रिया में धातु अम्ल के हाइड्रोजन को विस्थापित कर देती है। उदाहरण के लिए जिंक जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो जिंक क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस बनती है।

प्रश्न 24. धातु की क्रियाशीलता से क्या तात्पर्य है?

उत्तर:
धातु की क्रियाशीलता से तात्पर्य उसकी रासायनिक अभिक्रिया करने की क्षमता से है। कुछ धातुएँ बहुत जल्दी अभिक्रिया करती हैं जबकि कुछ बहुत कम। इसी आधार पर धातुओं को एक क्रम में व्यवस्थित किया जाता है जिसे क्रियाशीलता श्रेणी कहा जाता है।

प्रश्न 25. क्रियाशीलता श्रेणी का क्या महत्व है?

उत्तर:
क्रियाशीलता श्रेणी धातुओं की रासायनिक सक्रियता को समझने में मदद करती है। इसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि कौन-सी धातु अधिक अभिक्रियाशील है। इससे विस्थापन अभिक्रियाओं की भविष्यवाणी भी की जा सकती है। साथ ही धातुओं के निष्कर्षण की विधि चुनने में भी यह उपयोगी होती है।

प्रश्न 26. आयनिक यौगिकों की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर:
आयनिक यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः बहुत अधिक होता है। ये यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत का संचालन नहीं करते। लेकिन जब ये पिघली अवस्था या जलीय विलयन में होते हैं तब विद्युत का संचालन करने लगते हैं।

प्रश्न 27. धातुओं के निष्कर्षण में अयस्क का क्या महत्व है?

उत्तर:
अयस्क ऐसे खनिज होते हैं जिनसे धातुओं को आर्थिक रूप से निकाला जा सकता है। धातु उद्योग में इन्हीं अयस्कों से विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से धातु प्राप्त की जाती है। इसलिए अयस्क धातु निष्कर्षण की मुख्य कच्ची सामग्री माने जाते हैं।

प्रश्न 28. खनिज और अयस्क में क्या अंतर है?

उत्तर:
खनिज पृथ्वी की सतह में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ होते हैं जिनमें धातुएँ या उनके यौगिक उपस्थित रहते हैं। जबकि अयस्क ऐसे खनिज होते हैं जिनसे धातु को लाभदायक और आर्थिक तरीके से निकाला जा सकता है। इसलिए सभी अयस्क खनिज होते हैं, लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।

प्रश्न 29. धातुओं को जंग से बचाने के उपाय लिखिए।

उत्तर:
धातुओं को जंग से बचाने के लिए कई उपाय अपनाए जाते हैं। जैसे धातु की सतह पर पेंट या ग्रीस लगाना। गैल्वेनाइजेशन द्वारा जिंक की परत चढ़ाना भी एक प्रभावी तरीका है। इसके अलावा मिश्रधातु बनाकर भी धातुओं को जंग से सुरक्षित रखा जा सकता है।

प्रश्न 30. मिश्रधातु क्या होती है?

उत्तर:
दो या दो से अधिक धातुओं या धातु और अधातु को मिलाकर जो नया पदार्थ बनाया जाता है उसे मिश्रधातु कहा जाता है। मिश्रधातुएँ सामान्य धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होती हैं। उदाहरण के लिए पीतल ताँबा और जिंक से मिलकर बनता है।

प्रश्न 31. मिश्रधातु बनाने का उद्देश्य क्या है?

उत्तर:
मिश्रधातु बनाने का मुख्य उद्देश्य धातुओं के गुणों को बेहतर बनाना होता है। इससे धातु अधिक मजबूत, कठोर और जंग प्रतिरोधी बन जाती है। कई बार मिश्रधातु बनाने से धातु का गलनांक भी कम या अधिक किया जा सकता है।

प्रश्न 32. एल्युमिनियम का उपयोग दैनिक जीवन में क्यों किया जाता है?

उत्तर:
एल्युमिनियम हल्की, मजबूत और जंग से सुरक्षित रहने वाली धातु है। यह ऊष्मा और विद्युत की भी अच्छी चालक होती है। इसी कारण इसका उपयोग रसोई के बर्तन, विद्युत तार और हवाई जहाज के निर्माण में किया जाता है।

प्रश्न 33. ताँबे का उपयोग विद्युत तार बनाने में क्यों किया जाता है?

उत्तर:
ताँबा विद्युत का बहुत अच्छा चालक होता है। इसमें तन्यता अधिक होती है, जिससे इसे आसानी से पतले तार में बदला जा सकता है। इसके अलावा यह आसानी से टूटता नहीं है। इसलिए विद्युत तार बनाने के लिए ताँबा उपयुक्त धातु माना जाता है।

प्रश्न 34. कार्बन को अधातु क्यों माना जाता है?

उत्तर:
कार्बन में अधातुओं के अधिकांश गुण पाए जाते हैं। यह चमकहीन होता है और सामान्यतः विद्युत का अच्छा चालक नहीं होता। इसके अलावा यह रासायनिक अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखता है। इसलिए कार्बन को अधातु की श्रेणी में रखा जाता है।

प्रश्न 35. ऑक्सीजन का जीवन में क्या महत्व है?

उत्तर:
ऑक्सीजन जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक गैस है। यह श्वसन प्रक्रिया में ऊर्जा उत्पन्न करने में सहायता करती है। सभी जीवित प्राणी श्वसन के लिए ऑक्सीजन पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा दहन की प्रक्रिया में भी ऑक्सीजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रश्न 36. धातुएँ सामान्यतः कठोर क्यों होती हैं?

उत्तर:
धातुओं के परमाणु आपस में मजबूत धात्विक बंधों से जुड़े होते हैं। यही बंध उन्हें मजबूत और कठोर बनाते हैं। इसी कारण अधिकांश धातुएँ दबाव या बल को सहन कर सकती हैं। हालांकि कुछ धातुएँ जैसे सोडियम अपेक्षाकृत मुलायम भी होती हैं।

प्रश्न 37. अधातुओं का उपयोग उर्वरकों में क्यों किया जाता है?

उत्तर:
कुछ अधातु जैसे नाइट्रोजन और फॉस्फोरस पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं। इन्हें उर्वरकों के रूप में मिट्टी में मिलाया जाता है ताकि पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें। इससे फसल की उपज और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

प्रश्न 38. धातुओं का उद्योगों में क्या महत्व है?

उत्तर:
धातुएँ उद्योगों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनका उपयोग मशीनें, वाहन, भवन और उपकरण बनाने में किया जाता है। आधुनिक तकनीक और औद्योगिक उत्पादन धातुओं के बिना संभव नहीं है। इसलिए धातुएँ आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 39. अधातुओं का चिकित्सा क्षेत्र में क्या उपयोग है?

उत्तर:
कई अधातुओं का उपयोग औषधियों और चिकित्सा में किया जाता है। उदाहरण के लिए आयोडीन का उपयोग घावों को साफ करने के लिए किया जाता है। ऑक्सीजन का उपयोग रोगियों को श्वसन सहायता देने में किया जाता है। इस प्रकार अधातु चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 40. धातु और अधातु के अध्ययन का क्या महत्व है?

उत्तर:
धातु और अधातु के गुणों का अध्ययन विज्ञान और उद्योग दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे हमें विभिन्न पदार्थों के व्यवहार और उपयोग को समझने में सहायता मिलती है। साथ ही नई तकनीकों और पदार्थों के विकास में भी यह ज्ञान उपयोगी होता है।

Long Answer type Question (NCERT BASED)

1. धातु क्या हैं? इनके प्रमुख भौतिक गुणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
धातु वे तत्व होते हैं जिनमें चमक, कठोरता, तन्यता और आघातवर्धनीयता जैसे गुण पाए जाते हैं। सामान्यतः धातुएँ ठोस अवस्था में पाई जाती हैं और उनका गलनांक अपेक्षाकृत अधिक होता है। ये ऊष्मा तथा विद्युत की अच्छी चालक होती हैं, इसलिए इनका उपयोग विद्युत तार और उपकरण बनाने में किया जाता है। धातुओं को पीटकर पतली चादर तथा खींचकर तार बनाया जा सकता है। ताँबा, लोहा और एल्युमिनियम इसके सामान्य उदाहरण हैं। आधुनिक उद्योग और तकनीक में धातुओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

2. अधातु क्या हैं? इनके मुख्य गुणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
अधातु वे तत्व होते हैं जिनमें धातुओं के विपरीत गुण पाए जाते हैं। ये सामान्यतः चमकहीन होते हैं और ऊष्मा तथा विद्युत के अच्छे चालक नहीं होते। अधिकांश अधातुएँ गैस या भंगुर ठोस अवस्था में पाई जाती हैं। इन्हें पीटकर चादर या खींचकर तार नहीं बनाया जा सकता। रासायनिक अभिक्रियाओं में अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं। ऑक्सीजन, सल्फर, कार्बन और नाइट्रोजन अधातुओं के प्रमुख उदाहरण हैं। जीवन प्रक्रियाओं और रासायनिक उद्योगों में इनका व्यापक उपयोग होता है।

3. धातु और अधातु के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
धातु और अधातु तत्वों के दो मुख्य वर्ग हैं जिनके गुण अलग-अलग होते हैं। धातुएँ सामान्यतः चमकदार होती हैं जबकि अधातुएँ चमकहीन होती हैं। धातुएँ विद्युत और ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं जबकि अधातुएँ प्रायः खराब चालक होती हैं। धातुओं को पीटकर चादर तथा खींचकर तार बनाया जा सकता है, परंतु अधातुओं में यह गुण नहीं होता। धातुएँ रासायनिक अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाती हैं, जबकि अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं। यही अंतर दोनों को अलग वर्गों में विभाजित करता है।

4. धातुओं की क्रियाशीलता श्रेणी क्या है? इसका महत्व समझाइए।

उत्तर:
धातुओं को उनकी रासायनिक क्रियाशीलता के आधार पर एक क्रम में व्यवस्थित किया जाता है जिसे क्रियाशीलता श्रेणी कहा जाता है। इस श्रेणी में सबसे ऊपर अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ होती हैं जैसे सोडियम और पोटैशियम। नीचे की ओर कम क्रियाशील धातुएँ जैसे सोना और चाँदी होती हैं। यह श्रेणी यह समझने में सहायता करती है कि कौन-सी धातु किसी यौगिक से दूसरी धातु को विस्थापित कर सकती है। धातुओं के निष्कर्षण की विधि निर्धारित करने में भी इसका उपयोग किया जाता है। इसलिए यह रसायन विज्ञान का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।

5. आयनिक यौगिक क्या होते हैं? इनके गुणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
आयनिक यौगिक वे यौगिक होते हैं जो धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉनों के आदान-प्रदान से बनते हैं। इस प्रक्रिया में धातु इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाती है और अधातु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती है। इन विपरीत आवेशित आयनों के बीच आकर्षण बल से आयनिक बंध बनता है। आयनिक यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः अधिक होता है। ये ठोस अवस्था में विद्युत का संचालन नहीं करते लेकिन पिघली अवस्था या जलीय विलयन में चालक बन जाते हैं। सोडियम क्लोराइड इसका प्रमुख उदाहरण है।

6. धातुओं के निष्कर्षण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
धातुओं को उनके अयस्क से प्राप्त करने की प्रक्रिया को धातु निष्कर्षण कहा जाता है। सबसे पहले अयस्क को पृथ्वी से खनन द्वारा प्राप्त किया जाता है। इसके बाद अयस्क में उपस्थित अशुद्धियों को हटाने के लिए परिष्करण किया जाता है। फिर रासायनिक प्रक्रियाओं और उच्च तापमान की सहायता से धातु को अलग किया जाता है। कई धातुओं के लिए भट्टियों का उपयोग किया जाता है। अंत में धातु को शुद्ध करके उपयोग के योग्य बनाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को धातु विज्ञान कहा जाता है।

7. जंग लगना क्या है? इससे बचाव के उपाय लिखिए।

उत्तर:
जब लोहे की सतह पर हवा और नमी के प्रभाव से धीरे-धीरे आयरन ऑक्साइड बनने लगता है तो इस प्रक्रिया को जंग लगना कहते हैं। जंग लगने से धातु कमजोर हो जाती है और उसका उपयोग सीमित हो जाता है। इससे मशीनों और संरचनाओं को भी नुकसान पहुँचता है। जंग से बचाव के लिए लोहे पर पेंट या ग्रीस लगाया जाता है। गैल्वेनाइजेशन द्वारा जिंक की परत चढ़ाना भी एक प्रभावी तरीका है। इसके अलावा मिश्रधातु बनाकर भी धातु को जंग से सुरक्षित रखा जा सकता है।

8. मिश्रधातु क्या होती है? इसके लाभ बताइए।

उत्तर:
दो या दो से अधिक धातुओं या धातु और अधातु को मिलाकर जो नया पदार्थ बनाया जाता है उसे मिश्रधातु कहा जाता है। मिश्रधातुएँ सामान्य धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होती हैं। इनमें जंग लगने की संभावना भी कम होती है। कई मिश्रधातुएँ विशेष गुणों के कारण उद्योगों में उपयोगी होती हैं। उदाहरण के लिए पीतल ताँबा और जिंक से मिलकर बनता है। इसी प्रकार स्टील लोहे और कार्बन का मिश्रण है जो अत्यधिक मजबूत होता है।

9. धातुओं के दैनिक जीवन में उपयोग का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
धातुएँ हमारे दैनिक जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनका उपयोग रसोई के बर्तन, विद्युत तार और मशीनों के निर्माण में किया जाता है। भवन निर्माण में लोहे और स्टील का व्यापक उपयोग होता है। एल्युमिनियम का प्रयोग हल्के उपकरण और हवाई जहाज बनाने में किया जाता है। ताँबा विद्युत उद्योग में महत्वपूर्ण धातु है। आधुनिक तकनीकी विकास धातुओं के बिना संभव नहीं है।

10. अधातुओं का मानव जीवन में क्या महत्व है?

उत्तर:
अधातुएँ मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक होती हैं। ऑक्सीजन श्वसन की प्रक्रिया के लिए जरूरी गैस है जो जीवित प्राणियों को ऊर्जा प्रदान करने में सहायता करती है। नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक तत्व है और उर्वरकों में उपयोग होती है। कार्बन सभी कार्बनिक यौगिकों का आधार है। आयोडीन का उपयोग औषधियों में किया जाता है। इस प्रकार अधातुएँ जीवन, कृषि और चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

11. धातुओं के भौतिक गुणों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

उत्तर:
धातुओं में कई विशेष भौतिक गुण पाए जाते हैं जो उन्हें अन्य तत्वों से अलग बनाते हैं। अधिकांश धातुएँ चमकदार होती हैं और उनकी सतह पर धात्विक चमक दिखाई देती है। ये ऊष्मा और विद्युत की अच्छी चालक होती हैं, इसलिए इनका उपयोग तार और विद्युत उपकरण बनाने में किया जाता है। धातुएँ कठोर और मजबूत होती हैं तथा उन्हें पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है। इसके अलावा इन्हें खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं। इन्हीं गुणों के कारण धातुएँ उद्योग और तकनीक में अत्यंत उपयोगी होती हैं।

12. अधातुओं के भौतिक गुणों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर:
अधातुओं में सामान्यतः धातुओं के विपरीत गुण पाए जाते हैं। ये अधिकतर चमकहीन होते हैं और इनकी सतह पर धात्विक चमक नहीं होती। अधातुएँ ऊष्मा और विद्युत की खराब चालक होती हैं। अधिकांश अधातुएँ गैस या भंगुर ठोस अवस्था में पाई जाती हैं। इन्हें पीटकर चादर या खींचकर तार नहीं बनाया जा सकता। कई अधातु कम घनत्व वाले होते हैं और आसानी से टूट जाते हैं। इन गुणों के कारण अधातुओं का उपयोग विशेष प्रकार की रासायनिक और जैविक प्रक्रियाओं में किया जाता है।

13. धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाती हैं? समझाइए।

उत्तर:
धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाती हैं। यह अभिक्रिया प्रायः ऊष्माक्षेपी होती है, अर्थात इसमें ऊष्मा उत्पन्न होती है। बने हुए धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं। उदाहरण के लिए मैग्नीशियम जब ऑक्सीजन में जलता है तो मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। यह सफेद रंग का ठोस पदार्थ होता है। कुछ धातु ऑक्साइड जैसे एल्युमिनियम ऑक्साइड उभयधर्मी प्रकृति के भी होते हैं।

14. अधातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाती हैं?

उत्तर:
अधातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके अधातु ऑक्साइड बनाती हैं। ये ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय प्रकृति के होते हैं और पानी में घुलकर अम्लीय विलयन बना सकते हैं। उदाहरण के लिए कार्बन ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है। इसी प्रकार सल्फर ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके सल्फर डाइऑक्साइड बनाता है। ये गैसें वातावरण और रासायनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

15. धातुओं और पानी के बीच होने वाली अभिक्रियाओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
कुछ धातुएँ पानी के साथ अभिक्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। सोडियम और पोटैशियम जैसी धातुएँ पानी के साथ बहुत तीव्र अभिक्रिया करती हैं। यह अभिक्रिया इतनी तेज होती है कि कभी-कभी आग भी लग सकती है। मैग्नीशियम और एल्युमिनियम जैसी धातुएँ गर्म पानी या भाप के साथ अभिक्रिया करती हैं। जबकि ताँबा और चाँदी जैसी कम क्रियाशील धातुएँ पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं। इससे धातुओं की क्रियाशीलता का अंतर स्पष्ट होता है।

16. धातुओं और अम्लों के बीच होने वाली अभिक्रिया को समझाइए।

उत्तर:
अधिकांश धातुएँ पतले अम्लों के साथ अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। इस प्रक्रिया में धातु अम्ल के हाइड्रोजन को विस्थापित कर देती है। उदाहरण के लिए जिंक जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो जिंक क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस बनती है। यह अभिक्रिया धातु की क्रियाशीलता पर निर्भर करती है। कुछ धातुएँ जैसे ताँबा और चाँदी सामान्य अम्लों के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं।

17. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:
वे ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया कर सकते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं। इनका व्यवहार परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है। उदाहरण के लिए एल्युमिनियम ऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड उभयधर्मी ऑक्साइड हैं। ये अम्लों के साथ अभिक्रिया करके लवण बनाते हैं और क्षारों के साथ भी प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इस विशेषता के कारण ये रासायनिक अध्ययन में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

18. धातु और अधातु से बनने वाले यौगिकों का महत्व बताइए।

उत्तर:
धातु और अधातु मिलकर अनेक प्रकार के यौगिक बनाते हैं जिनका उपयोग दैनिक जीवन में होता है। उदाहरण के लिए सोडियम और क्लोरीन मिलकर सोडियम क्लोराइड बनाते हैं जो सामान्य नमक है। इसी प्रकार कैल्शियम और ऑक्सीजन से कैल्शियम ऑक्साइड बनता है। ये यौगिक उद्योग, कृषि और चिकित्सा में उपयोगी होते हैं। धातु-अधातु के संयोजन से बनने वाले यौगिक रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण भाग हैं।

19. धातुओं के संरक्षण की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर:
धातुओं को वातावरण के प्रभाव से नुकसान हो सकता है, जैसे जंग लगना या क्षरण होना। इससे धातु की मजबूती और उपयोगिता कम हो जाती है। इसलिए धातुओं के संरक्षण की आवश्यकता होती है। इसके लिए पेंटिंग, ग्रीसिंग और गैल्वेनाइजेशन जैसी विधियाँ अपनाई जाती हैं। इससे धातुओं की आयु बढ़ जाती है और उनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकता है।

20. धातुओं के उपयोग से उद्योगों को क्या लाभ होता है?

उत्तर:

धातुएँ उद्योगों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मशीनों, उपकरणों और वाहनों के निर्माण में धातुओं का व्यापक उपयोग किया जाता है। लोहे और स्टील का उपयोग भवन निर्माण में किया जाता है। एल्युमिनियम का उपयोग हल्के और मजबूत उपकरण बनाने में होता है। धातुओं के कारण औद्योगिक उत्पादन तेज और अधिक प्रभावी बनता है। इसलिए आधुनिक उद्योग धातुओं पर काफी हद तक निर्भर करते हैं।

21. क्रियाशीलता श्रेणी क्या है? इसका वैज्ञानिक महत्व स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
क्रियाशीलता श्रेणी धातुओं की एक ऐसी सूची होती है जिसमें उन्हें उनकी रासायनिक क्रियाशीलता के अनुसार क्रमबद्ध किया जाता है। इस श्रेणी में सबसे ऊपर अत्यधिक क्रियाशील धातुएँ जैसे पोटैशियम और सोडियम होती हैं। नीचे की ओर कम क्रियाशील धातुएँ जैसे ताँबा, चाँदी और सोना होती हैं। इस श्रेणी की सहायता से यह समझा जा सकता है कि कौन-सी धातु किसी अन्य धातु को उसके यौगिक से विस्थापित कर सकती है। धातुओं के निष्कर्षण और उनके उपयोग का निर्धारण करने में भी यह श्रेणी अत्यंत उपयोगी होती है।

22. विस्थापन अभिक्रिया क्या होती है? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:
जब कोई अधिक क्रियाशील धातु किसी कम क्रियाशील धातु को उसके यौगिक से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेती है, तो इस प्रक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया कहा जाता है। यह अभिक्रिया क्रियाशीलता श्रेणी के आधार पर होती है। उदाहरण के लिए जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के घोल में रखा जाता है तो लोहे द्वारा ताँबा विस्थापित हो जाता है। परिणामस्वरूप आयरन सल्फेट बनता है और ताँबा अलग हो जाता है। इस प्रकार की अभिक्रिया धातुओं की क्रियाशीलता को दर्शाती है।

23. धातुओं का विद्युत चालकता में क्या महत्व है?

उत्तर:
धातुएँ विद्युत की उत्कृष्ट चालक होती हैं क्योंकि इनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। ये इलेक्ट्रॉन आसानी से गति करते हुए विद्युत धारा को प्रवाहित करते हैं। इसी कारण धातुओं का उपयोग विद्युत तार, केबल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है। ताँबा और एल्युमिनियम विशेष रूप से विद्युत उद्योग में महत्वपूर्ण हैं। इनकी चालकता अधिक और लागत अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए विद्युत उत्पादन और वितरण में धातुओं का महत्वपूर्ण योगदान है।

24. सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है?

उत्तर:
सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील धातुएँ होती हैं। ये हवा में उपस्थित ऑक्सीजन और पानी के साथ बहुत तेजी से अभिक्रिया करती हैं। यदि इन्हें खुले वातावरण में रखा जाए तो ये तुरंत जल सकती हैं। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी के तेल में डुबोकर रखा जाता है। मिट्टी का तेल इन धातुओं को हवा और नमी के संपर्क से बचाता है। इससे उनकी अनियंत्रित अभिक्रिया को रोका जा सकता है।

25. आयनिक यौगिकों की संरचना और विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
आयनिक यौगिक धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बनते हैं। इस प्रक्रिया में धातु धनायन और अधातु ऋणायन बनाती है। इन विपरीत आवेशित आयनों के बीच मजबूत विद्युत आकर्षण बल होता है। इसी कारण आयनिक यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक अधिक होता है। ये सामान्यतः कठोर और क्रिस्टलीय संरचना वाले होते हैं। ठोस अवस्था में ये विद्युत का संचालन नहीं करते, लेकिन पिघली अवस्था में चालक बन जाते हैं।

26. धातु विज्ञान क्या है? इसकी प्रमुख प्रक्रियाएँ बताइए।

उत्तर:
धातु विज्ञान वह विज्ञान है जिसमें अयस्कों से धातुओं को निकालने और उन्हें शुद्ध करने की प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। इसमें मुख्यतः खनन, परिष्करण और धातु निष्कर्षण शामिल होते हैं। पहले पृथ्वी से अयस्क निकाला जाता है और उसमें मौजूद अशुद्धियाँ हटाई जाती हैं। इसके बाद रासायनिक प्रक्रियाओं की सहायता से धातु प्राप्त की जाती है। अंत में धातु को शुद्ध करके उपयोग के योग्य बनाया जाता है। यह प्रक्रिया उद्योगों में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

27. अयस्क के परिष्करण की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर:
अयस्क में धातु के साथ कई प्रकार की अशुद्धियाँ भी उपस्थित रहती हैं। इन अशुद्धियों को हटाने की प्रक्रिया को परिष्करण कहा जाता है। यदि अयस्क को सीधे उपयोग में लाया जाए तो धातु शुद्ध रूप में प्राप्त नहीं होगी। परिष्करण से अयस्क में धातु की मात्रा बढ़ जाती है। इससे निष्कर्षण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो जाती है। इसलिए धातु प्राप्त करने से पहले अयस्क का परिष्करण आवश्यक होता है।

28. गैल्वेनाइजेशन क्या है? इसका उपयोग बताइए।

उत्तर:
गैल्वेनाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें लोहे या स्टील की सतह पर जिंक की पतली परत चढ़ाई जाती है। यह परत धातु को हवा और नमी के संपर्क से बचाती है। इससे लोहे में जंग लगने की संभावना कम हो जाती है। गैल्वेनाइजेशन का उपयोग लोहे की छत, पाइप और तारों को सुरक्षित रखने में किया जाता है। यह धातु संरक्षण की एक प्रभावी विधि मानी जाती है।

29. धातुओं का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर:
धातुओं का उपयोग उद्योगों और निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर होता है। लेकिन इनके खनन और प्रसंस्करण से पर्यावरण पर प्रभाव पड़ सकता है। खनन के कारण भूमि की संरचना बदल जाती है और वन क्षेत्र कम हो सकते हैं। कुछ धातुओं के अपशिष्ट पर्यावरण को प्रदूषित भी कर सकते हैं। इसलिए धातुओं का उपयोग संतुलित और जिम्मेदारी के साथ करना आवश्यक है। पुनर्चक्रण (Recycling) के माध्यम से इनका प्रभाव कम किया जा सकता है।

30. अधातुओं का उद्योगों में क्या महत्व है?

उत्तर:
अधातुएँ भी उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उदाहरण के लिए कार्बन का उपयोग ईंधन और रसायन उद्योग में किया जाता है। सल्फर का उपयोग रसायन और औषधि निर्माण में होता है। नाइट्रोजन उर्वरकों के निर्माण में महत्वपूर्ण है। ऑक्सीजन धातुओं को काटने और वेल्डिंग करने में उपयोग की जाती है। इस प्रकार अधातुएँ औद्योगिक विकास में आवश्यक संसाधन हैं।

31. धातुओं के रासायनिक गुणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
धातुएँ रासायनिक अभिक्रियाओं में सामान्यतः इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाती हैं। वे ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाती हैं जो प्रायः क्षारीय प्रकृति के होते हैं। कई धातुएँ पानी के साथ अभिक्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं। धातुएँ अम्लों के साथ भी प्रतिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। इन अभिक्रियाओं की तीव्रता धातु की क्रियाशीलता पर निर्भर करती है। यही गुण धातुओं के व्यवहार को समझने में महत्वपूर्ण होते हैं।

32. अधातुओं के रासायनिक गुणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
अधातुएँ सामान्यतः रासायनिक अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं। ये ऑक्सीजन के साथ मिलकर अधातु ऑक्साइड बनाती हैं जो प्रायः अम्लीय प्रकृति के होते हैं। अधातुएँ धातुओं के साथ अभिक्रिया करके आयनिक यौगिक बनाती हैं। कई अधातुएँ अम्लों के साथ हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं करतीं। इनका व्यवहार रासायनिक दृष्टि से धातुओं से भिन्न होता है। अधातुओं की यही विशेषताएँ उन्हें अनेक रासायनिक प्रक्रियाओं में उपयोगी बनाती हैं।

33. धातुओं के निष्कर्षण में क्रियाशीलता श्रेणी की भूमिका समझाइए।

उत्तर:
क्रियाशीलता श्रेणी धातुओं के निष्कर्षण की विधि निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अत्यधिक क्रियाशील धातुओं जैसे सोडियम और पोटैशियम को विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त किया जाता है। मध्यम क्रियाशील धातुओं जैसे जिंक और आयरन को कार्बन की सहायता से निकाला जाता है। कम क्रियाशील धातुएँ जैसे सोना और चाँदी प्रायः प्राकृतिक अवस्था में ही मिल जाती हैं। इस प्रकार क्रियाशीलता श्रेणी यह निर्धारित करने में मदद करती है कि धातु को किस विधि से प्राप्त किया जाएगा।

34. आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक अधिक क्यों होते हैं?

उत्तर:
आयनिक यौगिकों में धनायन और ऋणायन के बीच मजबूत विद्युत आकर्षण बल पाया जाता है। इन आयनों को अलग करने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि आयनिक यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः अधिक होता है। ये ठोस अवस्था में कठोर और क्रिस्टलीय संरचना वाले होते हैं। अधिक तापमान मिलने पर ही इनका बंध टूटता है और वे पिघलते हैं। इसलिए इनकी स्थिरता भी अधिक होती है।

35. धातुओं के पुनर्चक्रण (Recycling) का महत्व समझाइए।

उत्तर:
धातुओं का पुनर्चक्रण प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे नई धातु प्राप्त करने के लिए खनन की आवश्यकता कम हो जाती है। पुनर्चक्रण से ऊर्जा की भी बचत होती है और पर्यावरण प्रदूषण कम होता है। उदाहरण के लिए एल्युमिनियम का पुनर्चक्रण करने में नई धातु बनाने की तुलना में कम ऊर्जा लगती है। इसके अलावा इससे औद्योगिक कचरे की मात्रा भी कम होती है। इसलिए धातुओं का पुनर्चक्रण पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है।

36. धातुओं की तन्यता और आघातवर्धनीयता का महत्व बताइए।

उत्तर:
तन्यता और आघातवर्धनीयता धातुओं के महत्वपूर्ण भौतिक गुण हैं। तन्यता के कारण धातुओं को खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं। आघातवर्धनीयता के कारण उन्हें पीटकर पतली चादर में बदला जा सकता है। इन गुणों के कारण धातुओं का उपयोग विभिन्न उद्योगों में किया जाता है। उदाहरण के लिए एल्युमिनियम की चादरें और ताँबे के तार बनाए जाते हैं। इन गुणों के बिना धातुओं का औद्योगिक उपयोग सीमित हो जाता।

37. लोहे में जंग लगने की प्रक्रिया को समझाइए।

उत्तर:
लोहे में जंग लगना एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें लोहा हवा और नमी के संपर्क में आकर आयरन ऑक्साइड बनाता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है और समय के साथ लोहे की सतह पर लाल-भूरा पदार्थ दिखाई देता है। जंग लगने से धातु कमजोर हो जाती है। इससे मशीनों और संरचनाओं को नुकसान पहुँच सकता है। इसलिए जंग से बचाव के लिए विभिन्न सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं।

38. धातुओं और अधातुओं के उपयोग की तुलना कीजिए।

उत्तर:
धातुओं का उपयोग मुख्य रूप से निर्माण कार्य, मशीनों और विद्युत उपकरणों में किया जाता है। इनके मजबूत और चालक होने के कारण ये उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। दूसरी ओर अधातुओं का उपयोग रासायनिक, जैविक और चिकित्सा प्रक्रियाओं में किया जाता है। उदाहरण के लिए ऑक्सीजन श्वसन के लिए आवश्यक है और नाइट्रोजन उर्वरकों में प्रयुक्त होती है। दोनों प्रकार के तत्व मानव जीवन के लिए आवश्यक हैं। इनके बिना आधुनिक जीवन की कल्पना करना कठिन है।

39. धातुओं के मिश्रण से बनने वाली मिश्रधातुओं के लाभ बताइए।

उत्तर:
मिश्रधातुएँ सामान्य धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होती हैं। इनमें जंग लगने की संभावना भी कम होती है। कई मिश्रधातुएँ विशेष गुणों के कारण उद्योगों में उपयोगी होती हैं। उदाहरण के लिए स्टील लोहे और कार्बन का मिश्रण है जो अत्यधिक मजबूत होता है। पीतल ताँबा और जिंक से बनता है और सजावटी वस्तुओं में उपयोग होता है। मिश्रधातुएँ आधुनिक तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

40. अधातुओं का कृषि और चिकित्सा में महत्व समझाइए।

उत्तर:
अधातुएँ कृषि और चिकित्सा दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नाइट्रोजन और फॉस्फोरस पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक तत्व हैं और उर्वरकों में प्रयुक्त होते हैं। ऑक्सीजन का उपयोग चिकित्सा में रोगियों को श्वसन सहायता देने के लिए किया जाता है। आयोडीन का उपयोग घावों को संक्रमण से बचाने के लिए किया जाता है। सल्फर भी कई औषधियों के निर्माण में उपयोगी होता है। इस प्रकार अधातुएँ मानव स्वास्थ्य और कृषि उत्पादन दोनों के लिए आवश्यक हैं।

41. धातुओं की विद्युत चालकता का कारण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
धातुओं में विद्युत चालकता का मुख्य कारण उनमें उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं। ये इलेक्ट्रॉन धातु के परमाणुओं के बीच आसानी से गति कर सकते हैं। जब किसी धातु पर विद्युत विभव लगाया जाता है, तो ये इलेक्ट्रॉन एक दिशा में प्रवाहित होने लगते हैं। इसी कारण धातु विद्युत धारा को आसानी से संचालित करती हैं। ताँबा और एल्युमिनियम विशेष रूप से अच्छे चालक माने जाते हैं। यही कारण है कि इनका उपयोग विद्युत तार और केबल बनाने में किया जाता है।

42. धातुओं की ऊष्मा चालकता का महत्व समझाइए।

उत्तर:
धातुएँ ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं, इसलिए वे ताप को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचा सकती हैं। इस गुण के कारण धातुओं का उपयोग रसोई के बर्तन बनाने में किया जाता है। उदाहरण के लिए एल्युमिनियम और ताँबा से बने बर्तन जल्दी गर्म हो जाते हैं। उद्योगों में भी इस गुण का उपयोग विभिन्न मशीनों और उपकरणों में किया जाता है। ऊष्मा चालकता के कारण धातुएँ ऊर्जा के प्रभावी उपयोग में सहायक होती हैं।

43. धातुओं के गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः अधिक क्यों होते हैं?

उत्तर:
धातुओं के परमाणु एक मजबूत धात्विक बंध द्वारा जुड़े होते हैं। इन बंधों को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि धातुओं का गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः अधिक होता है। जब धातु को बहुत अधिक ताप दिया जाता है तब ही यह पिघलती है। इस गुण के कारण धातुएँ उच्च तापमान वाले कार्यों में उपयोगी होती हैं। उद्योगों में इस विशेषता का विशेष महत्व होता है।

44. धातुओं का निर्माण कार्यों में क्या महत्व है?

उत्तर:
धातुएँ निर्माण कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि वे मजबूत और टिकाऊ होती हैं। भवन, पुल और अन्य संरचनाएँ बनाने में लोहे और स्टील का व्यापक उपयोग किया जाता है। ये धातुएँ भारी भार को सहन करने में सक्षम होती हैं। इसके अलावा इनकी आयु भी अधिक होती है। निर्माण उद्योग में धातुओं का उपयोग संरचनाओं को मजबूत और सुरक्षित बनाता है।

45. सोना और चाँदी जैसी धातुएँ कम क्रियाशील क्यों होती हैं?

उत्तर:
सोना और चाँदी धातुएँ क्रियाशीलता श्रेणी में नीचे की ओर स्थित होती हैं। इनके परमाणु इलेक्ट्रॉन आसानी से नहीं खोते, इसलिए ये रासायनिक अभिक्रियाओं में कम भाग लेती हैं। यही कारण है कि ये धातुएँ हवा और पानी के साथ आसानी से अभिक्रिया नहीं करतीं। उनकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है। इसी विशेषता के कारण इनका उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है।

46. अधातुओं की भंगुरता का कारण बताइए।

उत्तर:
अधातुओं के परमाणुओं के बीच बंधन अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं। जब उन पर बल लगाया जाता है तो उनकी संरचना टूट जाती है। इसी कारण अधातुएँ आसानी से टूट जाती हैं और उन्हें भंगुर कहा जाता है। इन्हें पीटकर चादर या खींचकर तार नहीं बनाया जा सकता। यही गुण उन्हें धातुओं से अलग बनाता है।

47. धातुओं के औद्योगिक उपयोगों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:
धातुओं का उपयोग उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। मशीनों, उपकरणों और वाहनों के निर्माण में धातुएँ मुख्य सामग्री के रूप में प्रयोग होती हैं। लोहे और स्टील का उपयोग भारी मशीनों में किया जाता है। ताँबा और एल्युमिनियम का उपयोग विद्युत उद्योग में होता है। इसके अलावा धातुएँ जहाज, विमान और पुल बनाने में भी महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए धातुएँ औद्योगिक विकास का आधार मानी जाती हैं।

48. अधातुओं के पर्यावरणीय महत्व को समझाइए।

उत्तर:
अधातुएँ पर्यावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऑक्सीजन वायुमंडल का आवश्यक घटक है और सभी जीवों के श्वसन के लिए आवश्यक है। कार्बन प्रकृति में कार्बन चक्र का महत्वपूर्ण भाग है। नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक है और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखता है। इन तत्वों के संतुलन से पर्यावरण की स्थिरता बनी रहती है।

49. धातुओं का परिवहन साधनों में क्या महत्व है?

उत्तर:
धातुएँ परिवहन साधनों के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। कार, बस, ट्रेन और हवाई जहाज बनाने में धातुओं का उपयोग किया जाता है। स्टील और एल्युमिनियम जैसे धातु मजबूत और हल्के होते हैं, इसलिए इनका उपयोग अधिक किया जाता है। धातुओं के बिना आधुनिक परिवहन प्रणाली की कल्पना करना कठिन है। ये यात्राओं को सुरक्षित और तेज बनाती हैं।

50. धातुओं का आधुनिक तकनीक में क्या योगदान है?

उत्तर:
धातुएँ आधुनिक तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कंप्यूटर, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में विभिन्न धातुओं का उपयोग होता है। ताँबा और सिलिकॉन जैसे तत्व तकनीकी उपकरणों में आवश्यक होते हैं। इसके अलावा धातुएँ अंतरिक्ष तकनीक और संचार उपकरणों में भी उपयोगी हैं। आधुनिक विज्ञान और तकनीक धातुओं के बिना संभव नहीं है।

51. अधातुओं का रासायनिक उद्योग में क्या महत्व है?

उत्तर:
अधातुओं का उपयोग रासायनिक उद्योग में अनेक प्रकार के पदार्थ बनाने के लिए किया जाता है। सल्फर का उपयोग सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने में किया जाता है। नाइट्रोजन का उपयोग उर्वरक और रसायन बनाने में होता है। क्लोरीन का उपयोग जल शुद्धिकरण में किया जाता है। इस प्रकार अधातुएँ रासायनिक उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल हैं।

52. धातुओं के संरक्षण के लिए मिश्रधातु क्यों बनाई जाती हैं?

उत्तर:
मिश्रधातु बनाने से धातुओं के गुणों में सुधार किया जा सकता है। इससे धातु अधिक मजबूत और टिकाऊ बन जाती है। कई मिश्रधातुएँ जंग से भी सुरक्षित रहती हैं। उदाहरण के लिए स्टील लोहे की तुलना में अधिक मजबूत होता है। इसलिए उद्योगों में मिश्रधातुओं का उपयोग अधिक किया जाता है।

53. धातुओं का ऊर्जा उत्पादन में क्या योगदान है?

उत्तर:
धातुएँ ऊर्जा उत्पादन और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्युत उत्पादन केंद्रों में धातु से बने उपकरणों का उपयोग किया जाता है। बिजली को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने के लिए धातु के तारों का उपयोग होता है। इसके अलावा ऊर्जा उत्पादन के उपकरणों में भी धातुएँ आवश्यक होती हैं। इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में धातुओं का योगदान महत्वपूर्ण है।

54. धातुओं का वैज्ञानिक अनुसंधान में क्या महत्व है?

उत्तर:
धातुएँ वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रयोगशालाओं में प्रयोग होने वाले अनेक उपकरण धातुओं से बनाए जाते हैं। ये उपकरण मजबूत और टिकाऊ होते हैं। वैज्ञानिक प्रयोगों में उच्च तापमान और दबाव को सहन करने के लिए धातुएँ उपयोगी होती हैं। इसलिए अनुसंधान कार्यों में धातुओं का विशेष महत्व है।

55. अधातुओं का जैविक जीवन में क्या महत्व है?

उत्तर:
अधातुएँ जीवित प्राणियों के लिए अत्यंत आवश्यक होती हैं। ऑक्सीजन श्वसन के लिए आवश्यक है और ऊर्जा उत्पादन में सहायता करती है। कार्बन सभी कार्बनिक यौगिकों का आधार है। नाइट्रोजन प्रोटीन और डीएनए का महत्वपूर्ण भाग है। इन तत्वों के बिना जीवन की कल्पना करना संभव नहीं है।

56. धातुओं के उपयोग से समाज को क्या लाभ होता है?

उत्तर:
धातुओं के उपयोग से समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। निर्माण कार्य, परिवहन और उद्योगों में धातुओं का उपयोग जीवन को सुविधाजनक बनाता है। इनके कारण मशीनें और उपकरण विकसित हुए हैं। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी है और आर्थिक विकास हुआ है। इसलिए धातुएँ समाज के विकास की आधारशिला मानी जाती हैं।

57. अधातुओं का जल शुद्धिकरण में क्या उपयोग है?

उत्तर:
कुछ अधातुओं का उपयोग जल को शुद्ध करने के लिए किया जाता है। क्लोरीन का उपयोग पीने के पानी को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए किया जाता है। यह हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर देता है। इससे पानी सुरक्षित और स्वच्छ बनता है। इसलिए जल शुद्धिकरण में अधातुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

58. धातुओं का अंतरिक्ष विज्ञान में क्या महत्व है?

उत्तर:
अंतरिक्ष विज्ञान में धातुओं का उपयोग रॉकेट, उपग्रह और अंतरिक्ष यानों के निर्माण में किया जाता है। एल्युमिनियम और टाइटेनियम जैसी धातुएँ हल्की और मजबूत होती हैं। ये अत्यधिक ताप और दबाव को सहन कर सकती हैं। इसलिए अंतरिक्ष अनुसंधान में इन धातुओं का विशेष महत्व होता है।

59. धातुओं का चिकित्सा क्षेत्र में क्या उपयोग है?

उत्तर:
चिकित्सा क्षेत्र में धातुओं का उपयोग विभिन्न उपकरणों और उपचारों में किया जाता है। स्टेनलेस स्टील से बने उपकरण सर्जरी में उपयोग किए जाते हैं। कुछ धातुएँ कृत्रिम अंग और दंत उपचार में भी उपयोगी होती हैं। धातुओं की मजबूती और स्थायित्व उन्हें चिकित्सा उपकरणों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

60. धातु और अधातु का अध्ययन विज्ञान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर:
धातु और अधातु का अध्ययन रसायन विज्ञान का महत्वपूर्ण भाग है। इससे हमें विभिन्न तत्वों के गुण और व्यवहार को समझने में सहायता मिलती है। इन तत्वों के ज्ञान से नई तकनीक और पदार्थों का विकास संभव होता है। उद्योग, चिकित्सा और कृषि में भी इनका व्यापक उपयोग है। इसलिए विज्ञान की प्रगति के लिए धातु और अधातु का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है।

Most Important Mcq (NCERT BASED)

1. निम्न में से कौन-सा तत्व धातु है?

(A) ऑक्सीजन
(B) सल्फर
(C) ताँबा
(D) नाइट्रोजन
उत्तर: (C) ताँबा

2. निम्न में से कौन अधातु है?

(A) लोहा
(B) कार्बन
(C) एल्युमिनियम
(D) सोडियम
उत्तर: (B) कार्बन

3. धातुओं का कौन-सा गुण उन्हें तार बनाने योग्य बनाता है?

(A) भंगुरता
(B) तन्यता
(C) कठोरता
(D) चमक
उत्तर: (B) तन्यता

4. धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाने की क्षमता को क्या कहते हैं?

(A) तन्यता
(B) आघातवर्धनीयता
(C) भंगुरता
(D) चालकता
उत्तर: (B) आघातवर्धनीयता

5. निम्न में से कौन विद्युत का अच्छा चालक है?

(A) सल्फर
(B) फॉस्फोरस
(C) ताँबा
(D) ब्रोमीन
उत्तर: (C) ताँबा

6. निम्न में से कौन अधातु सामान्यतः चमकहीन होता है?

(A) सोना
(B) चाँदी
(C) सल्फर
(D) ताँबा
उत्तर: (C) सल्फर

7. कौन-सी धातु कमरे के तापमान पर तरल होती है?

(A) सोडियम
(B) पारा
(C) जिंक
(D) आयरन
उत्तर: (B) पारा

8. धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाती हैं?

(A) अम्ल
(B) लवण
(C) धातु ऑक्साइड
(D) गैस
उत्तर: (C) धातु ऑक्साइड

9. अधातु ऑक्सीजन के साथ मिलकर सामान्यतः क्या बनाती हैं?

(A) क्षार
(B) अम्लीय ऑक्साइड
(C) लवण
(D) धातु
उत्तर: (B) अम्लीय ऑक्साइड

10. निम्न में से कौन अधातु होते हुए भी विद्युत का चालक है?

(A) कार्बन (ग्रेफाइट)
(B) ऑक्सीजन
(C) सल्फर
(D) नाइट्रोजन
उत्तर: (A) कार्बन (ग्रेफाइट)

11. धातुएँ रासायनिक अभिक्रियाओं में क्या खोती हैं?

(A) प्रोटॉन
(B) न्यूट्रॉन
(C) इलेक्ट्रॉन
(D) आयन
उत्तर: (C) इलेक्ट्रॉन

12. अधातुएँ सामान्यतः क्या ग्रहण करती हैं?

(A) इलेक्ट्रॉन
(B) प्रोटॉन
(C) न्यूट्रॉन
(D) आयन
उत्तर: (A) इलेक्ट्रॉन

13. सोडियम पानी के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाता है?

(A) सोडियम ऑक्साइड
(B) सोडियम हाइड्रॉक्साइड
(C) सोडियम क्लोराइड
(D) सोडियम सल्फेट
उत्तर: (B) सोडियम हाइड्रॉक्साइड

14. धातु और अम्ल की अभिक्रिया से कौन-सी गैस निकलती है?

(A) ऑक्सीजन
(B) हाइड्रोजन
(C) नाइट्रोजन
(D) कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर: (B) हाइड्रोजन

15. निम्न में से कौन सबसे अधिक क्रियाशील धातु है?

(A) सोना
(B) सोडियम
(C) चाँदी
(D) ताँबा
उत्तर: (B) सोडियम

16. निम्न में से कौन कम क्रियाशील धातु है?

(A) सोना
(B) पोटैशियम
(C) सोडियम
(D) कैल्शियम
उत्तर: (A) सोना

17. धातुओं की क्रियाशीलता का क्रम किससे दर्शाया जाता है?

(A) आवर्त सारणी
(B) क्रियाशीलता श्रेणी
(C) रासायनिक सूत्र
(D) परमाणु संख्या
उत्तर: (B) क्रियाशीलता श्रेणी

18. धातु + पानी → क्या बनता है?

(A) लवण + गैस
(B) धातु हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन
(C) ऑक्साइड + गैस
(D) अम्ल + गैस
उत्तर: (B) धातु हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन

19. जिंक अम्ल से अभिक्रिया करके कौन-सी गैस देता है?

(A) ऑक्सीजन
(B) हाइड्रोजन
(C) क्लोरीन
(D) नाइट्रोजन
उत्तर: (B) हाइड्रोजन

20. आयनिक यौगिकों में बंध किसके कारण बनते हैं?

(A) इलेक्ट्रॉन साझा करना
(B) इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण
(C) न्यूट्रॉन स्थानांतरण
(D) प्रोटॉन साझा करना
उत्तर: (B) इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण

21. धातुओं की सतह सामान्यतः कैसी होती है?

(A) चमकदार
(B) खुरदरी
(C) रंगहीन
(D) भंगुर
उत्तर: (A) चमकदार

22. अधातुओं का सामान्य गुण क्या है?

(A) तन्यता
(B) आघातवर्धनीयता
(C) भंगुरता
(D) चमक
उत्तर: (C) भंगुरता

23. धातुएँ ऊष्मा की कैसी चालक होती हैं?

(A) कमजोर
(B) अच्छी
(C) बिल्कुल नहीं
(D) बहुत कम
उत्तर: (B) अच्छी

24. निम्न में से कौन धातु नहीं है?

(A) आयरन
(B) कॉपर
(C) सल्फर
(D) जिंक
उत्तर: (C) सल्फर

25. धातुओं का गलनांक सामान्यतः कैसा होता है?

(A) बहुत कम
(B) अधिक
(C) शून्य
(D) स्थिर
उत्तर: (B) अधिक

26. विद्युत तार बनाने में सामान्यतः किस धातु का उपयोग किया जाता है?

(A) सोना
(B) ताँबा
(C) जिंक
(D) टिन
उत्तर: (B) ताँबा

27. आभूषण बनाने में किस धातु का उपयोग अधिक किया जाता है?

(A) आयरन
(B) सोना
(C) जिंक
(D) एलुमिनियम
उत्तर: (B) सोना

28. स्टील किसका मिश्रधातु है?

(A) लोहा + कार्बन
(B) ताँबा + जिंक
(C) ताँबा + टिन
(D) जिंक + आयरन
उत्तर: (A) लोहा + कार्बन

29. पीतल किसका मिश्रधातु है?

(A) ताँबा + टिन
(B) ताँबा + जिंक
(C) लोहा + कार्बन
(D) एल्युमिनियम + ताँबा
उत्तर: (B) ताँबा + जिंक

30. कांसा किसका मिश्रधातु है?

(A) ताँबा + टिन
(B) ताँबा + जिंक
(C) आयरन + कार्बन
(D) जिंक + एलुमिनियम
उत्तर: (A) ताँबा + टिन

31. लोहे में जंग लगने का मुख्य कारण क्या है?

(A) नमी और ऑक्सीजन
(B) केवल ऑक्सीजन
(C) केवल पानी
(D) कार्बन
उत्तर: (A) नमी और ऑक्सीजन

32. लोहे को जंग से बचाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?

(A) ऑक्सीकरण
(B) गैल्वनाइजेशन
(C) अपचयन
(D) संघनन
उत्तर: (B) गैल्वनाइजेशन

33. आयनिक यौगिक सामान्यतः किस अवस्था में विद्युत का संचालन करते हैं?

(A) ठोस अवस्था
(B) पिघली अवस्था
(C) गैसीय अवस्था
(D) शुष्क अवस्था
उत्तर: (B) पिघली अवस्था

34. सोडियम क्लोराइड किस प्रकार का यौगिक है?

(A) सहसंयोजक
(B) आयनिक
(C) धात्विक
(D) मिश्रित
उत्तर: (B) आयनिक

35. आयनिक यौगिक सामान्यतः किसमें घुलनशील होते हैं?

(A) तेल
(B) पेट्रोल
(C) पानी
(D) केरोसीन
उत्तर: (C) पानी

36. अत्यधिक क्रियाशील धातुएँ किस विधि से प्राप्त की जाती हैं?

(A) आसवन
(B) विद्युत अपघटन
(C) वाष्पीकरण
(D) संघनन
उत्तर: (B) विद्युत अपघटन

37. मध्यम क्रियाशील धातुओं का निष्कर्षण किससे किया जाता है?

(A) कार्बन द्वारा अपचयन
(B) ऑक्सीकरण
(C) संघनन
(D) उबालना
उत्तर: (A) कार्बन द्वारा अपचयन

38. धातुओं की क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे ऊपर कौन-सी धातु होती है?

(A) सोडियम
(B) सोना
(C) ताँबा
(D) चाँदी
उत्तर: (A) सोडियम

39. धातु और अधातु के बीच बनने वाला यौगिक सामान्यतः कैसा होता है?

(A) सहसंयोजक
(B) आयनिक
(C) धात्विक
(D) अम्लीय
उत्तर: (B) आयनिक

40. निम्न में से कौन-सा तत्व अधातु है?

(A) आयरन
(B) कैल्शियम
(C) फॉस्फोरस
(D) मैग्नीशियम
उत्तर: (C) फॉस्फोरस

41. धातुओं का कौन-सा गुण उन्हें बिजली के तार बनाने में उपयोगी बनाता है?

(A) तन्यता
(B) चालकता
(C) कठोरता
(D) घनत्व
उत्तर: (B) चालकता

42. अधातुओं का गलनांक सामान्यतः कैसा होता है?

(A) बहुत अधिक
(B) कम
(C) स्थिर
(D) शून्य
उत्तर: (B) कम

43. निम्न में से कौन अधातु होते हुए भी चमकदार होता है?

(A) आयोडीन
(B) सल्फर
(C) कार्बन
(D) नाइट्रोजन
उत्तर: (A) आयोडीन

44. धातुएँ अम्लों के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाती हैं?

(A) लवण और हाइड्रोजन गैस
(B) लवण और ऑक्सीजन
(C) ऑक्साइड
(D) कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर: (A) लवण और हाइड्रोजन गैस

45. निम्न में से कौन अधातु गैसीय अवस्था में पाया जाता है?

(A) ऑक्सीजन
(B) कार्बन
(C) सल्फर
(D) आयोडीन
उत्तर: (A) ऑक्सीजन

46. धातुओं की कठोरता का उदाहरण कौन-सी धातु है?

(A) आयरन
(B) सोडियम
(C) पोटैशियम
(D) लिथियम
उत्तर: (A) आयरन

47. सोना किस कारण से लंबे समय तक चमकदार रहता है?

(A) कम क्रियाशीलता
(B) अधिक क्रियाशीलता
(C) उच्च गलनांक
(D) कम घनत्व
उत्तर: (A) कम क्रियाशीलता

48. अधातुएँ सामान्यतः किस प्रकार के ऑक्साइड बनाती हैं?

(A) क्षारीय
(B) अम्लीय
(C) तटस्थ
(D) धात्विक
उत्तर: (B) अम्लीय

49. धातुओं का उपयोग मशीनें बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे रंगहीन होती हैं
(B) वे मजबूत और टिकाऊ होती हैं
(C) वे भंगुर होती हैं
(D) वे हल्की होती हैं
उत्तर: (B) वे मजबूत और टिकाऊ होती हैं

50. धातुओं के मिश्रण से बनने वाले पदार्थ को क्या कहते हैं?

(A) लवण
(B) मिश्रधातु
(C) अम्ल
(D) क्षार
उत्तर: (B) मिश्रधातु51. धातुओं का कौन-सा गुण उन्हें पीटकर आकार देने योग्य बनाता है?

(A) भंगुरता
(B) आघातवर्धनीयता
(C) कठोरता
(D) घनत्व
उत्तर: (B) आघातवर्धनीयता

52. निम्न में से कौन सबसे अधिक क्रियाशील धातु है?

(A) पोटैशियम
(B) सोना
(C) ताँबा
(D) चाँदी
उत्तर: (A) पोटैशियम

53. धातुओं की क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे कौन-सी धातु पाई जाती है?

(A) सोना
(B) पोटैशियम
(C) सोडियम
(D) कैल्शियम
उत्तर: (A) सोना

54. धातुओं के साथ ऑक्सीजन की अभिक्रिया से बनने वाला पदार्थ क्या कहलाता है?

(A) धातु ऑक्साइड
(B) अम्ल
(C) लवण
(D) गैस
उत्तर: (A) धातु ऑक्साइड

55. अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः किस प्रकृति के होते हैं?

(A) क्षारीय
(B) अम्लीय
(C) तटस्थ
(D) धात्विक
उत्तर: (B) अम्लीय

56. निम्न में से कौन-सी धातु सबसे अधिक उपयोग में लाई जाती है?

(A) आयरन
(B) सोना
(C) चाँदी
(D) प्लेटिनम
उत्तर: (A) आयरन

57. धातुओं को जंग से बचाने के लिए उन पर जिंक की परत चढ़ाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

(A) गैल्वनाइजेशन
(B) ऑक्सीकरण
(C) अपचयन
(D) आसवन
उत्तर: (A) गैल्वनाइजेशन

58. निम्न में से कौन-सा तत्व धातु नहीं है?

(A) मैग्नीशियम
(B) कैल्शियम
(C) फॉस्फोरस
(D) सोडियम
उत्तर: (C) फॉस्फोरस

59. धातुओं का उपयोग बिजली के उपकरणों में क्यों किया जाता है?

(A) वे हल्की होती हैं
(B) वे अच्छी चालक होती हैं
(C) वे भंगुर होती हैं
(D) वे रंगहीन होती हैं
उत्तर: (B) वे अच्छी चालक होती हैं

60. निम्न में से कौन अधातु गैस के रूप में पाया जाता है?

(A) नाइट्रोजन
(B) कार्बन
(C) सल्फर
(D) आयोडीन
उत्तर: (A) नाइट्रोजन

61. निम्न में से कौन धातु का उदाहरण है?

(A) ब्रोमीन
(B) ताँबा
(C) क्लोरीन
(D) सल्फर
उत्तर: (B) ताँबा

62. अधातुएँ सामान्यतः किस प्रकार के बंध बनाती हैं?

(A) आयनिक बंध
(B) सहसंयोजक बंध
(C) धात्विक बंध
(D) हाइड्रोजन बंध
उत्तर: (B) सहसंयोजक बंध

63. धातुओं का रंग सामान्यतः कैसा होता है?

(A) चमकदार
(B) फीका
(C) पारदर्शी
(D) नीला
उत्तर: (A) चमकदार

64. अधातुओं का उपयोग उर्वरकों में किस तत्व के रूप में किया जाता है?

(A) नाइट्रोजन
(B) आयरन
(C) जिंक
(D) कॉपर
उत्तर: (A) नाइट्रोजन

65. धातुओं का कौन-सा गुण उन्हें मशीनों के निर्माण के लिए उपयुक्त बनाता है?

(A) कठोरता और मजबूती
(B) भंगुरता
(C) रंगहीनता
(D) हल्कापन
उत्तर: (A) कठोरता और मजबूती

66. निम्न में से कौन अधातु ठोस अवस्था में पाया जाता है?

(A) कार्बन
(B) ऑक्सीजन
(C) नाइट्रोजन
(D) हाइड्रोजन
उत्तर: (A) कार्बन

67. धातुओं का उपयोग रसोई के बर्तन बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे भंगुर होती हैं
(B) वे ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं
(C) वे हल्की होती हैं
(D) वे रंगीन होती हैं
उत्तर: (B) वे ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं

68. निम्न में से कौन-सी धातु पानी के साथ तीव्र अभिक्रिया करती है?

(A) सोडियम
(B) ताँबा
(C) चाँदी
(D) सोना
उत्तर: (A) सोडियम

69. धातुओं और अधातुओं के बीच बनने वाला यौगिक क्या कहलाता है?

(A) आयनिक यौगिक
(B) सहसंयोजक यौगिक
(C) धात्विक यौगिक
(D) तटस्थ यौगिक
उत्तर: (A) आयनिक यौगिक

70. आयनिक यौगिकों का गलनांक सामान्यतः कैसा होता है?

(A) बहुत कम
(B) अधिक
(C) शून्य
(D) अस्थिर
उत्तर: (B) अधिक

71. निम्न में से कौन अधातु है?

(A) क्लोरीन
(B) कैल्शियम
(C) सोडियम
(D) आयरन
उत्तर: (A) क्लोरीन

72. धातुओं का उपयोग पुल बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे कमजोर होती हैं
(B) वे मजबूत होती हैं
(C) वे पारदर्शी होती हैं
(D) वे रंगीन होती हैं
उत्तर: (B) वे मजबूत होती हैं

73. अधातुओं का उपयोग चिकित्सा में किस रूप में किया जाता है?

(A) ऑक्सीजन
(B) आयरन
(C) कॉपर
(D) जिंक
उत्तर: (A) ऑक्सीजन

74. धातुओं के मिश्रण को क्या कहा जाता है?

(A) लवण
(B) मिश्रधातु
(C) अम्ल
(D) क्षार
उत्तर: (B) मिश्रधातु

75. निम्न में से कौन मिश्रधातु का उदाहरण है?

(A) स्टील
(B) ऑक्सीजन
(C) नाइट्रोजन
(D) कार्बन
उत्तर: (A) स्टील

76. धातुओं का उपयोग सिक्के बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे टिकाऊ होती हैं
(B) वे हल्की होती हैं
(C) वे पारदर्शी होती हैं
(D) वे गैस होती हैं
उत्तर: (A) वे टिकाऊ होती हैं

77. अधातुओं का उपयोग किस गैस के रूप में श्वसन में होता है?

(A) ऑक्सीजन
(B) कार्बन
(C) सल्फर
(D) आयोडीन
उत्तर: (A) ऑक्सीजन

78. धातुओं की कौन-सी विशेषता उन्हें तार बनाने में उपयोगी बनाती है?

(A) तन्यता
(B) भंगुरता
(C) कठोरता
(D) घनत्व
उत्तर: (A) तन्यता

79. निम्न में से कौन अधातु है?

(A) ब्रोमीन
(B) आयरन
(C) सोडियम
(D) कैल्शियम
उत्तर: (A) ब्रोमीन

80. धातुओं का उपयोग वाहनों के निर्माण में क्यों किया जाता है?

(A) वे मजबूत होती हैं
(B) वे गैस होती हैं
(C) वे भंगुर होती हैं
(D) वे पारदर्शी होती हैं
उत्तर: (A) वे मजबूत होती हैं

81. निम्न में से कौन धातु है?

(A) एलुमिनियम
(B) ऑक्सीजन
(C) क्लोरीन
(D) सल्फर
उत्तर: (A) एलुमिनियम

82. अधातुओं का गलनांक सामान्यतः कैसा होता है?

(A) अधिक
(B) कम
(C) स्थिर
(D) अनंत
उत्तर: (B) कम

83. धातुओं का उपयोग तार बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) उनकी तन्यता के कारण
(B) उनकी भंगुरता के कारण
(C) उनकी हल्केपन के कारण
(D) उनके रंग के कारण
उत्तर: (A) उनकी तन्यता के कारण

84. निम्न में से कौन अधातु है?

(A) आयोडीन
(B) कॉपर
(C) जिंक
(D) आयरन
उत्तर: (A) आयोडीन

85. धातुओं का उपयोग इमारतों के निर्माण में क्यों किया जाता है?

(A) वे मजबूत और टिकाऊ होती हैं
(B) वे पारदर्शी होती हैं
(C) वे गैसीय होती हैं
(D) वे रंगीन होती हैं
उत्तर: (A) वे मजबूत और टिकाऊ होती हैं

86. अधातुओं का उपयोग जल शुद्धिकरण में किस तत्व के रूप में होता है?

(A) क्लोरीन
(B) सोडियम
(C) आयरन
(D) कॉपर
उत्तर: (A) क्लोरीन

87. धातुओं की सतह को चमकदार बनाने के लिए क्या किया जाता है?

(A) पॉलिश
(B) ऑक्सीकरण
(C) अपचयन
(D) उबालना
उत्तर: (A) पॉलिश

88. निम्न में से कौन अधातु गैस है?

(A) हाइड्रोजन
(B) आयरन
(C) कॉपर
(D) एलुमिनियम
उत्तर: (A) हाइड्रोजन

89. धातुओं का उपयोग बिजली के तार बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे अच्छे चालक होते हैं
(B) वे गैस होते हैं
(C) वे भंगुर होते हैं
(D) वे रंगहीन होते हैं
उत्तर: (A) वे अच्छे चालक होते हैं

90. अधातुओं का उपयोग उर्वरकों में किस तत्व के रूप में होता है?

(A) फॉस्फोरस
(B) आयरन
(C) कॉपर
(D) जिंक
उत्तर: (A) फॉस्फोरस

91. धातुओं का उपयोग औजार बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे कठोर होती हैं
(B) वे गैस होती हैं
(C) वे हल्की होती हैं
(D) वे रंगीन होती हैं
उत्तर: (A) वे कठोर होती हैं

92. निम्न में से कौन अधातु है?

(A) सल्फर
(B) मैग्नीशियम
(C) एलुमिनियम
(D) कैल्शियम
उत्तर: (A) सल्फर

93. धातुओं का उपयोग सिक्के बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे टिकाऊ होती हैं
(B) वे गैसीय होती हैं
(C) वे पारदर्शी होती हैं
(D) वे भंगुर होती हैं
उत्तर: (A) वे टिकाऊ होती हैं

94. अधातुओं का उपयोग औषधि निर्माण में किस तत्व के रूप में होता है?

(A) आयोडीन
(B) आयरन
(C) कॉपर
(D) जिंक
उत्तर: (A) आयोडीन

95. धातुओं का उपयोग रेल की पटरियाँ बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे मजबूत होती हैं
(B) वे हल्की होती हैं
(C) वे पारदर्शी होती हैं
(D) वे गैसीय होती हैं
उत्तर: (A) वे मजबूत होती हैं

96. अधातुओं का उपयोग वातावरण में किस गैस के रूप में होता है?

(A) नाइट्रोजन
(B) कॉपर
(C) आयरन
(D) जिंक
उत्तर: (A) नाइट्रोजन

97. धातुओं का उपयोग हवाई जहाज बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे मजबूत और हल्की होती हैं
(B) वे गैसीय होती हैं
(C) वे पारदर्शी होती हैं
(D) वे भंगुर होती हैं
उत्तर: (A) वे मजबूत और हल्की होती हैं

98. अधातुओं का उपयोग रासायनिक उद्योग में किस रूप में किया जाता है?

(A) कच्चे पदार्थ
(B) मशीन
(C) उपकरण
(D) ईंधन
उत्तर: (A) कच्चे पदार्थ

99. धातुओं का उपयोग बिजली के उपकरण बनाने में क्यों किया जाता है?

(A) वे अच्छे चालक होते हैं
(B) वे गैस होते हैं
(C) वे भंगुर होते हैं
(D) वे पारदर्शी होते हैं
उत्तर: (A) वे अच्छे चालक होते हैं

100. धातु और अधातु का अध्ययन किस विज्ञान की शाखा में किया जाता है?

(A) रसायन विज्ञान
(B) भौतिक विज्ञान
(C) जीव विज्ञान
(D) भूगोल
उत्तर: (A) रसायन विज्ञान

Most Important Equitation and Formule (NCERT BASED)

1. धातु (Metal) – परिभाषा

परिभाषा:
धातु वे तत्व होते हैं जो सामान्यतः चमकदार, ऊष्मा और विद्युत के अच्छे चालक, तन्य तथा आघातवर्धनीय होते हैं।
धातुएँ रासायनिक अभिक्रियाओं में सामान्यतः इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन (Cation) बनाती हैं।

उदाहरण: लोहा (Fe), ताँबा (Cu), एल्युमिनियम (Al), सोडियम (Na)

Character Sketch

  • चमकदार सतह
  • ऊष्मा और विद्युत के अच्छे चालक
  • तन्य (तार बनाए जा सकते हैं)
  • आघातवर्धनीय (चादर बनाई जा सकती है)
“Class 10 science diagram showing properties of metals including conductivity, malleability and ductility”

2. अधातु (Non-metal) – परिभाषा

परिभाषा:
अधातु वे तत्व होते हैं जो सामान्यतः चमकहीन, भंगुर तथा ऊष्मा और विद्युत के खराब चालक होते हैं।
ये रासायनिक अभिक्रियाओं में सामान्यतः इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (Anion) बनाते हैं।

उदाहरण: ऑक्सीजन (O), सल्फर (S), कार्बन (C), नाइट्रोजन (N)

Character Sketch

  • चमक नहीं होती
  • भंगुर होते हैं
  • खराब चालक
  • इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं
“Educational diagram showing properties of non metals such as brittleness and poor conductivity”

3. धातु और ऑक्सीजन की अभिक्रिया

रासायनिक समीकरण

2Mg+O22MgO2Mg + O_2 → 2MgO

व्याख्या:
जब धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करती है तो धातु ऑक्साइड बनता है।
धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं।

Character Sketch

  • धातु + ऑक्सीजन
  • धातु ऑक्साइड बनता है
  • ऊष्मा उत्पन्न होती है
“Magnesium reacting with oxygen forming magnesium oxide chemical reaction diagram for class 10 science”

4. अधातु और ऑक्सीजन की अभिक्रिया

रासायनिक समीकरण

C+O2CO2C + O_2 → CO_2

व्याख्या:
अधातु जब ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करते हैं तो अधातु ऑक्साइड बनता है।
ये ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय प्रकृति के होते हैं।

Character Sketch

  • अधातु + ऑक्सीजन
  • अम्लीय ऑक्साइड बनता है
  • गैस उत्पन्न हो सकती है
“Chemical equation diagram carbon plus oxygen forming carbon dioxide”

5. धातु और पानी की अभिक्रिया

रासायनिक समीकरण

2Na+2H2O2NaOH+H22Na + 2H_2O → 2NaOH + H_2

व्याख्या:
कुछ धातुएँ पानी के साथ अभिक्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं।

Character Sketch

  • सोडियम पानी में डालते ही प्रतिक्रिया
  • बुलबुले बनते हैं
  • हाइड्रोजन गैस निकलती है
“Diagram showing sodium reacting with water forming sodium hydroxide and hydrogen gas”

6. धातु और अम्ल की अभिक्रिया

रासायनिक समीकरण

Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl → ZnCl_2 + H_2

व्याख्या:
धातु अम्ल के साथ अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाती है।

Character Sketch

  • जिंक + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
  • बुलबुले दिखाई देते हैं
  • हाइड्रोजन गैस निकलती है
“Zinc reacting with hydrochloric acid producing hydrogen gas diagram”

7. आयनिक यौगिक (Ionic Compound)

परिभाषा:
वे यौगिक जिनका निर्माण इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से बने धनायन और ऋणायन के आकर्षण से होता है, उन्हें आयनिक यौगिक कहते हैं।

उदाहरण:
NaCl, MgO

Character Sketch

  • धनायन और ऋणायन
  • मजबूत आकर्षण बल
  • उच्च गलनांक

8. मिश्रधातु (Alloy)

परिभाषा:
दो या दो से अधिक धातुओं या धातु और अधातु के मिश्रण से बनने वाले पदार्थ को मिश्रधातु कहते हैं।

उदाहरण:

  • स्टील = लोहा + कार्बन
  • पीतल = ताँबा + जिंक

Character Sketch

  • धातुओं का मिश्रण
  • अधिक मजबूत
  • जंग से सुरक्षा


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