Most Important Points (NCERT BASED)
(👁️) मानव नेत्र एवं रंगीन संसार
- मानव नेत्र एक प्राकृतिक प्रकाशीय उपकरण है जो हमें वस्तुओं को देखने की क्षमता देता है।
- आँख का मुख्य कार्य प्रकाश को ग्रहण करके मस्तिष्क तक सूचना पहुँचाना है।
- मानव नेत्र का आकार लगभग एक गोलाकार गेंद जैसा होता है।
- आँख का बाहरी भाग कॉर्निया (Cornea) कहलाता है जो पारदर्शी होता है।
- कॉर्निया आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश को मोड़ने का कार्य करता है।
- आँख का रंगीन भाग आइरिस (Iris) कहलाता है।
- आइरिस पुतली के आकार को नियंत्रित करता है।
- पुतली (Pupil) से होकर प्रकाश आँख के अंदर जाता है।
- अधिक प्रकाश में पुतली छोटी हो जाती है।
- कम प्रकाश में पुतली बड़ी हो जाती है।
- आँख का लेंस उत्तल (Convex) होता है।
- लेंस का मुख्य कार्य प्रकाश को फोकस करना है।
- लेंस की फोकस दूरी बदलने की क्षमता को समायोजन शक्ति कहते हैं।
- रेटिना पर वस्तु की वास्तविक, उलटी और छोटी छवि बनती है।
- रेटिना प्रकाश के प्रति संवेदनशील कोशिकाओं से बनी होती है।
- ये कोशिकाएँ प्रकाश को विद्युत संकेतों में बदल देती हैं।
- ऑप्टिक नर्व इन संकेतों को मस्तिष्क तक पहुँचाती है।
- मस्तिष्क इन संकेतों को चित्र के रूप में पहचानता है।
- आँख की पुतली और आइरिस मिलकर प्रकाश की मात्रा नियंत्रित करते हैं।
- स्वस्थ आँख 25 सेमी से अनंत दूरी तक साफ देख सकती है।
- आँख की निकटतम स्पष्ट दृष्टि दूरी 25 सेमी होती है।
- आँख की दूर की स्पष्ट दृष्टि दूरी अनंत होती है।
- यदि कोई व्यक्ति पास की वस्तु नहीं देख पाता, तो उसे दूरदृष्टि दोष होता है।
- यदि कोई व्यक्ति दूर की वस्तु नहीं देख पाता, तो उसे निकटदृष्टि दोष होता है।
- निकटदृष्टि दोष को अवतल लेंस से सुधारा जाता है।
- दूरदृष्टि दोष को उत्तल लेंस से सुधारा जाता है।
- वृद्धावस्था में आँख की लेंस की शक्ति कम हो जाती है।
- इस स्थिति को प्रेसबायोपिया कहा जाता है।
- द्वि-फोकस लेंस से प्रेसबायोपिया को सुधारा जा सकता है।
- आँख की देखभाल के लिए पर्याप्त रोशनी जरूरी है।
- सूर्य का प्रकाश सात रंगों का मिश्रण होता है।
- इन सात रंगों को VIBGYOR से याद किया जाता है।
- प्रिज्म से प्रकाश का अपवर्तन होकर रंगों में विभाजन होता है।
- इस प्रक्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।
- इंद्रधनुष सूर्य के प्रकाश के विक्षेपण से बनता है।
- इंद्रधनुष में लाल रंग ऊपर और बैंगनी नीचे होता है।
- आकाश का रंग नीला दिखाई देता है।
- यह प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण होता है।
- सूर्यास्त के समय आकाश लाल दिखता है।
- लाल रंग का प्रकीर्णन कम होता है इसलिए वह अधिक दूरी तय करता है।
- चाँद हमें सफेद दिखाई देता है क्योंकि वह सभी रंगों को परावर्तित करता है।
- बादल सफेद दिखते हैं क्योंकि वे सभी तरंगदैर्घ्य बिखेरते हैं।
- नीला रंग अधिक बिखरता है क्योंकि उसकी तरंगदैर्घ्य कम होती है।
- धुआँ और धूल कण प्रकाश को बिखेरते हैं।
- ट्रैफिक सिग्नल में लाल रंग का प्रयोग किया जाता है।
- क्योंकि लाल रंग दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है।
- आँखें हमारे जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं।
- नियमित जाँच से आँखों के दोषों को रोका जा सकता है।
- पौष्टिक आहार आँखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
- गाजर और हरी सब्जियाँ आँखों के लिए लाभकारी होती हैं।
Short Answer type Quesiton (NCERT BASED)
Q1. मानव नेत्र को प्रकाशीय यंत्र क्यों कहा जाता है? (UP Board 2022)
उत्तर:
मानव नेत्र प्रकाश की सहायता से वस्तुओं को देखने का कार्य करता है। यह प्रकाश को ग्रहण कर रेटिना पर छवि बनाता है। फिर मस्तिष्क उस छवि को पहचानता है। इसी कारण इसे प्रकाशीय यंत्र कहा जाता है।
Q2. कॉर्निया का महत्व लिखिए। (UP Board 2021)
उत्तर:
कॉर्निया आँख का पारदर्शी बाहरी भाग होता है। यह आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश को मोड़ता है। यह आँख को धूल और चोट से भी बचाता है। इससे स्पष्ट दृष्टि प्राप्त होती है।
Q3. पुतली की भूमिका क्या है? (ICSE 2020)
उत्तर:
पुतली प्रकाश को आँख के अंदर प्रवेश करने देती है। तेज प्रकाश में यह छोटी हो जाती है और कम प्रकाश में बड़ी हो जाती है। इससे आँख में जाने वाली रोशनी नियंत्रित होती है।
Q4. आइरिस क्या है और इसका कार्य क्या है? (ICSE 2021)
उत्तर:
आइरिस आँख का रंगीन भाग होता है। यह पुतली के आकार को नियंत्रित करता है। इसके द्वारा आँख में जाने वाली रोशनी को संतुलित किया जाता है।
Q5. रेटिना का कार्य बताइए। (UP Board 2020)
उत्तर:
रेटिना आँख की भीतरी परत होती है। इस पर वस्तु की वास्तविक और उलटी छवि बनती है। इसमें प्रकाश-संवेदी कोशिकाएँ होती हैं जो संकेतों को मस्तिष्क तक भेजती हैं।
Q6. ऑप्टिक नर्व का क्या कार्य है? (ICSE 2022)
उत्तर:
ऑप्टिक नर्व रेटिना से मस्तिष्क तक संकेत पहुँचाती है। ये संकेत प्रकाश से बने होते हैं। मस्तिष्क इन्हें चित्र के रूप में पहचानता है।
Q7. आँख का लेंस कैसा होता है? (UP Board 2023)
उत्तर:
मानव नेत्र का लेंस उत्तल होता है। यह प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित करता है। इससे छवि रेटिना पर बनती है।
Q8. समायोजन शक्ति क्या होती है? (ICSE 2021)
उत्तर:
आँख की लेंस की अपनी फोकस दूरी बदलने की क्षमता को समायोजन शक्ति कहते हैं। इससे हम पास और दूर दोनों वस्तुएँ साफ देख पाते हैं।
Q9. निकट दृष्टि दोष क्या है? (UP Board 2022)
उत्तर:
इस दोष में व्यक्ति दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पाता। छवि रेटिना से पहले बनती है। इसे अवतल लेंस से सुधारा जाता है।
Q10. दूर दृष्टि दोष क्या होता है? (ICSE 2020)
उत्तर:
इस दोष में व्यक्ति पास की वस्तुएँ ठीक से नहीं देख पाता। छवि रेटिना के पीछे बनती है। इसे उत्तल लेंस से ठीक किया जाता है।
Q11. प्रेसबायोपिया क्या है? (UP Board 2021)
उत्तर:
यह वृद्धावस्था में होने वाला दोष है। इसमें आँख की समायोजन क्षमता कम हो जाती है। व्यक्ति पास और दूर दोनों देखने में कठिनाई महसूस करता है।
Q12. सूर्य का प्रकाश किन रंगों से मिलकर बना है? (ICSE 2022)
उत्तर:
सूर्य का प्रकाश सात रंगों से बना होता है। ये हैं – बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल। इन्हें VIBGYOR कहते हैं।
Q13. वर्ण विक्षेपण क्या है? (UP Board 2020)
उत्तर:
जब सफेद प्रकाश प्रिज्म से गुजरता है और सात रंगों में विभाजित हो जाता है तो इसे वर्ण विक्षेपण कहते हैं। यही इंद्रधनुष बनने का कारण है।
Q14. इंद्रधनुष कैसे बनता है? (ICSE 2021)
उत्तर:
इंद्रधनुष सूर्य के प्रकाश के अपवर्तन और विक्षेपण से बनता है। वर्षा की बूँदें प्रिज्म की तरह काम करती हैं और प्रकाश को सात रंगों में बाँट देती हैं।
Q15. आकाश नीला क्यों दिखाई देता है? (UP Board 2022)
उत्तर:
नीले रंग का प्रकीर्णन अधिक होता है क्योंकि इसकी तरंगदैर्घ्य कम होती है। इसलिए नीला रंग अधिक बिखरता है और आकाश नीला दिखता है।
Q16. सूर्यास्त के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है? (ICSE 2020)
उत्तर:
सूर्यास्त के समय सूर्य की किरणें अधिक दूरी तय करती हैं। नीला रंग बिखर जाता है और लाल रंग कम बिखरता है, इसलिए सूर्य लाल दिखाई देता है।
Q17. ट्रैफिक सिग्नल में लाल रंग क्यों होता है? (UP Board 2021)
उत्तर:
लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है। यह दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसलिए ट्रैफिक सिग्नल में लाल रंग प्रयोग किया जाता है।
Q18. प्रकीर्णन क्या है? (ICSE 2022)
उत्तर:
प्रकाश का कणों से टकराकर फैल जाना प्रकीर्णन कहलाता है। यही नीले आकाश और लाल सूर्यास्त का कारण है।
Q19. बादल सफेद क्यों दिखते हैं? (UP Board 2020)
उत्तर:
बादल सभी रंगों को समान रूप से बिखेरते हैं। इसलिए वे सफेद दिखाई देते हैं। उनमें पानी की बूँदें प्रकाश को फैलाती हैं।
Q20. चंद्रमा सफेद क्यों दिखाई देता है? (ICSE 2021)
उत्तर:
चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है। वह सभी रंगों को वापस भेजता है। इसलिए वह सफेद दिखाई देता है।
Q21. रेटिना पर छवि क्यों बनती है? (ICSE 2021)
उत्तर:
रेटिना आँख की प्रकाश-संवेदी परत होती है। लेंस प्रकाश किरणों को रेटिना पर केंद्रित करता है। वहीं वास्तविक और उलटी छवि बनती है। बाद में मस्तिष्क इसे सही रूप में पहचानता है।
Q22. मानव नेत्र में आइरिस की भूमिका क्या है? (UP Board 2020 – Set B)
उत्तर:
आइरिस आँख का रंगीन भाग होता है। यह पुतली के आकार को नियंत्रित करता है। इससे आँख में जाने वाली रोशनी नियंत्रित होती है। यही आँखों के रंग का कारण भी होता है।
Q23. अवतल लेंस का प्रयोग कब किया जाता है? (ICSE 2021 – Set 2)
उत्तर:
अवतल लेंस का प्रयोग निकट दृष्टि दोष को सुधारने के लिए किया जाता है। इसमें दूर की वस्तु साफ दिखाई नहीं देती। अवतल लेंस छवि को रेटिना पर सही स्थान पर बनाता है।
Q24. उत्तल लेंस का उपयोग क्यों किया जाता है? (UP Board 2022 – Set A)
उत्तर:
उत्तल लेंस का प्रयोग दूर दृष्टि दोष को सुधारने के लिए किया जाता है। इसमें पास की वस्तु साफ नहीं दिखती। यह लेंस प्रकाश को रेटिना पर सही ढंग से केंद्रित करता है।
Q25. इंद्रधनुष में लाल रंग ऊपर क्यों दिखाई देता है? (CBSE 2020 – Set 1)
उत्तर:
लाल रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे अधिक होती है। इसका विचलन कम होता है। इसलिए इंद्रधनुष में लाल रंग सबसे ऊपर दिखाई देता है और बैंगनी सबसे नीचे।
Q26. वर्षा के बाद वातावरण साफ क्यों दिखता है? (ICSE 2022 – Set 2)
उत्तर:
आइरिस आँख का रंगीन भाग होता है। यह पुतली के आकार को नियंत्रित करता है। इससे आँख में जाने वाली रोशनी नियंत्रित होती है। यही आँखों के रंग का कारण भी होता है।
Q27. मानव नेत्र की स्पष्ट दृष्टि दूरी क्या है? (UP Board 2020 – Set A)
उत्तर:
सामान्य आँख की न्यूनतम स्पष्ट दृष्टि दूरी 25 सेमी होती है। अधिकतम स्पष्ट दूरी अनंत होती है। इसी सीमा के भीतर वस्तुएँ साफ दिखाई देती हैं।
Q28. आँखों के लिए संतुलित आहार क्यों जरूरी है? (CBSE 2021 – Set 1)
उत्तर:
संतुलित आहार आँखों को स्वस्थ रखता है। विटामिन A आँखों के लिए बहुत जरूरी होता है। गाजर और हरी सब्जियाँ आँखों की रोशनी बढ़ाती हैं।
Q29. वायुमंडल में प्रकीर्णन क्यों होता है? (ICSE 2022 – Set 6)
उत्तर:
वायुमंडल में धूल, गैस और जलकण होते हैं। ये कण सूर्य के प्रकाश से टकराकर उसे बिखेर देते हैं। इसी कारण आकाश का रंग और सूर्यास्त का दृश्य बनता है।
Q30. लाल रंग को खतरे का संकेत क्यों माना जाता है? (UP Board 2012 – Set B)
उत्तर:
लाल रंग दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसका प्रकीर्णन कम होता है। इसलिए इसे खतरे और चेतावनी के लिए प्रयोग किया जाता है।
Long Answer Type Question (NCERT BASED)
Q1. मानव नेत्र की संरचना एवं कार्य विस्तार से समझाइए। (CBSE 2022 – Set 1)
उत्तर:
मानव नेत्र एक जटिल लेकिन अत्यंत उपयोगी प्रकाशीय यंत्र है। इसमें कॉर्निया, आइरिस, पुतली, लेंस और रेटिना जैसे भाग होते हैं। कॉर्निया प्रकाश को अंदर प्रवेश कराता है, पुतली उसकी मात्रा नियंत्रित करती है और लेंस उसे रेटिना पर केंद्रित करता है। रेटिना पर वास्तविक व उलटी छवि बनती है, जिसे ऑप्टिक नर्व मस्तिष्क तक पहुँचाती है। मस्तिष्क इस छवि को पहचानकर हमें देखने की क्षमता देता है।
Q2. मानव नेत्र में बनने वाली छवि की विशेषताएँ बताइए। (UP Board 2021 – Set A)
उत्तर:
मानव नेत्र में बनने वाली छवि रेटिना पर बनती है। यह छवि वास्तविक, उलटी और आकार में छोटी होती है। यद्यपि छवि उलटी बनती है, लेकिन हमारा मस्तिष्क उसे सीधा समझता है। यही प्रक्रिया हमें वस्तुओं को सही रूप में देखने में मदद करती है।
Q3. निकट दृष्टि दोष को परिभाषित करें तथा उसके सुधार की विधि बताइए। (ICSE 2020 – Set 1)
उत्तर:
निकट दृष्टि दोष में व्यक्ति दूर की वस्तुएँ साफ नहीं देख पाता। इस दोष में छवि रेटिना से पहले बनती है। इसे अवतल लेंस की सहायता से सुधारा जाता है। अवतल लेंस प्रकाश किरणों को फैलाकर छवि को रेटिना पर सही स्थान पर बनाता है।
Q4. दूर दृष्टि दोष क्या है? इसका सुधार कैसे किया जाता है? (CBSE 2021 – Set 2)
उत्तर:
दूर दृष्टि दोष में व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पाता। इसमें छवि रेटिना के पीछे बनती है। इसे उत्तल लेंस की सहायता से सुधारा जाता है। उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को केंद्रित करके छवि को रेटिना पर सही स्थान पर बनाता है।
Q5. प्रेसबायोपिया क्या है? इसके कारण और उपचार लिखिए। (UP Board 2022 – Set B)
उत्तर:
प्रेसबायोपिया वृद्धावस्था में होने वाला दृष्टि दोष है। इसमें आँख की समायोजन क्षमता कम हो जाती है। इसके कारण पास और दूर दोनों वस्तुएँ साफ नहीं दिखतीं। इसे द्वि-फोकस या प्रगतिशील लेंस द्वारा सुधारा जाता है।
Q6. प्रकाश के वर्ण विक्षेपण को समझाइए। (ICSE 2021 – Set 2)
उत्तर:
जब सफेद प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है तो वह सात रंगों में विभाजित हो जाता है। इस प्रक्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं। ये सात रंग बैंगनी से लाल तक होते हैं। यही प्रक्रिया इंद्रधनुष के बनने का कारण है।
Q7. इंद्रधनुष बनने की प्रक्रिया को विस्तार से बताइए। (CBSE 2020 – Set 1)
उत्तर:
इंद्रधनुष सूर्य के प्रकाश और वर्षा की बूँदों के कारण बनता है। सूर्य का प्रकाश बूँदों में प्रवेश कर अपवर्तित होता है और फिर परावर्तित होकर बाहर निकलता है। इस दौरान प्रकाश सात रंगों में विभाजित हो जाता है। यही रंग हमें इंद्रधनुष के रूप में दिखाई देते हैं।
Q8. आकाश नीला क्यों दिखाई देता है? (UP Board 2021 – Set C)
उत्तर:
सूर्य के प्रकाश में सभी रंग होते हैं। वायुमंडल में नीले रंग की तरंगें अधिक बिखरती हैं क्योंकि उनकी तरंगदैर्घ्य कम होती है। यही कारण है कि आकाश नीला दिखाई देता है।
Q9. सूर्यास्त के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है? (ICSE 2022 – Set 1)
उत्तर:
सूर्यास्त के समय सूर्य की किरणें वायुमंडल में लंबा रास्ता तय करती हैं। नीले और हरे रंग बिखर जाते हैं। लाल रंग कम बिखरता है और हमारी आँखों तक पहुँचता है, इसलिए सूर्य लाल दिखाई देता है।
Q10. ट्रैफिक सिग्नल में लाल रंग का प्रयोग क्यों किया जाता है? (UP Board 2020 – Set A)
उत्तर:
लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है। यह दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसी कारण ट्रैफिक सिग्नल और चेतावनी चिन्हों में लाल रंग का प्रयोग किया जाता है।
Q11. मानव नेत्र की संरचना एवं कार्य का विस्तृत वर्णन कीजिए। (CBSE 2022 – Set 1)
उत्तर:
मानव नेत्र एक प्राकृतिक प्रकाशीय यंत्र है जो हमें देखने की क्षमता देता है। इसके मुख्य भाग कॉर्निया, आइरिस, पुतली, लेंस और रेटिना होते हैं। कॉर्निया प्रकाश को आँख के अंदर प्रवेश करने देता है। पुतली और आइरिस प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करते हैं। लेंस प्रकाश को रेटिना पर केंद्रित करता है। रेटिना पर छवि बनती है जिसे ऑप्टिक नर्व मस्तिष्क तक पहुँचाती है।
Q12. मानव नेत्र की समायोजन शक्ति को समझाइए। (UP Board 2021 – Set A)
उत्तर:
आँख की लेंस द्वारा अपनी फोकस दूरी बदलने की क्षमता को समायोजन शक्ति कहते हैं। जब हम पास की वस्तु देखते हैं तो लेंस मोटा हो जाता है। जब दूर की वस्तु देखते हैं तो लेंस पतला हो जाता है। इस परिवर्तन से छवि हमेशा रेटिना पर बनती है। इसी कारण हम अलग-अलग दूरी की वस्तुएँ स्पष्ट देख पाते हैं। यह आँख की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
Q13. निकट दृष्टि दोष क्या है? इसके कारण और सुधार बताइए। (ICSE 2020 – Set 1)
उत्तर:
निकट दृष्टि दोष में व्यक्ति दूर की वस्तुएँ साफ नहीं देख पाता। इस दोष में दूर की वस्तु की छवि रेटिना से पहले बन जाती है। इसका कारण लेंस की अधिक शक्ति या नेत्र गोलक का बड़ा होना होता है। इस दोष को अवतल लेंस से सुधारा जाता है। अवतल लेंस प्रकाश किरणों को फैलाकर छवि को रेटिना पर सही स्थान पर बनाता है।
Q14. दूर दृष्टि दोष की व्याख्या कीजिए तथा उसका उपचार बताइए। (CBSE 2021 – Set 2)
उत्तर:
दूर दृष्टि दोष में व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पाता। इसमें पास की वस्तु की छवि रेटिना के पीछे बनती है। इसका कारण लेंस की कम शक्ति या नेत्र गोलक का छोटा होना हो सकता है। इस दोष को उत्तल लेंस से सुधारा जाता है। उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को केंद्रित कर छवि को रेटिना पर बनाता है।
Q15. प्रेसबायोपिया क्या है? इसके कारण और समाधान लिखिए। (UP Board 2022 – Set B)
उत्तर:
प्रेसबायोपिया वृद्धावस्था में होने वाला दृष्टि दोष है। इसमें आँख की समायोजन शक्ति धीरे-धीरे कम हो जाती है। व्यक्ति पास और दूर दोनों वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पाता। इसका मुख्य कारण आँख की लेंस का कठोर हो जाना होता है। इसे द्वि-फोकस या प्रगतिशील लेंस की सहायता से सुधारा जाता है। यह लेंस दोनों प्रकार की दृष्टि में सहायता करता है।
Q16. प्रकाश के वर्ण विक्षेपण को उदाहरण सहित समझाइए। (ICSE 2021 – Set 2)
उत्तर:
जब सफेद प्रकाश किसी प्रिज्म से होकर गुजरता है तो वह सात रंगों में विभाजित हो जाता है। इस प्रक्रिया को वर्ण विक्षेपण कहते हैं। ये सात रंग बैंगनी से लेकर लाल तक होते हैं। प्रत्येक रंग का अपवर्तन अलग-अलग होता है। इसलिए वे अलग-अलग दिशा में मुड़ते हैं। इंद्रधनुष इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।
Q17. इंद्रधनुष कैसे बनता है? विस्तार से समझाइए। (CBSE 2020 – Set 1)
उत्तर:
इंद्रधनुष वर्षा के बाद आकाश में दिखाई देता है। सूर्य का प्रकाश वर्षा की बूँदों में प्रवेश करता है और अपवर्तित होता है। फिर यह बूँद के अंदर परावर्तित होकर बाहर निकलता है। बाहर निकलते समय प्रकाश सात रंगों में विभाजित हो जाता है। ये रंग हमें धनुष के आकार में दिखाई देते हैं। इसी प्रक्रिया से इंद्रधनुष बनता है।
Q18. आकाश नीला क्यों दिखाई देता है? (UP Board 2021 – Set C)
उत्तर:
सूर्य के प्रकाश में सभी रंग होते हैं। वायुमंडल में नीले रंग की तरंगें सबसे अधिक बिखरती हैं क्योंकि उनकी तरंगदैर्घ्य कम होती है। यह बिखरी हुई नीली रोशनी हमारी आँखों तक पहुँचती है। इसी कारण हमें आकाश नीला दिखाई देता है। अन्य रंग अपेक्षाकृत कम बिखरते हैं।
Q19. सूर्यास्त के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है? (ICSE 2022 – Set 1)
उत्तर:
सूर्यास्त के समय सूर्य की किरणें वायुमंडल में अधिक दूरी तय करती हैं। इस दौरान नीला और हरा रंग अधिक बिखर जाता है। लाल रंग की तरंगदैर्घ्य अधिक होने के कारण वह कम बिखरता है। लाल प्रकाश हमारी आँखों तक पहुँच जाता है। इसलिए सूर्य लाल दिखाई देता है।
Q20. ट्रैफिक संकेतों में लाल रंग का प्रयोग क्यों किया जाता है? (UP Board 2020 – Set A)
उत्तर:
लाल रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे अधिक होती है। इसका प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में कम होता है। इसलिए यह बहुत दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। ट्रैफिक संकेतों में लाल रंग खतरे और रुकने का संकेत देता है। इसी कारण इसका उपयोग सबसे अधिक किया जाता है। यह सड़क सुरक्षा के लिए बहुत उपयोगी है।
Q21. मानव नेत्र में पुतली और आइरिस की भूमिका समझाइए। (CBSE 2021 – Set 1)
पुतली आँख का वह छिद्र होता है जिससे होकर प्रकाश अंदर प्रवेश करता है। आइरिस पुतली के आकार को नियंत्रित करता है। तेज प्रकाश में आइरिस पुतली को छोटा कर देता है। कम प्रकाश में पुतली बड़ी हो जाती है। इससे आँख में जाने वाली रोशनी संतुलित रहती है। यह आँख को अधिक प्रकाश से नुकसान से बचाता है। इस प्रणाली से हमें हर स्थिति में स्पष्ट दिखाई देता है।
Q22. मानव नेत्र की स्पष्ट दृष्टि दूरी क्या होती है? (UP Board 2022 – Set A)
सामान्य मानव नेत्र की न्यूनतम स्पष्ट दृष्टि दूरी लगभग 25 सेमी होती है। इससे कम दूरी पर वस्तु धुंधली दिखाई देती है। अधिकतम स्पष्ट दृष्टि दूरी अनंत मानी जाती है। इन दोनों सीमाओं के बीच आँख वस्तुओं को साफ देख सकती है। यही स्वस्थ आँख की पहचान है। इस सीमा के भीतर वस्तुएँ बिना किसी कठिनाई के देखी जा सकती हैं। यही आँख की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
Q23. नेत्र गोलक का आकार दृष्टि को कैसे प्रभावित करता है? (ICSE 2020 – Set 2)
नेत्र गोलक का आकार आँख की दृष्टि को प्रभावित करता है। यदि नेत्र गोलक सामान्य से बड़ा हो जाए तो निकट दृष्टि दोष हो जाता है। यदि यह छोटा हो जाए तो दूर दृष्टि दोष उत्पन्न होता है। इसका कारण छवि का रेटिना पर सही स्थान पर न बनना है। सही आकार होने पर छवि ठीक से रेटिना पर बनती है। इससे दृष्टि स्पष्ट रहती है।
Q24. मानव नेत्र के लेंस की भूमिका स्पष्ट कीजिए। (CBSE 2022 – Set 2)
मानव नेत्र का लेंस उत्तल होता है। यह प्रकाश किरणों को रेटिना पर केंद्रित करता है। यह अपनी मोटाई बदल सकता है जिससे फोकस दूरी बदलती है। इसी कारण हम पास और दूर की वस्तुएँ देख पाते हैं। लेंस स्पष्ट छवि बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है। इसके बिना वस्तुएँ धुंधली दिखाई देंगी।
Q25. प्रकाश का प्रकीर्णन क्या है? इसका एक प्राकृतिक प्रभाव लिखिए। (UP Board 2021 – Set B)
प्रकाश का कणों से टकराकर फैल जाना प्रकीर्णन कहलाता है। वायुमंडल में धूल, गैस और जलकण प्रकाश को बिखेरते हैं। इसका एक महत्वपूर्ण प्रभाव नीला आकाश है। नीले रंग का प्रकीर्णन अधिक होता है। इसलिए आकाश हमें नीला दिखाई देता है। यह प्रकृति की एक सुंदर प्रकाशीय घटना है।
Q26. इंद्रधनुष में रंगों का क्रम हमेशा समान क्यों रहता है? (ICSE 2021 – Set 1)
हर रंग की तरंगदैर्घ्य अलग होती है। बैंगनी रंग सबसे अधिक मुड़ता है और लाल सबसे कम। इसी कारण रंगों का क्रम निश्चित रहता है। इंद्रधनुष में लाल रंग ऊपर और बैंगनी नीचे दिखाई देता है। यह अपवर्तन और वर्ण विक्षेपण का परिणाम होता है। यही कारण है कि इंद्रधनुष का रंग क्रम कभी नहीं बदलता।
Q27. वायुमंडल में प्रकीर्णन का क्या महत्व है? (CBSE 2020 – Set 3)
वायुमंडल में प्रकीर्णन से हमें नीला आकाश दिखाई देता है। यह सूर्यास्त और सूर्योदय के सुंदर रंगों का कारण भी है। प्रकीर्णन से प्रकाश चारों ओर फैलता है। इससे दिन में चारों ओर उजाला रहता है। यह प्राकृतिक रोशनी को संतुलित करता है। इसके बिना वातावरण अंधकारमय हो सकता है।
Q28. धुंध और धुआँ दृष्टि को कैसे प्रभावित करते हैं? (UP Board 2022 – Set C)
धुंध और धुआँ हवा में मौजूद छोटे कण होते हैं। ये प्रकाश को बिखेर देते हैं। इससे प्रकाश सीधा आँख तक नहीं पहुँच पाता। वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं। सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
Q29. रंगीन वस्तुएँ हमें रंगीन क्यों दिखाई देती हैं? (ICSE 2022 – Set 2)
रंगीन वस्तुएँ कुछ रंगों को परावर्तित करती हैं और बाकी को अवशोषित कर लेती हैं। जो रंग परावर्तित होता है वही हमारी आँखों तक पहुँचता है। उदाहरण के लिए पत्ते हरे दिखते हैं क्योंकि वे हरा रंग परावर्तित करते हैं। अन्य रंग अवशोषित हो जाते हैं। इसी कारण वस्तुओं का रंग हमें अलग-अलग दिखाई देता है।
Q30. मानव नेत्र का हमारे दैनिक जीवन में क्या महत्व है? (CBSE 2021 – Set 2)
मानव नेत्र हमें देखने की क्षमता प्रदान करता है। इसके बिना हम पढ़, लिख या चल नहीं सकते। यह हमें संसार की सुंदरता दिखाता है। दैनिक जीवन के सभी कार्य आँखों पर निर्भर करते हैं। शिक्षा और सुरक्षा दोनों के लिए आँखें जरूरी हैं। इसलिए आँखों की देखभाल बहुत महत्वपूर्ण होती है।
Q31. मानव नेत्र में जलीय द्रव (Aqueous Humour) का क्या कार्य है? (CBSE 2022 – Set 1)
जलीय द्रव कॉर्निया और लेंस के बीच भरा होता है। यह आँख के अंदर उचित दाब बनाए रखता है। इससे नेत्र गोलक का आकार स्थिर रहता है। यह लेंस और कॉर्निया को पोषण भी देता है। प्रकाश को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में यह सहायक होता है। आँख की आंतरिक संरचना की रक्षा भी करता है। इसके बिना आँख ठीक से काम नहीं कर सकती।
Q32. कांचाभ द्रव (Vitreous Humour) का महत्व समझाइए। (ICSE 2021 – Set 2)
कांचाभ द्रव लेंस और रेटिना के बीच पाया जाता है। यह आँख के गोल आकार को बनाए रखता है। यह रेटिना को अपनी जगह पर स्थिर रखता है। इससे प्रकाश आसानी से रेटिना तक पहुँचता है। यह आँख को झटकों से भी बचाता है। देखने की प्रक्रिया में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यह आँख की संरचना को सहारा देता है।
Q33. मानव नेत्र में अंध बिंदु (Blind Spot) क्यों बनता है? (UP Board 2022 – Set A)
अंध बिंदु वह स्थान है जहाँ दृष्टि तंत्रिका रेटिना से जुड़ती है। इस स्थान पर रॉड्स और कोन्स नहीं होते। इसलिए यहाँ कोई भी छवि नहीं बनती। इसी कारण इसे अंध बिंदु कहा जाता है। हमें इसका अनुभव नहीं होता क्योंकि दोनों आँखें मिलकर देखती हैं। यह नेत्र की एक प्राकृतिक रचना है। यह देखने की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करता।
Q34. नेत्र पटल (Sclera) का कार्य स्पष्ट कीजिए। (CBSE 2021 – Set 3)
नेत्र पटल आँख का सफेद बाहरी भाग होता है। यह आँख को मजबूत बनाता है। यह नेत्र गोलक को सुरक्षा प्रदान करता है। इससे आँख का आकार बना रहता है। बाहरी चोटों से आँख की रक्षा करता है। इसके साथ आँख की मांसपेशियाँ जुड़ी होती हैं। यह आँख की स्थिरता बनाए रखता है।
Q35. वर्णों के प्रकीर्णन का वायुमंडल में क्या प्रभाव पड़ता है? (ICSE 2020 – Set 1)
वायुमंडल में अलग-अलग रंगों का प्रकीर्णन होता है। नीले रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है। इसी कारण आकाश नीला दिखता है। सूर्यास्त के समय लाल रंग अधिक दिखाई देता है। इससे वातावरण रंगीन नजर आता है। यह प्राकृतिक प्रकाशीय प्रभाव है। यह हमारे पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाता है।
Q36. प्रकाशीय पथ की लंबाई बढ़ने पर रंगों में क्या परिवर्तन आता है? (UP Board 2021 – Set B)
जब प्रकाश अधिक दूरी तय करता है तो नीले रंग बिखर जाते हैं। लंबा पथ होने पर लाल रंग बचा रहता है। इसलिए सूर्यास्त में सूर्य लाल दिखता है। दोपहर में पथ छोटा होता है इसलिए सूर्य सफेद लगता है। यह प्रकीर्णन पर निर्भर करता है। वातावरण की मोटाई भी प्रभाव डालती है। यही रंग परिवर्तन का कारण है।
Q37. मानव नेत्र में फोकस समायोजन की प्रक्रिया कैसे होती है? (CBSE 2022 – Set 2)
मानव नेत्र का लेंस अपनी मोटाई बदल सकता है। पास की वस्तु देखने पर यह मोटा हो जाता है। दूर की वस्तु के लिए पतला हो जाता है। यह सिलियरी मांसपेशियों द्वारा नियंत्रित होता है। इससे छवि रेटिना पर बनती है। इसी को समंजन कहा जाता है। यह आँख की विशेष क्षमता है।
Q38. नेत्र गोलक की मांसपेशियाँ दृष्टि में कैसे सहायक होती हैं? (ICSE 2021 – Set 1)
नेत्र गोलक की मांसपेशियाँ आँख को हिलाने में मदद करती हैं। इससे हम चारों ओर देख सकते हैं। ये आँख की दिशा बदलती हैं। वस्तु पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता करती हैं। ये दोनों आँखों का संतुलन बनाए रखती हैं। इनके बिना सही दृश्य संभव नहीं है। ये दृष्टि नियंत्रण में अहम भूमिका निभाती हैं।
Q39. प्राकृतिक प्रकाश और कृत्रिम प्रकाश में रंगों का अंतर क्यों दिखाई देता है? (UP Board 2022 – Set C)
प्राकृतिक प्रकाश में सभी रंग मौजूद होते हैं। कृत्रिम प्रकाश में कुछ रंग कम या अधिक हो सकते हैं। इसलिए वस्तुओं का रंग बदलता हुआ लगता है। सूर्य के प्रकाश में रंग वास्तविक दिखते हैं। ट्यूबलाइट या बल्ब में रंग थोड़ा अलग दिख सकते हैं। यह प्रकाश के संघटन पर निर्भर करता है। यही कारण है कि रंगों में अंतर दिखता है।
Q40. आँखों की नियमित देखभाल क्यों आवश्यक है? (CBSE 2020 – Set 1)
आँखें हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग हैं। धूल, धुआँ और तेज रोशनी उन्हें नुकसान पहुँचा सकती है। समय पर जाँच से रोगों का पता चलता है। साफ-सफाई से संक्रमण से बचाव होता है। संतुलित आहार आँखों को मजबूत बनाता है। अच्छी दृष्टि के लिए देखभाल जरूरी है। इससे जीवन की गुणवत्ता बनी रहती है।
Q41. मानव नेत्र में कोरॉयड परत (Choroid) का क्या कार्य है? (CBSE 2022 – Set 1)
कोरॉयड परत नेत्र पटल और रेटिना के बीच स्थित होती है। इसमें बहुत अधिक रक्त नलिकाएँ होती हैं। यह रेटिना को पोषण और ऑक्सीजन प्रदान करती है। यह आँख के अंदर अवांछित परावर्तन को रोकती है। इससे छवि स्पष्ट बनती है। यह आँख के तापमान को भी संतुलित रखती है। यह परत दृष्टि के लिए बहुत आवश्यक होती है।
Q42. मानव नेत्र में रंगों की पहचान कैसे होती है? (ICSE 2021 – Set 2)
रंगों की पहचान कोन्स कोशिकाओं द्वारा होती है। ये रेटिना में स्थित होती हैं। हर कोन अलग-अलग तरंगदैर्घ्य के रंगों के प्रति संवेदनशील होता है। जब प्रकाश इन पर पड़ता है, तो विद्युत संकेत बनते हैं। ये संकेत मस्तिष्क तक पहुँचते हैं। मस्तिष्क इन्हें रंगों के रूप में समझता है। इसी से हमें रंगीन संसार दिखाई देता है।
Q43. सूर्य की रोशनी को श्वेत प्रकाश क्यों कहा जाता है? (UP Board 2020 – Set A)
सूर्य का प्रकाश कई रंगों का मिश्रण होता है। इसमें लाल, हरा, नीला, पीला जैसे सभी रंग होते हैं। जब यह प्रिज्म से गुजरता है तो अलग-अलग रंगों में टूट जाता है। इसलिए इसे श्वेत प्रकाश कहा जाता है। सामान्यतः यह हमें सफेद दिखाई देता है। यह सभी रंगों को अपने अंदर समेटे होता है। यही इसकी विशेषता है।
Q44. मानव नेत्र में पुतली का आकार क्यों बदलता रहता है? (CBSE 2021 – Set 3)
पुतली का आकार प्रकाश की मात्रा के अनुसार बदलता है। तेज प्रकाश में पुतली छोटी हो जाती है। कम प्रकाश में यह बड़ी हो जाती है। यह आँख में जाने वाली रोशनी को नियंत्रित करता है। इससे रेटिना सुरक्षित रहती है। यह एक स्वचालित प्रक्रिया है। यही कारण है कि हम हर स्थिति में देख पाते हैं।
Q45. वायुमंडलीय प्रदूषण का दृष्टि पर क्या प्रभाव पड़ता है? (ICSE 2022 – Set 1)
वायुमंडलीय प्रदूषण में धूल और धुआँ होता है। ये कण प्रकाश को बिखेर देते हैं। इससे वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं। आँखों में जलन और थकान होती है। लंबे समय तक रहने पर दृष्टि कमजोर हो सकती है। इसलिए स्वच्छ वातावरण आवश्यक है। यह आँखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
Q46. प्रकाश के प्रकीर्णन से आकाश का रंग कैसे बदलता है? (UP Board 2021 – Set B)
दिन में आकाश नीला दिखाई देता है क्योंकि नीले रंग का प्रकीर्णन अधिक होता है। शाम को लाल और नारंगी रंग दिखाई देते हैं। यह सूर्य की स्थिति पर निर्भर करता है। जब सूर्य क्षितिज के पास होता है तो लाल रंग बचता है। अन्य रंग बिखर जाते हैं। इससे आकाश रंगीन दिखाई देता है। यह प्रकीर्णन का प्रभाव है।
Q47. मानव नेत्र में परावर्तन की भूमिका क्या है? (CBSE 2020 – Set 2)
आँख में कुछ परावर्तन भी होता है। लेंस और द्रव प्रकाश को सही दिशा देते हैं। इससे किरणें रेटिना पर केंद्रित होती हैं। सही परावर्तन से छवि स्पष्ट बनती है। यह दृष्टि में सहायक होता है। आँख की संरचना इसे संभव बनाती है। यह देखने की प्रक्रिया का एक भाग है।
Q48. रंगीन टीवी और स्क्रीन रंग कैसे बनाते हैं? (ICSE 2021 – Set 2)
रंगीन स्क्रीन लाल, हरे और नीले रंग का उपयोग करती हैं। इन्हें प्राथमिक रंग कहा जाता है। इनका मिश्रण विभिन्न रंग बनाता है। पिक्सल इन रंगों की तीव्रता बदलते हैं। इससे अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं। यह रंग संयोजन पर आधारित तकनीक है। इसी से हमें रंगीन चित्र दिखते हैं।
Q49. मानव नेत्र में प्रकाश का मार्ग संक्षेप में समझाइए। (UP Board 2022 – Set C)
प्रकाश सबसे पहले कॉर्निया से प्रवेश करता है। फिर यह जलीय द्रव से होकर गुजरता है। उसके बाद लेंस से अपवर्तन होता है। फिर कांचाभ द्रव से गुजरकर रेटिना पर पहुँचता है। रेटिना पर छवि बनती है। संकेत मस्तिष्क को भेजे जाते हैं। तब हमें वस्तु दिखाई देती है।
Q50. मानव नेत्र को “जैविक कैमरा” क्यों कहा जाता है? (CBSE 2021 – Set 1)
मानव नेत्र और कैमरा दोनों छवि बनाते हैं। दोनों में लेंस होता है। कैमरे में फिल्म या सेंसर होता है, आँख में रेटिना। दोनों प्रकाश को नियंत्रित करते हैं। दोनों स्पष्ट चित्र बनाते हैं। इसलिए आँख को जैविक कैमरा कहा जाता है। यह प्राकृतिक तकनीक का उदाहरण है।
Most Important Definition (NCERT BASED)
1. मानव नेत्र (Human Eye)
मानव नेत्र एक संवेदनशील प्रकाशीय अंग है जो प्रकाश किरणों को ग्रहण करके रेटिना पर छवि बनाता है। यह छवि मस्तिष्क तक पहुँचकर हमें वस्तुओं का आभास कराती है।
उदाहरण 1: किताब के अक्षर देखना
उदाहरण 2: सड़क पर चलती गाड़ी देखना
2. रेटिना (Retina)
रेटिना आँख की भीतरी परत होती है जिस पर वस्तु की वास्तविक तथा उलटी छवि बनती है। इसमें रॉड्स और कोन्स नामक कोशिकाएँ होती हैं जो प्रकाश को पहचानती हैं।
उदाहरण 1: पेड़ की छवि रेटिना पर बनना
उदाहरण 2: स्क्रीन पर दिख रहे रंगों को पहचानना
3. कॉर्निया (Cornea)
कॉर्निया आँख का पारदर्शी अग्र भाग होता है जिससे होकर प्रकाश आँख में प्रवेश करता है। यह प्रकाश को पहली बार मोड़ने का कार्य करता है।
उदाहरण 1: धूप की किरणों का आँख में प्रवेश करना
उदाहरण 2: बल्ब की रोशनी का आँख तक पहुँचना
4. पुतली (Pupil)
पुतली आँख का वह छिद्र है जिससे होकर प्रकाश अंदर प्रवेश करता है। यह प्रकाश की मात्रा के अनुसार छोटा या बड़ा हो जाता है।
उदाहरण 1: अँधेरे में पुतली का बड़ा होना
उदाहरण 2: तेज रोशनी में पुतली का छोटा होना
5. आइरिस (Iris)
आइरिस पुतली के चारों ओर स्थित रंगीन भाग होता है जो पुतली के आकार को नियंत्रित करता है। यह आँख में जाने वाले प्रकाश को संतुलित रखता है।
उदाहरण 1: धूप में आँख सिकुड़ना
उदाहरण 2: अंधेरे में आँख का अधिक खुल जाना
6. नेत्र लेंस (Eye Lens)
नेत्र लेंस एक उत्तल और पारदर्शी संरचना होती है जो प्रकाश किरणों को रेटिना पर केंद्रित करती है। यह अपनी मोटाई बदलकर फोकस करता है।
उदाहरण 1: पास की किताब साफ दिखना
उदाहरण 2: दूर के बोर्ड को देख पाना
7. समंजन (Accommodation)
समंजन आँख की वह क्षमता है जिससे वह पास और दूर की वस्तुओं को साफ देखने के लिए अपनी फोकस दूरी बदल सकती है। यह लेंस की मोटाई बदलने से होता है।
उदाहरण 1: मोबाइल से नजर हटाकर पेड़ देखना
उदाहरण 2: किताब और बोर्ड दोनों साफ देखना
8. दृष्टि तंत्रिका (Optic Nerve)
दृष्टि तंत्रिका रेटिना से मस्तिष्क तक दृश्य संकेतों को पहुँचाती है। मस्तिष्क इन्हीं संकेतों से वस्तुओं की पहचान करता है।
उदाहरण 1: आँख से मस्तिष्क तक चित्र का पहुँचना
उदाहरण 2: रंगों की पहचान होना
9. अंध बिंदु (Blind Spot)
रेटिना का वह भाग जहाँ कोई भी छवि नहीं बनती, अंध बिंदु कहलाता है। इस स्थान पर प्रकाश संवेदनशील कोशिकाएँ नहीं होतीं।
उदाहरण 1: दृष्टि तंत्रिका का निकलने वाला स्थान
उदाहरण 2: एक बिंदु न दिखाई देना
10. जलीय द्रव (Aqueous Humour)
जलीय द्रव एक पारदर्शी तरल होता है जो कॉर्निया और लेंस के बीच पाया जाता है। यह आँख में दबाव बनाए रखता है।
उदाहरण 1: आँख का गोल आकार बना रहना
उदाहरण 2: लेंस को पोषण मिलना
11. कांचाभ द्रव (Vitreous Humour)
कांचाभ द्रव लेंस और रेटिना के बीच पाया जाने वाला गाढ़ा पारदर्शी तरल होता है। यह रेटिना को स्थिर रखता है।
उदाहरण 1: आँख का आकार बनाए रखना
उदाहरण 2: रेटिना का अपनी जगह पर रहना
12. प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of Light)
प्रकाश किरणों का छोटे कणों से टकराकर सभी दिशाओं में फैल जाना प्रकीर्णन कहलाता है। यह वायुमंडल में होता है।
उदाहरण 1: नीला आकाश
उदाहरण 2: धुंध में कम दिखाई देना
13. वर्ण विक्षेपण (Dispersion of Light)
श्वेत प्रकाश का सात रंगों में विभाजित हो जाना वर्ण विक्षेपण कहलाता है। यह प्रिज्म या जल बूंदों द्वारा होता है।
उदाहरण 1: प्रिज्म से गुजरता प्रकाश
उदाहरण 2: इंद्रधनुष बनना
14. अपवर्तन (Refraction)
जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है और अपना मार्ग बदलता है तो उसे अपवर्तन कहते हैं। यह माध्यम के घनत्व पर निर्भर करता है।
उदाहरण 1: पानी में डाली पेंसिल टेढ़ी दिखना
उदाहरण 2: लेंस द्वारा प्रकाश का मुड़ना
15. इंद्रधनुष (Rainbow)
इंद्रधनुष सात रंगों का सुंदर चाप होता है जो सूर्य के प्रकाश के जल बूंदों में अपवर्तन और प्रकीर्णन से बनता है।
उदाहरण 1: बारिश के बाद आकाश में इंद्रधनुष
उदाहरण 2: फव्वारे में बनता रंगीन चाप
16. निकट दृष्टि दोष (Myopia)
निकट दृष्टि दोष वह दोष है जिसमें व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट देख सकता है लेकिन दूर की वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं। इसमें छवि रेटिना से पहले बनती है।
उदाहरण 1: बोर्ड साफ न दिखना
उदाहरण 2: दूर खड़े व्यक्ति का चेहरा धुंधला दिखना
17. दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia)
दूर दृष्टि दोष वह दोष है जिसमें व्यक्ति दूर की वस्तुएँ साफ देखता है लेकिन पास की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं। इसमें छवि रेटिना के पीछे बनती है।
उदाहरण 1: किताब पढ़ने में कठिनाई
उदाहरण 2: मोबाइल स्क्रीन धुंधली दिखना
18. प्रेस्बायोपिया (Presbyopia)
प्रेस्बायोपिया वह दृष्टि दोष है जो वृद्धावस्था में आँख की समंजन क्षमता कम होने से होता है। इसमें पास और दूर दोनों की दृष्टि प्रभावित हो सकती है।
उदाहरण 1: बुजुर्गों को पढ़ने के लिए चश्मा लगना
उदाहरण 2: पास की वस्तुएँ साफ न दिखना
19. अवतल लेंस (Concave Lens)
अवतल लेंस बीच से पतला और किनारों से मोटा होता है। इसका उपयोग निकट दृष्टि दोष को ठीक करने में किया जाता है।
उदाहरण 1: मायोपिया के चश्मे में लगा लेंस
उदाहरण 2: दूर की वस्तु को साफ दिखाना
20. उत्तल लेंस (Convex Lens)
उत्तल लेंस बीच से मोटा और किनारों से पतला होता है। इसका प्रयोग दूर दृष्टि दोष को सुधारने में किया जाता है।
उदाहरण 1: हाइपरमेट्रोपिया का चश्मा
उदाहरण 2: आवर्धक काँच
21. श्वेत प्रकाश (White Light)
श्वेत प्रकाश वह प्रकाश है जिसमें सभी सात रंग सम्मिलित होते हैं। सूर्य का प्रकाश श्वेत प्रकाश का प्रमुख उदाहरण है।
उदाहरण 1: सूर्य का प्रकाश
उदाहरण 2: ट्यूबलाइट की रोशनी
22. प्राथमिक रंग (Primary Colours)
वे रंग जिनसे अन्य सभी रंग बनाए जा सकते हैं, प्राथमिक रंग कहलाते हैं। प्रकाश के प्राथमिक रंग लाल, हरा और नीला होते हैं।
उदाहरण 1: टीवी स्क्रीन के रंग
उदाहरण 2: मोबाइल डिस्प्ले के पिक्सल
23. द्वितीयक रंग (Secondary Colours)
प्राथमिक रंगों के मिश्रण से बनने वाले रंग द्वितीयक रंग कहलाते हैं। जैसे लाल और हरे से पीला रंग बनता है।
उदाहरण 1: पीला रंग
उदाहरण 2: सायन और मैजेंटा
24. वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction)
वायुमंडल में प्रकाश का मुड़ना वायुमंडलीय अपवर्तन कहलाता है। यह हवा की घनता बदलने से होता है।
उदाहरण 1: सूर्य का वास्तविक से ऊपर दिखाई देना
उदाहरण 2: तारे का टिमटिमाना
25. तारों का टिमटिमाना (Twinkling of Stars)
तारों का प्रकाश वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण बदलता रहता है, इसलिए तारे टिमटिमाते दिखाई देते हैं।
उदाहरण 1: रात में चमकते तारे
उदाहरण 2: दूर के तारे झिलमिलाते दिखना
26. मृगतृष्णा (Mirage)
मृगतृष्णा एक प्रकाशीय भ्रम है जो वायुमंडलीय अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण बनता है। इसमें दूर की वस्तुएँ पानी जैसी दिखाई देती हैं।
उदाहरण 1: गर्म सड़क पर पानी जैसा दिखना
उदाहरण 2: रेगिस्तान में दूर चमकता हुआ जल
27. टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect)
जब प्रकाश किसी कोलॉइड कणों से गुजरते समय दिखाई देने लगता है तो इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं। यह प्रकीर्णन का विशेष रूप है।
उदाहरण 1: धुएँ में टॉर्च की किरण दिखाई देना
उदाहरण 2: कमरे में धूप की किरणें दिखना
28. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)
जब प्रकाश घने माध्यम से विरल माध्यम में जाते समय पूरी तरह परावर्तित हो जाता है तो उसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।
उदाहरण 1: ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश
उदाहरण 2: मृगतृष्णा बनना
29. समीप बिंदु (Near Point)
आँख से वह न्यूनतम दूरी जहाँ से वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है, समीप बिंदु कहलाती है। सामान्य आँख के लिए यह 25 सेमी होती है।
उदाहरण 1: किताब को 25 सेमी पर रखना
उदाहरण 2: मोबाइल को बहुत पास लाने पर धुंधला दिखना
30. दूर बिंदु (Far Point)
वह अधिकतम दूरी जहाँ से वस्तु स्पष्ट दिखाई दे, दूर बिंदु कहलाती है। सामान्य आँख के लिए यह अनंत होती है।
उदाहरण 1: दूर पहाड़ साफ दिखना
उदाहरण 2: दूर का टावर देख पाना
31. लेंस की शक्ति (Power of Lens)
लेंस की वह क्षमता जिससे वह प्रकाश को मोड़ता है, लेंस की शक्ति कहलाती है। इसकी इकाई डायॉप्टर होती है।
उदाहरण 1: चश्मे पर −2D लिखा होना
उदाहरण 2: +1.5D का पढ़ने वाला चश्मा
32. दृष्टि परास (Range of Vision)
समीप बिंदु और दूर बिंदु के बीच की दूरी को दृष्टि परास कहते हैं। इसी सीमा में आँख साफ देख सकती है।
उदाहरण 1: 25 सेमी से अनंत तक देख पाना
उदाहरण 2: पास और दूर दोनों वस्तुएँ साफ दिखना
33. अपसारी किरणें (Diverging Rays)
जो प्रकाश किरणें एक बिंदु से फैलती जाती हैं, उन्हें अपसारी किरणें कहते हैं। अवतल लेंस इन्हें उत्पन्न करता है।
उदाहरण 1: टॉर्च की फैली हुई रोशनी
उदाहरण 2: अवतल लेंस से निकलती किरणें
34. अभिसारी किरणें (Converging Rays)
जो किरणें किसी एक बिंदु पर मिलती हैं, उन्हें अभिसारी किरणें कहते हैं। उत्तल लेंस इन्हें उत्पन्न करता है।
उदाहरण 1: आवर्धक काँच से सूरज की किरणें
उदाहरण 2: कैमरे का फोकस
35. आकाश का नीला रंग (Blue Colour of Sky)
आकाश का नीला दिखना प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण होता है। नीले रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है।
उदाहरण 1: दिन में नीला आकाश
उदाहरण 2: पहाड़ों से नीला आकाश दिखना
Most Important Mcq (NCERT BASED)
1. मानव नेत्र का वह भाग कौन-सा है जिस पर छवि बनती है?
A) कॉर्नियाB) पुतली
C) रेटिना
D) आइरिस
उत्तर: C
2. मानव नेत्र का लेंस किस प्रकार का होता है?
A) अवतलB) उत्तल
C) समतल
D) बेलनाकार
उत्तर: B
3. पुतली का आकार कौन नियंत्रित करता है?
A) रेटिनाB) आइरिस
C) लेंस
D) कॉर्निया
उत्तर: B
4. आँख में प्रकाश सबसे पहले किस भाग से प्रवेश करता है?
A) लेंसB) पुतली
C) कॉर्निया
D) रेटिना
उत्तर: C
5. सामान्य मानव आँख का समीप बिंदु कितना होता है?
A) 10 सेमीB) 15 सेमी
C) 25 सेमी
D) 50 सेमी
उत्तर: C
6. दृष्टि तंत्रिका का कार्य क्या है?
A) प्रकाश को मोड़नाB) छवि बनाना
C) संकेत मस्तिष्क तक भेजना
D) आँख को घुमाना
उत्तर: C
7. निकट दृष्टि दोष में व्यक्ति क्या नहीं देख पाता?
A) पास की वस्तुB) दूर की वस्तु
C) रंग
D) प्रकाश
उत्तर: B
8. दूर दृष्टि दोष को सुधारने के लिए कौन-सा लेंस प्रयोग किया जाता है?
A) अवतलB) उत्तल
C) समतल
D) प्रिज्म
उत्तर: B
9. मोतियाबिंद में आँख का कौन-सा भाग धुंधला हो जाता है?
A) रेटिनाB) कॉर्निया
C) लेंस
D) पुतली
उत्तर: C
10. रॉड्स कोशिकाएँ किसके लिए उत्तरदायी होती हैं?
A) रंग पहचानB) कम रोशनी में देखना
C) छवि बनाना
D) प्रकाश रोकना
उत्तर: B
11. कोन्स कोशिकाएँ किसके लिए उत्तरदायी होती हैं?
A) अंधेराB) रंग पहचान
C) दबाव
D) परावर्तन
उत्तर: B
12. श्वेत प्रकाश कितने रंगों से मिलकर बना होता है?
A) 3B) 5
C) 7
D) 10
उत्तर: C
13. VIBGYOR में पहला रंग कौन-सा है?
A) हराB) लाल
C) नीला
D) बैंगनी
उत्तर: B
14. इंद्रधनुष किस कारण बनता है?
A) परावर्तनB) अपवर्तन
C) प्रकीर्णन
D) तीनों के कारण
उत्तर: D
15. आकाश नीला क्यों दिखाई देता है?
A) परावर्तनB) अपवर्तन
C) प्रकीर्णन
D) अवशोषण
उत्तर: C
16. सूर्यास्त के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है?
A) परावर्तनB) अधिक प्रकीर्णन
C) लाल रंग का कम प्रकीर्णन
D) अवशोषण
उत्तर: C
17. प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे में मुड़ना क्या कहलाता है?
A) परावर्तनB) अपवर्तन
C) प्रकीर्णन
D) अवशोषण
उत्तर: B
18. प्रिज्म में श्वेत प्रकाश किस प्रक्रिया से रंगों में टूटता है?
A) परावर्तनB) वर्ण विक्षेपण
C) अवशोषण
D) अपसारण
उत्तर: B
19. टिंडल प्रभाव किससे संबंधित है?
A) अपवर्तनB) प्रकीर्णन
C) परावर्तन
D) अवशोषण
उत्तर: B
20. धुएँ में टॉर्च की किरण क्यों दिखती है?
A) अपवर्तनB) परावर्तन
C) टिंडल प्रभाव
D) अवशोषण
उत्तर: C
21. प्राथमिक रंग कौन-से हैं?
A) लाल, हरा, नीलाB) लाल, पीला, नीला
C) हरा, पीला, नीला
D) लाल, नारंगी, हरा
उत्तर: A
22. कौन-सा लेंस प्रकाश किरणों को फैलाता है?
A) उत्तलB) अवतल
C) प्रिज्म
D) समतल
उत्तर: B
23. कौन-सा लेंस किरणों को एक बिंदु पर लाता है?
A) अवतलB) उत्तल
C) समतल
D) दर्पण
उत्तर: B
24. रंग अंधता किस कारण होती है?
A) रॉड्स खराब होने सेB) कोन्स खराब होने से
C) लेंस खराब होने से
D) कॉर्निया खराब होने से
उत्तर: B
25. अंध बिंदु किस भाग पर होता है?
A) पुतली
B) रेटिना
C) दृष्टि तंत्रिका का स्थान
D) आइरिस
उत्तर: C
26. आँख का कौन-सा भाग रंगीन होता है?
A) पुतलीB) आइरिस
C) लेंस
D) रेटिना
उत्तर: B
27. लेंस की शक्ति की इकाई क्या है?
A) मीटरB) जूल
C) डायॉप्टर
D) वाट
उत्तर: C
28. कौन-सा तरल लेंस और रेटिना के बीच पाया जाता है?
A) जलीय द्रवB) कांचाभ द्रव
C) रक्त
D) लवण
उत्तर: B
29. कॉर्निया का मुख्य कार्य क्या है?
A) रंग पहचानB) प्रकाश प्रवेश
C) संकेत भेजना
D) परावर्तन
उत्तर: B
30. मोबाइल और टीवी में रंग किस सिद्धांत पर बनते हैं?
A) अपवर्तनB) प्राथमिक रंग मिश्रण
C) परावर्तन
D) अवशोषण
उत्तर: B
Q31. मानव नेत्र में सबसे अधिक प्रकाश अपवर्तन कहाँ होता है?
A) लेंस में
B) पुतली में
C) कॉर्निया में
D) रेटिना में
उत्तर: C
Q32. कांचाभ द्रव का मुख्य कार्य क्या है?
A) रंग पहचान
B) आँख का आकार बनाए रखना
C) प्रकाश रोकना
D) पुतली नियंत्रित करना
उत्तर: B
Q33. आँख की वह क्षमता जिससे पास और दूर की वस्तुएँ देखी जाती हैं, क्या कहलाती है?
A) अपवर्तन
B) प्रकीर्णन
C) समंजन
D) परावर्तन
उत्तर: C
Q34. वायुमंडल में तारे टिमटिमाते क्यों दिखाई देते हैं?
A) परावर्तन के कारण
B) अपवर्तन के कारण
C) वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण
D) अवशोषण के कारण
उत्तर: C
Q35. सूर्य दोपहर में सफेद क्यों दिखाई देता है?
A) कम प्रकीर्णन के कारण
B) अधिक अपवर्तन के कारण
C) कम दूरी तय करने के कारण
D) पूर्ण परावर्तन के कारण
उत्तर: C
Q36. कौन-सा रंग सबसे अधिक प्रकीर्णित होता है?
A) लाल
B) हरा
C) नीला
D) पीला
उत्तर: C
Q37. आँख में कौन-सा भाग रेटिना को पोषण देता है?
A) कॉर्निया
B) कोरॉयड
C) पुतली
D) लेंस
उत्तर: B
Q38. मानव नेत्र में रंग पहचान का कार्य कौन करता है?
A) रॉड्स
B) कोन्स
C) पुतली
D) लेंस
उत्तर: B
Q39. श्वेत प्रकाश का सात रंगों में विभाजन क्या कहलाता है?
A) अपवर्तन
B) परावर्तन
C) वर्ण विक्षेपण
D) प्रकीर्णन
उत्तर: C
Q40. मृगतृष्णा किस प्रकाशीय घटना का परिणाम है?
A) अपवर्तन
B) प्रकीर्णन
C) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
D) अवशोषण
उत्तर: C
Q41. टिंडल प्रभाव किस माध्यम में देखा जाता है?
A) ठोस
B) तरल
C) कोलॉइड
D) निर्वात
उत्तर: C
Q42. कौन-सा लेंस निकट दृष्टि दोष को ठीक करता है?
A) उत्तल
B) अवतल
C) बेलनाकार
D) प्रिज्म
उत्तर: B
Q43. सामान्य मानव आँख का दूर बिंदु होता है—
A) 25 सेमी
B) 1 मीटर
C) अनंत
D) 10 मीटर
उत्तर: C
Q44. आँख का सबसे बाहरी सुरक्षात्मक भाग कौन-सा है?
A) रेटिना
B) स्क्लेरा
C) आइरिस
D) पुतली
उत्तर: B
Q45. प्रकाश की किरणों को मोड़ने का कार्य आँख में कौन करता है?
A) पुतली
B) रेटिना
C) लेंस
D) दृष्टि तंत्रिका
उत्तर: C
Q46. कौन-सा रंग सबसे कम मुड़ता है?
A) नीला
B) हरा
C) लाल
D) बैंगनी
उत्तर: C
Q47. रंगीन टीवी में कौन-से रंग प्रयोग होते हैं?
A) लाल, पीला, नीला
B) लाल, हरा, नीला
C) नीला, पीला, हरा
D) काला, सफेद, नीला
उत्तर: B
Q48. आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा कौन नियंत्रित करता है?
A) रेटिना
B) आइरिस
C) लेंस
D) स्क्लेरा
उत्तर: B
Q49. मानव नेत्रमें वास्तविक छवि कहाँ बनती है?
A) कॉर्निया
B) लेंस
C) रेटिना
D) पुतली
उत्तर: C
Q50. धुंध में वस्तुएँ धुंधली क्यों दिखती हैं?
A) अपवर्तन के कारण
B) प्रकीर्णन के कारण
C) परावर्तन के कारण
D) अवशोषण के कारण
उत्तर: B
Most Important diagram in Exam (NCERT BASED)
मानव नेत्र परिभाषा
- मानव नेत्र एक प्रकाश-संवेदी जैविक अंग है, जो वस्तुओं से आने वाले प्रकाश को ग्रहण करके उसे रेटिना पर फोकस करता है और उस प्रतिबिंब को दृष्टि तंत्रिका के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचाता है, जिससे हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं।
- मानव नेत्र में कॉर्निया, आइरिस, पुतली, नेत्र लेंस, जलीय द्रव, काचाभ द्रव, रेटिना और ऑप्टिक नर्व जैसे अनेक भाग होते हैं, जो मिलकर आँख की देखने की प्रक्रिया को संभव बनाते हैं।
- कॉर्निया प्रकाश को अंदर प्रवेश कराता है, आइरिस पुतली के आकार द्वारा प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करता है, नेत्र लेंस प्रकाश को रेटिना पर केंद्रित करता है और रेटिना उस प्रकाश को विद्युत संकेतों में बदलकर ऑप्टिक नर्व द्वारा मस्तिष्क तक भेजती है।
- इसी पूरी प्रक्रिया के कारण हमें वस्तुओं का आकार, रंग और स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
👁️ 1. कॉर्निया (Cornea)
कॉर्निया आँख का आगे का पारदर्शी भाग होता है जो सबसे पहले प्रकाश को ग्रहण करता है और उसे आँख के अंदर भेजता है। यह प्रकाश का अपवर्तन करके उसे नेत्र लेंस की ओर मोड़ देता है, जिससे रेटिना पर स्पष्ट प्रतिबिंब बन सके।
👁️ 2. आइरिस (Iris)
आइरिस आँख का रंगीन भाग होता है जो पुतली के चारों ओर स्थित होता है और आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करता है। यह पुतली को बड़ा या छोटा करके तेज और मंद प्रकाश में आँख की रक्षा करता है।
👁️ 3. पुतली (Pupil)
पुतली आँख के मध्य स्थित एक गोल छिद्र होता है जिससे होकर प्रकाश आँख के भीतर प्रवेश करता है। इसका आकार आइरिस द्वारा नियंत्रित होता है और यह प्रकाश की तीव्रता के अनुसार फैलती या सिकुड़ती है।
👁️ 4. नेत्र लेंस (Eye Lens)
नेत्र लेंस एक पारदर्शी और उत्तल लेंस होता है जो प्रकाश किरणों को अपवर्तित करके रेटिना पर वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनाता है। यह पास और दूर की वस्तुओं को देखने के लिए अपनी मोटाई बदल सकता है।
👁️ 5. सिलियरी मांसपेशियाँ (Ciliary Muscles)
सिलियरी मांसपेशियाँ नेत्र लेंस से जुड़ी होती हैं और उसकी वक्रता को नियंत्रित करती हैं। इनके द्वारा लेंस की मोटाई बदलती है जिससे आँख को पास और दूर की वस्तुओं को देखने की क्षमता मिलती है।
👁️ 6. जलीय द्रव (Aqueous Humour)
जलीय द्रव एक पारदर्शी तरल होता है जो कॉर्निया और लेंस के बीच भरा रहता है। यह आँख को पोषण देता है और आंतरिक दबाव बनाए रखता है।
👁️ 7. काचाभ द्रव (Vitreous Humour)
काचाभ द्रव एक जेल जैसा पारदर्शी द्रव होता है जो लेंस और रेटिना के बीच होता है। यह आँख के गोल आकार को बनाए रखता है और प्रकाश को रेटिना तक पहुँचाने में सहायता करता है।
👁️ 8. रेटिना (Retina)
रेटिना आँख की भीतरी परत होती है जिस पर वस्तुओं का वास्तविक प्रतिबिंब बनता है। इसमें प्रकाश-संवेदी कोशिकाएँ होती हैं जो प्रकाश को तंत्रिका संकेतों में बदलकर मस्तिष्क तक भेजती हैं।
👁️ 9. ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve)
ऑप्टिक नर्व एक दृष्टि तंत्रिका होती है जो रेटिना से मस्तिष्क तक संकेतों को पहुँचाती है। मस्तिष्क इन्हीं संकेतों के आधार पर हमें वस्तु का बोध कराता है।
👁️ 10. पीला धब्बा (Yellow Spot)
पीला धब्बा रेटिना का वह भाग होता है जहाँ सबसे स्पष्ट और तीव्र दृष्टि प्राप्त होती है। यहाँ पर कोन कोशिकाएँ अधिक होती हैं जो रंग पहचानने में सहायक होती हैं।
👁️ 11. अंध बिंदु (Blind Spot)
अंध बिंदु रेटिना का वह स्थान होता है जहाँ ऑप्टिक नर्व जुड़ी होती है और यहाँ कोई भी प्रकाश-संवेदी कोशिका नहीं होती। इसलिए इस स्थान पर कोई भी प्रतिबिंब नहीं बनता।
2) प्रिज़्म (Prism)
प्रिज़्म एक पारदर्शी प्रकाशीय वस्तु होती है जिसकी दो सतहें आपस में कोण बनाती हैं और जिनसे होकर प्रकाश गुजरने पर वह मुड़ जाता है। इसका प्रयोग श्वेत प्रकाश को उसके घटक रंगों में विभाजित करने के लिए किया जाता है।
2. अपवर्तक सतहें (Refracting Surfaces)
प्रिज़्म की वे दो चिकनी और समतल सतहें जिनसे होकर प्रकाश प्रवेश करता है और बाहर निकलता है, अपवर्तक सतहें कहलाती हैं। इन सतहों पर प्रकाश का अपवर्तन होता है।
3. आधार (Base)
प्रिज़्म की वह सतह जो अपवर्तक सतहों के विपरीत होती है, आधार कहलाती है। यह प्रिज़्म की नीचे की सतह होती है और उसे सहारा देती है।
4. शीर्ष या शिखर (Apex)
प्रिज़्म की वे रेखा जहाँ दोनों अपवर्तक सतहें मिलती हैं, शीर्ष या शिखर कहलाती है। यही वह भाग होता है जो प्रिज़्म का नुकीला किनारा बनाता है।
5. प्रिज़्म कोण (Angle of Prism)
दो अपवर्तक सतहों के बीच बनने वाले कोण को प्रिज़्म कोण कहते हैं। यह कोण प्रकाश के मुड़ने की मात्रा को प्रभावित करता है।
6. आपतित किरण (Incident Ray)
जो प्रकाश किरण प्रिज़्म की पहली सतह पर गिरती है, उसे आपतित किरण कहते हैं। यही किरण प्रिज़्म के अंदर प्रवेश करती है।
7. निर्गत किरण (Emergent Ray)
जो प्रकाश किरण प्रिज़्म से बाहर निकलती है, उसे निर्गत किरण कहते हैं। यही किरण रंगों के रूप में दिखाई देती है।
8. विचलन कोण (Angle of Deviation)
आपतित किरण और निर्गत किरण के बीच बने कोण को विचलन कोण कहते हैं। यह बताता है कि प्रकाश प्रिज़्म से होकर कितना मुड़ा है।
9. स्पेक्ट्रम (Spectrum)
जब श्वेत प्रकाश प्रिज़्म से होकर सात रंगों में विभाजित हो जाता है, तो बने हुए रंगों के समूह को स्पेक्ट्रम कहते हैं। इसमें VIBGYOR क्रम के सभी रंग होते हैं।


