1. ऐसे Flying object को बिना human pilot की सहायता में उड़ान भरने और दिशा निर्देशित करने में सक्षम ड्रोन कहा जाता है।
2. ड्रोन का औद्योगिक उपयोग 1900 के करीब पाया जाता है।
3. Nikola Tesla द्वारा इसकी डिजाइन 1915 के करीब बनाई गई।
4. ड्रोन के निर्माण में बैटरी सिस्टम का महत्वपूर्ण योगदान है।
5. Phantom 4 एक प्रकार का ड्रोन है।
6. Inspire 2 एक तरह का फ़ोटोग्राफ़िक ड्रोन है।
7. ड्रोन को चलाने के लिए ड्रोन स्कूल खोलने की व्यवस्था की गई।
8. ड्रोन तकनीकी का उपयोग भविष्य में Drone Taxi, Goods Transport Service आदि कार्यों में किया जा सकता है।
9. ड्रोन तकनीक पहली बार ऑस्ट्रेलिया द्वारा सीमा पर निगरानी के लिए किया गया।
10. भारत में 1990 के दशक में इसे मानव रहित विमान के रूप में उपयोग किया गया।
11. सर्वप्रथम भारत में ड्रोन का निर्माण 1999 में किया गया, जिसे भारत सरकार द्वारा अपनाया गया।
12. ड्रोन का उपयोग सर्वेक्षण कार्य हेतु विशेष किया जाता है।
13. 2009 में रक्षा सेवा ने स्वदेशी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के तहत 100 विभिन्न प्रकार के अनुसार 10 ड्रोन बनाए।
14. भारत ने अगस्त 2021 में ड्रोन नियमावली का संशोधन किया।
15. भारतीय डाक सेवा ने ड्रोन के माध्यम से डाक सेवा शुरू की।
16. ड्रोन नीति के तहत ड्रोन स्कूल योजना विकसित किया गया।
17. ड्रोन नीति और उड़ान नियमों की स्थिति के बावजूद निगरानी कार्य हेतु छोटे ड्रोन हवाई क्षेत्र में उड़ सकते हैं।
18. वो टायर्स और विशिष्ट मशीन का निर्माण वाले समय प्राचीन निर्माण कार्य के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाता है।
19. ड्रोन को शहरों में जलमग्न या बाढ़ग्रस्त इमरजेंसी इस्थानों तक उपयोगकर्ता सामग्री पहुंचाने के लिए उपयोग किया जाता है।
20. ड्रोन का उपयोग एयरपोर्ट्स में सुरक्षा के लिए किया जाता है।
21. पंचायती राज मंत्रालय ने 2020 में SVAMITYA योजना लागू कर इस योजना के तहत सरकार ने भूमि का नक्शा बनाने के लिए ड्रोन का उपयोग किया।
22. ड्रोन का उपयोग कृषि क्षेत्र में विशेष किया जाता है।
23. मल्टी रोटर ड्रोन पारंपरिक ड्रोन के विकल्प रूप में कार्य करता है।
24. मल्टी रोटर ड्रोन नवोन्मेष मॉडल के रूप में आज प्रमुख प्रकार का ड्रोन है।
25. मल्टी रोटर ड्रोन के प्रकार हैं — जैसे ट्राई काप्टर (3 रोटर), क्वाड काप्टर (4 रोटर), हेक्सा काप्टर (6 रोटर)।
26. फिक्स्ड विंग ड्रोन पारंपरिक हवाई वाहन को अपनाने वाला जो अपनी उड़ान प्रणाली को संपन्न करता है।
27. इंडिया चार्ज (उत्तर प्रदेश) में ड्रोन हाईवे को बहुत विकसित किया गया है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
1. ड्रोन क्या है?
उत्तर:
ड्रोन एक प्रकार का मानव रहित हवाई वाहन (Unmanned Aerial Vehicle - UAV) होता है, जिसे रिमोट कंट्रोल या स्वचालित प्रणाली द्वारा संचालित किया जाता है। यह कैमरा, सेंसर, जीपीएस आदि तकनीकों से युक्त होता है और निगरानी, फोटोग्राफी, डिलीवरी, सर्वे आदि कार्यों में प्रयुक्त होता है। इसका उपयोग सैन्य, औद्योगिक तथा नागरिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।
2. ड्रोन कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
ड्रोन मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं:
- मल्टी रोटर ड्रोन (जैसे ट्राईकॉप्टर, क्वाडकॉप्टर, हेक्साकॉप्टर)
- फिक्स्ड विंग ड्रोन (विंग युक्त विमान जैसे)
- हाइब्रिड ड्रोन (जो दोनों तकनीकों को जोड़ते हैं |
3. ड्रोन आविष्कारक कौन है?
उत्तर:
ड्रोन के विकास का श्रेय वैज्ञानिक निकोला टेस्ला को जाता है। उन्होंने 1915 में एक ड्रोन जैसे यंत्र का डिजाइन प्रस्तुत किया था। हालांकि आधुनिक ड्रोन तकनीक का विकास धीरे-धीरे कई वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा किया गया। प्रारंभिक रूप से इसका उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए किया गया।
4. ड्रोन का उद्देश्य
उत्तर:
ड्रोन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में मानव सहायता के बिना कार्य करना है। इसका उपयोग निगरानी, सैन्य ऑपरेशन, कृषि, डिलीवरी, फोटोग्राफी, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, और यातायात निगरानी जैसे कार्यों में होता है। ड्रोन का उपयोग कार्य को सटीक, तेज़ और सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है।
5. ड्रोन की मैक्सिमम रेंज।
उत्तर:
ड्रोन की अधिकतम रेंज उसके प्रकार और निर्माण तकनीक पर निर्भर करती है। सामान्यतया छोटे ड्रोन 500 मीटर से 5 किलोमीटर तक की दूरी तक उड़ सकते हैं, जबकि पेशेवर एवं सैन्य ड्रोन की रेंज 50 किलोमीटर से लेकर 1000 किलोमीटर तक हो सकती है। कुछ विशेष ड्रोन सैटेलाइट सिस्टम द्वारा संचालित होकर लंबी दूरी तय कर सकते हैं।
6. क्वाडर ड्रोन तकनीक।
उत्तर:
क्वाडर ड्रोन तकनीक में चार रोटर (प्रोपेलर) होते हैं जो उसे स्थिर उड़ान और दिशा नियंत्रण में सहायता करते हैं। यह सबसे सामान्य और उपयोगी ड्रोन प्रकार है, जिसका उपयोग फोटोग्राफी, सर्वे, निगरानी आदि में किया जाता है। यह तकनीक संतुलन और नियंत्रण की दृष्टि से बेहतर मानी जाती है।
7. ड्रोन प्रौद्योगिकी की विशेषताएं।
उत्तर:
ड्रोन प्रौद्योगिकी की प्रमुख विशेषताएं हैं:
- मानव रहित संचालन
- जीपीएस और सेंसर आधारित नियंत्रण
- ऊंचाई और दिशा का सटीक नियंत्रण
- कैमरा और डेटा संग्रहण की सुविधा
- स्वचालित उड़ान योजना
- आपातकालीन क्षेत्रों में उपयोग की क्षमता
8. ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रमुख क्षेत्रों में अनुप्रयोग।
उत्तर:
ड्रोन का उपयोग अनेक क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे —
- सैन्य निगरानी और हमले
- कृषि में फसल का निरीक्षण और कीटनाशक छिड़काव
- ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन
- फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी
- नक्शा निर्माण और भूमि सर्वेक्षण
- मेडिकल आपूर्ति एवं डिलीवरी सेवाएँ
9. डिजिटल स्काई प्लेटफार्म क्या है?
उत्तर:
डिजिटल स्काई प्लेटफार्म भारत सरकार द्वारा विकसित एक ऑनलाइन पोर्टल है जो ड्रोन संचालन को नियंत्रित और विनियमित करता है। इसके माध्यम से ड्रोन उड़ान की अनुमति ली जाती है। यह 'नो पर्मिशन, नो टेकऑफ' (NPNT) नियम पर आधारित है। यह प्लेटफार्म यूजर को उड़ान से पूर्व डिजिटल परमिशन प्रदान करता है और अवैध ड्रोन संचालन को रोकता है।
10. जियो फेंसिंग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जियो फेंसिंग एक तकनीक है जिसमें किसी स्थान की वर्चुअल सीमा बनाई जाती है। जब ड्रोन इस सीमा को पार करने की कोशिश करता है, तो उसे अलर्ट भेजा जाता है या वह उड़ नहीं सकता। यह सुरक्षा, एयरस्पेस नियंत्रण और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश रोकने के लिए इस्तेमाल होती है। यह तकनीक डिजिटल स्काई प्लेटफार्म के साथ काम करती है।
11. ड्रोन कितनी ऊँचाई और दूर तक उड़ सकते हैं?
उत्तर:
ड्रोन की उड़ान क्षमता उसके मॉडल और तकनीक पर निर्भर करती है। सामान्यतः शौकिया ड्रोन 100 से 400 फीट (लगभग 120 मीटर) की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं। व्यावसायिक व सैन्य ड्रोन 5 से 10 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तक उड़ सकते हैं। भारत में ड्रोन की अधिकतम ऊंचाई 400 फीट तक सीमित है।
12. ड्रोन को स्थिर करने के लिए आप कौन-से सेंसर का उपयोग करते हैं?
उत्तर:
ड्रोन को स्थिर रखने के लिए विभिन्न सेंसरों का प्रयोग किया जाता है जैसे—
- Gyroscope (घूर्णन संतुलन)
- Accelerometer (गति माप)
- GPS Sensor (स्थान निर्धारण)
- Barometer (ऊंचाई मापने हेतु)
- Magnetometer (दिशा नियंत्रण हेतु)
13. क्या ड्रोन की बैटरी को सड़क पर भी बिना आउटलेट के चार्ज किया जा सकता है?
उत्तर:
हाँ, ड्रोन की बैटरी को सड़क पर बिना स्थायी आउटलेट के चार्ज किया जा सकता है। इसके लिए पोर्टेबल सोलर चार्जर, पावर बैंक या कार चार्जर का उपयोग किया जा सकता है। ये डिवाइस ड्रोन की बैटरी को USB या DC पोर्ट के माध्यम से चार्ज करने में सक्षम होते हैं।
14. क्या ड्रोन के संचालन पर कोई प्रतिबंध या रोक है?
उत्तर:
हाँ, ड्रोन संचालन पर कुछ कानूनी प्रतिबंध होते हैं। उदाहरण के लिए:
- एयरपोर्ट, मिलिट्री एरिया और नो-फ्लाई ज़ोन में उड़ान निषिद्ध है।
- DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) से अनुमति लेना आवश्यक है।
- ड्रोन को UIN (Unmanned Aircraft Operator Permit) नंबर के साथ पंजीकृत होना चाहिए।
- डिजिटल स्काई प्लेटफार्म से उड़ान की पूर्व अनुमति आवश्यक है।
15. यदि रेडियो लिंक समाप्त हो जाए तो ड्रोन क्या करता है?
उत्तर:
यदि रेडियो लिंक या सिग्नल कनेक्शन टूट जाता है, तो आधुनिक ड्रोन “Return to Home (RTH)” तकनीक को सक्रिय कर देते हैं। यह उन्हें स्वचालित रूप से उड़ान की प्रारंभिक स्थिति (Takeoff Point) पर वापस ले आता है। यदि RTH तकनीक उपलब्ध न हो, तो ड्रोन hovering या emergency landing कर सकता है।
16. एक ड्रोन कितना सामान ले जा सकता है?
उत्तर:
ड्रोन का लदान (Payload) क्षमता उसके आकार और डिजाइन पर निर्भर करती है।
- छोटे ड्रोन 250 ग्राम से 2 किलो तक का वजन उठा सकते हैं।
- मध्यम श्रेणी के ड्रोन 5 से 25 किलो तक सामान ले जा सकते हैं।
- भारी डिलीवरी ड्रोन 50 किलो या उससे अधिक वजन उठा सकते हैं।
1. ड्रोन प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) का प्रयोग कहाँ-कहाँ होता है?
उत्तर:ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रयोग अनेक क्षेत्रों में किया जाता है। इनका उपयोग सैन्य निगरानी, कृषि क्षेत्र में छिड़काव, फिल्मांकन, फोटोग्राफी, आपदा प्रबंधन, भौगोलिक सर्वेक्षण, और ट्रैफिक निगरानी में होता है। पुलिस और सेना द्वारा अपराधियों की खोज तथा सीमाओं की निगरानी में ड्रोन का विशेष उपयोग होता है। वर्तमान समय में ड्रोन डिलीवरी सेवाओं में भी कार्यरत हैं। इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है।
2. ड्रोन का इतिहास बताइए।
उत्तर:ड्रोन का इतिहास 20वीं सदी के आरंभ में शुरू हुआ था। सर्वप्रथम ड्रोन का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए प्रथम विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। 1930 के दशक में अमेरिका ने रेडियो कंट्रोल से चलने वाले ड्रोन विकसित किए। 1990 के बाद तकनीक में वृद्धि से ड्रोन को नागरिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनाया गया। आज ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है और विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग की जा रही है।
3. ड्रोन के प्रकार तथा ड्रोन प्रौद्योगिकी की विशेषताएँ।
उत्तर:ड्रोन मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
1. मल्टी-रोटर ड्रोन
2. फिक्स्ड विंग ड्रोन
इनकी प्रमुख विशेषताएँ हैं:
- यह बिना पायलट के उड़ान भर सकते हैं।
- इन्हें रिमोट या प्रोग्राम से नियंत्रित किया जा सकता है।
- यह छोटे व हल्के होते हैं।
- इनमें कैमरा, सेंसर और GPS लगे होते हैं।
- कम समय में कठिन स्थानों तक पहुंच सकते हैं।
4. भारत में पहली बार ड्रोन का उपयोग कहाँ किया गया है?
उत्तर:भारत में पहली बार ड्रोन का उपयोग रक्षा क्षेत्र में किया गया था। इसका प्रयोग सीमाओं की निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया गया। इसके बाद पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने भी ड्रोन को अपनाया। कृषि और स्वास्थ्य विभागों ने भी ड्रोन तकनीक को समय के साथ अपनाना शुरू कर दिया है।
5. भारत में प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनियाँ कौन-कौन हैं?
उत्तर:भारत में कई प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनियाँ हैं: 1. आईडिया फोर्ज (IdeaForge)
2. जेनस एक्ट (Zen Technologies)
3. एरो 360 (Aero360)
4. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स
5. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
इन कंपनियों के द्वारा विभिन्न उपयोगों के लिए ड्रोन विकसित किए जा रहे हैं जो रक्षा, कृषि, लॉजिस्टिक्स आदि में काम आ रहे हैं।
6. ड्रोन कैसे उड़ते हैं? प्रक्रिया विधि समझाइए।
उत्तर:ड्रोन की उड़ान रोटर और मोटर की सहायता से होती है। ड्रोन के रोटर घूमकर ऊपर की ओर बल उत्पन्न करते हैं जिससे ड्रोन उड़ता है। रिमोट कंट्रोल या मोबाइल एप से इसे नियंत्रित किया जाता है। ड्रोन में लगे सेंसर, GPS, और कैमरा इसे दिशा और ऊंचाई बनाए रखने में मदद करते हैं। बैटरी से ड्रोन को ऊर्जा मिलती है। उड़ान के दौरान ड्रोन हवा में स्थिर रह सकता है और आगे-पीछे उड़ सकता है।
7. ड्रोन की कार्यप्रणाली क्या होती है?
उत्तर:ड्रोन की कार्यप्रणाली सेंसर, मोटर, GPS, और कैमरा पर आधारित होती है। ये सभी हिस्से मिलकर ड्रोन को नियंत्रित करते हैं। यूज़र रिमोट कंट्रोल या एप्लिकेशन की मदद से ड्रोन को दिशा देता है। मोटर रोटर को घुमाते हैं जिससे ड्रोन ऊपर उड़ता है। GPS से इसकी लोकेशन ट्रैक होती है और कैमरा से लाइव वीडियो मिलता है। यह पूरी प्रक्रिया बैटरी से संचालित होती है।
8. क्या ड्रोन का उपयोग घर के अंदर भी किया जा सकता है?
उत्तर:हाँ, ड्रोन का उपयोग घर के अंदर भी किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ सावधानियाँ रखनी होती हैं। इनडोर ड्रोन छोटे आकार के होते हैं और हल्के वजन के होते हैं। घर के अंदर उड़ाते समय दीवारों, पंखे, या अन्य वस्तुओं से टकराने का खतरा होता है, इसलिए इन्हें सावधानी से उड़ाना चाहिए। कैमरा वाले ड्रोन को इनडोर सुरक्षा व निगरानी के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
9. यदि ड्रोन उड़ते-उड़ते दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, तो क्या होगा?
उत्तर:यदि ड्रोन उड़ते समय दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो उसमें लगे उपकरण जैसे कैमरा, मोटर या बैटरी को क्षति हो सकती है। ऐसी स्थिति में ड्रोन का संतुलन बिगड़ सकता है और वह गिर सकता है। इससे लोगों को चोट लगने का भी खतरा रहता है। कई ड्रोन में ऑटो लैंडिंग सिस्टम होता है जो दुर्घटना से पहले उसे धीरे से जमीन पर उतार देता है। कुछ ड्रोन बीमा द्वारा भी सुरक्षित रहते हैं।
10. यदि रेडियो लिंक समाप्त हो जाए तो ड्रोन क्या करता है?
उत्तर:यदि रेडियो लिंक समाप्त हो जाए यानी ड्रोन और कंट्रोलर के बीच संपर्क टूट जाए, तो अधिकांश आधुनिक ड्रोन "Return to Home" (RTH) फीचर सक्रिय कर लेते हैं। इसका मतलब है कि ड्रोन स्वचालित रूप से उड़कर अपने प्रारंभिक स्थान पर लौट आता है। कुछ ड्रोन वहीं रुककर स्थिर हो जाते हैं या धीरे-धीरे जमीन पर उतर जाते हैं। यह फीचर दुर्घटना को रोकने में सहायक होता है।
विस्तृत उत्तर प्रश्न
1. ड्रोन प्रौद्योगिकी के बारे में आप क्या जानते हैं? इसका इतिहास, प्रकार एवं विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:ड्रोन प्रौद्योगिकी एक उन्नत तकनीक है जिसमें चालक रहित विमान (Unmanned Aerial Vehicle) का प्रयोग होता है। इसका इतिहास सैन्य कार्यों से शुरू हुआ, लेकिन अब यह नागरिक सेवाओं में भी प्रयोग हो रहा है। ड्रोन कई प्रकार के होते हैं जैसे- क्वाडकॉप्टर, मल्टी-रोटर, हाइब्रिड इत्यादि। इसकी विशेषताएँ हैं- तेज गति, सटीकता, ऑटोमैटिक नेविगेशन, और कम लागत। यह कृषि, निगरानी, फिल्मांकन, आपदा प्रबंधन आदि में अत्यंत उपयोगी है।
2. ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रमुख क्षेत्रों में अनुप्रयोग स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:ड्रोन तकनीक का प्रयोग कृषि में कीटनाशक छिड़काव, निगरानी और फसल विश्लेषण में होता है। सेना में निगरानी, बमवर्षा और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए इसका उपयोग होता है। आपदा प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल, मेडिकल सप्लाई, फोटोग्राफी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी ड्रोन के उपयोग लगातार बढ़ रहे हैं। यह तकनीक अब आम जनता तक भी पहुँच चुकी है।
3. हवाई जहाज, सामान स्क्रीनिंग, आवासीय सहायक, ग्राहक सहायता, डेटा प्रबंधन, मल्टी रोटर, हाईब्रिड में AI के प्रयोग को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:AI अब ड्रोन और हवाई तकनीक का अहम हिस्सा बन चुका है। हवाई जहाज में AI स्वचालित नेविगेशन और यात्री अनुभव में सहायता करता है। स्क्रीनिंग में AI चेहरे की पहचान, बम डिटेक्शन करता है। AI-ड्रोन ग्राहक सेवा, डिलीवरी, डेटा कलेक्शन और ट्रैकिंग में सहायक होते हैं। मल्टी रोटर और हाईब्रिड ड्रोन में AI उन्नत कंट्रोल और ऑब्जेक्ट अवॉइडेंस प्रदान करता है।
4. भारत में ड्रोन के विकास के काल खण्ड पर चर्चा करिए।
उत्तर:भारत में ड्रोन का आरंभिक उपयोग सेना में हुआ था। 2014 के बाद नागरिक उपयोग में तेजी आई। सरकार ने 2021 में “ड्रोन नीति” जारी की जिससे तकनीक को बढ़ावा मिला। डिजिटल इंडिया, स्मार्ट खेती और स्वास्थ सेवाओं में ड्रोन का विकास हुआ है। आज भारत विश्व के ड्रोन तकनीक अपनाने वाले अग्रणी देशों में से एक है।
5. वर्तमान ड्रोन की पृष्ठभूमि क्या है?
उत्तर:वर्तमान में ड्रोन तकनीक AI, IoT और GPS जैसी तकनीकों से सुसज्जित है। ये ऑटोमैटिक उड़ान, सेंसर डेटा विश्लेषण और लाइव स्ट्रीमिंग में सक्षम हैं। ड्रोन का डिज़ाइन हल्का, मजबूत और लॉन्ग-रेंज उड़ान के लिए अनुकूल होता है। इन्हें अब व्यवसाय, सरकारी और व्यक्तिगत कार्यों में तेजी से अपनाया जा रहा है।
6. ड्रोन प्रौद्योगिकी की क्या विशेषता है तथा इसके सामने वाली प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर:ड्रोन की विशेषताएँ हैं – तेज, सटीक, दूरस्थ संचालन, कम लागत, और जोखिम रहित निगरानी। लेकिन इसके समक्ष चुनौतियाँ भी हैं जैसे- गोपनीयता का उल्लंघन, तकनीकी खराबी, सुरक्षा खतरे, हवाई यातायात में हस्तक्षेप और नियमों की अनभिज्ञता। इन समस्याओं से निपटने के लिए उचित नीति और प्रशिक्षण आवश्यक है।
7. ड्रोन का विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग का व्याख्या सहित उत्तर लिखिए।
उत्तर:ड्रोन का उपयोग कृषि में कीटनाशक छिड़काव, स्वास्थ्य सेवाओं में दवाओं की डिलीवरी, सेना में निगरानी और आक्रमण, आपदा प्रबंधन में राहत सामग्री पहुंचाने, ट्रैफिक निगरानी, फिल्म निर्माण, भौगोलिक सर्वेक्षण, और सुरक्षा जांच में हो रहा है। यह तकनीक बहुउपयोगी बनकर हर क्षेत्र में समाधान प्रदान कर रही है।
8. ड्रोन का उपयोग करते समय किन बातों को ध्यान रखना पड़ता है?
उत्तर:ड्रोन उड़ाते समय लाइसेंस और अनुमति लेना आवश्यक होता है। अधिक ऊँचाई पर उड़ाने से बचना चाहिए, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाना निषेध है। बैटरी स्तर, मौसम की स्थिति और GPS सिग्नल की जाँच आवश्यक है। साथ ही गोपनीयता और सुरक्षा मानकों का भी पालन करना चाहिए।
9. ड्रोन तकनीकी के उपयोग से कृषि कार्यों में कैसे मदद मिल रही है? व्याख्या करिए।
उत्तर:ड्रोन तकनीक से किसान फसलों की निगरानी, कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव, जल स्रोत का आकलन और भूमि की मैपिंग कर सकते हैं। इससे लागत कम होती है, उत्पादन बढ़ता है और समय की बचत होती है। सटीक कृषि (Precision Farming) को भी यह तकनीक बढ़ावा देती है, जिससे किसान अधिक वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकते हैं।
10. मल्टी रोटर क्या होते हैं? सविस्तर व्याख्या करिए।
उत्तर:
मल्टी रोटर ड्रोन वे होते हैं जिनमें एक से अधिक प्रोपेलर (rotors) होते हैं जैसे- ट्राईकॉप्टर (3), क्वाडकॉप्टर (4), हेक्साकॉप्टर (6), आदि। ये स्थिर उड़ान, ऊँचाई नियंत्रण और दिशा परिवर्तन में सक्षम होते हैं। मल्टी रोटर ड्रोन कम दूरी के कार्यों जैसे फोटोग्राफी, निगरानी और डिलीवरी में अधिक उपयोगी होते हैं।
11. हाईब्रिड क्या होते हैं? सविस्तर व्याख्या करिए।
उत्तर:हाईब्रिड ड्रोन वे होते हैं जो दो या दो से अधिक तकनीकों को मिलाकर बनाए जाते हैं, जैसे – रोटर + फिक्स्ड विंग। ये लंबी दूरी और अधिक भार उठाने में सक्षम होते हैं। इनकी बैटरी और ईंधन दोनों से पावर सप्लाई होती है। हाईब्रिड ड्रोन का उपयोग मुख्यतः रक्षा, सर्वेक्षण और लॉजिस्टिक्स में होता है।
1. यू.ए.वी. का पूरा नाम क्या है?
(●) मानव रहित हवाई वाहन(a) निहत्थे वाहन विमान
(b) मानव रहित विमान वाहन
(d) इनमें से कोई नहीं
2. मानव रहित विमान प्रणाली के घटकों में क्या शामिल नहीं है?
(a) यू.ए.वी.(b) ग्राउंड आधारित नियंत्रक
(●) लैंडिंग के लिए हवाई पट्टी
(d) यू.ए.वी. और नियंत्रक के बीच एक संचार प्रणाली
3. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द ड्रोन के लिए प्रयुक्त नहीं है?
(●) रैपिड एक्शन फ्लाइट सिस्टम(b) मानव रहित विमान वाहन प्रणाली
(c) रिमोटली पायलेटेड एरियल सिस्टम
(d) दूर से संचालित विमान प्रणाली
4. सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स किसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है?
(●) नागरिक उड्डयन महानिदेशक(b) भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण
(c) भारतीय वायु सेना
(d) केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग
5. निम्नलिखित में से किस श्रेणी के ड्रोन को भारत में उपयोग के लिए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है?
(a) सूक्ष्म श्रेणी(b) छोटी श्रेणी
(●) नैनो श्रेणी
(d) बड़ी श्रेणी
6. भारत में ड्रोन श्रेणियों के अनुसार नैनो ड्रोन का वजन क्या होना चाहिए?
(a) 250 ग्राम से अधिक(●) 250 ग्राम से कम या बराबर
(c) 250 ग्राम से 2 Kg.
(d) 2 Kg से 4 Kg.
7. भारत में ड्रोन श्रेणियों के अनुसार बड़ी श्रेणी के ड्रोन का वजन क्या होना चाहिए?
(a) 2 kg से 25 kg(b) 25 kg से 150 kg
(●) 150 kg से अधिक
(d) 100 kg से कम
8. नैनो श्रेणी के ड्रोनों को कितने फीट तक उड़ान भरने के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं होती है?
(a) 150(●) 50
(c) 200
(d) 100
9. माइक्रो श्रेणी के ड्रोनों को कितने फीट तक उड़ान भरने के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं होती है?
(a) 100(b) 300
(c) 250
(●) 200
10. भारत में ड्रोन उड़ाने के लिए सामान्य नियम के अनुसार किसी भी ड्रोन को लम्बवत् रूप से कितने फीट से अधिक नहीं उड़ाया जा सकता?
(●) 400(b) 500
(c) 350
(d) 300
11. निम्नलिखित में से कौन-सा उपयोग किये जाने वाले हवाई प्लान फार्म पर आधारित ड्रोन का एक प्रकार नहीं है?
(a) मल्टी रोटर ड्रोन(●) मूविंग रोटर ड्रोन
(b) एकल रोटर हेलीकॉप्टर
(d) फिक्स्ड विंग हाइब्रिड बीटीओएल
12. निम्नलिखित में से कौन-सा ड्रोन ज्यादातर पेशेवर और शौकीनों द्वारा उपयोग किया जाता है?
(●) मल्टी रोटर ड्रोन(a) फिक्स्ड विंग ड्रोन
(b) सिंगल रोटर ड्रोन
(d) हाइब्रिड बीडीओएल
13. निम्नलिखित में से कौन मल्टी रोटर ड्रोन का उप-प्रकार नहीं है?
(a) ट्राइ कॉप्टर(b) क्योडो कॉप्टर
(●) ट्विकॉप्टर
(d) आक्टोप्टर
14. निम्नलिखित में से कौन-सा ड्रोन का अनुप्रयोग नहीं है?
(a) फोटो ग्रमेटी(b) भूमि सर्वेक्षण
(c) जनसंख्या सर्वेक्षण
(●) जल सर्वेक्षण के तहत
15. निम्नलिखित में से कौन-सा ड्रोन का अनुप्रयोग है?
(a) परियोजना निगरानी(b) हवाई मानचित्रण
(c) संरचनात्मक स्वास्थ्य निगरानी
(●) ऊपर के सभी
16. ड्रोन का उपयोग करके निम्नलिखित में से किस संरचना के स्वास्थ्य का मूल्यांकन किया जा सकता है?
(a) बड़े स्पैन पुल(b) विरासत संरचनाएँ
(c) स्मारक और ऊँची इमारतें
(●) ऊपर के सभी
17. ROV का पूर्ण रूप क्या है?
(a) दूर से ऑर्डर किया गया वाहन(b) बेहतरीन ढंग से संचालित वाहन
(●) दूर से संचालित वाहन
(d) रेंज संचालित वाहन
18. भूमि सर्वेक्षण में उपयोग किये जाने वाले ड्रोन क्या उत्पन्न करते हैं?
(●) आर्थोमोजिक्स मानचित्र(a) काउंटर लाइन्स
(b) 2 डी चित्र
(d) क्षेत्र चार्ट
19. सर्वेक्षण ड्रोन द्वारा निर्मित छवियों से किस प्रकार का डेटा नहीं निकाला जा सकता है?
(a) सड़क के संकेत(●) प्रतिबंध
(b) भार समता
(d) सड़क चिन्हक
20. निम्नलिखित में से कौन-सा ड्रोन द्वारा भूमि सर्वेक्षण का प्रकार नहीं है?
(a) सड़क सर्वेक्षण(b) यातायात मात्रा माप
(c) लैंड फिल मात्रा माप
(●) ढलान की निगरानी
21. निम्नलिखित में से कौन-सा परियोजना निगरानी में ड्रोन का अनुप्रयोग है?
(a) परियोजना का विहंगम दृश्य की जाँच करने के लिए(b) सामग्री भंडार माप
(c) सीएडी ओवरले की तैयारी
(●) उपरोक्त के सभी
22. निम्नलिखित में से कौन-सा निर्माण उद्योग में ड्रोन का अनुप्रयोग नहीं है?
(a) निगरानी(●) विपणन
(b) भूमि की माप
(d) प्रगति रिपोर्टिंग
23. निम्नलिखित में से कौन-सा निर्माण उद्योग में ड्रोन का उपयोग है?
(a) सूची प्रबंधन(b) वाल्यू मेटिंग मापन
(c) संरचनात्मक अखंडता रखरखाव
(●) उपरोक्त के सभी
24. वह प्रक्रिया जिसके द्वारा सटीक त्रिआयामी मानचित्र बनाने के लिए तस्वीरों से जानकारी निकाली जाती है उसे क्या कहा जाता है?
(a) मात्रात्मक निरीक्षण(b) पानी के अंदर सर्वेक्षण
(●) फोटो आमेटी
(d) संरचनात्मक स्वास्थ्य निगरानी
25. फोटो आमेटी में किस प्रणाली का उपयोग करके गतिशील, मापने योग्य दस्तावेज बनाती है?
(a) यू.ए.वी. लगे सेंसर(b) जी.आई.एस. मैपिंग सिस्टम
(●) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
26. विमान या उपग्रह कल्पना की तुलना में ड्रोन किसके कारण फायदेमंद है?
(a) कम ऊँचाई पर उड़ना(b) उच्च सटीकता डाटा
(c) वायुमंडलीय स्थिति से स्वतंत्र
(●) उपरोक्त सभी
27. कौन-सा एयरक्राफ्ट उड़ने वाला रोबोट है?
(●) UAV ड्रोन(a) हेलीकॉप्टर
(b) मोबाइल
(d) हवाई जहाज
28. ऑटो पायलटिंग ड्रोन में कौन-सा हिस्सा उसके मस्तिष्क की तरह होता है?
(●) माइक्रो कंट्रोलर
(a) सेंसर
(b) रिसीवर
(d) ट्रांसमीटर
29. किस ड्रोन का अधिकतम वजन 250 ग्राम तक होता है?
(●) नैनो(a) सूक्ष्म
(b) छोटा
(d) मध्यम
30. ड्रोन द्वारा खोज और बचाव अभियान में किस मात्रा में समय की गणना की जाती है?
(a) प्रत्येक सेकेण्ड(●) प्रत्येक मिनट
(b) प्रत्येक घंटा
(d) प्रत्येक दिवस
31. ड्रोन उड़ाने की आदर्श स्थिति कब होती है?
(●) केवल दिन के उजाले के दौरान(a) केवल सुबह के समय
(b) केवल दोपहर में
(d) केवल रात में
32. VMC का पूर्ण रूप क्या है?
(●) Visual Metrological Condition(a) Visual Metro Condition
(b) Visual Mental Care
(d) Versatile Mental Conditioned
33. उड़ान के दौरान कौन-सा उपकरण दबाव और इसके परिवर्तन को मापता है?
(●) बैरोमीटर(a) सेंसर
(b) थर्मामीटर
(d) माइक्रोमीटर
34. उड़ने वाले ड्रोन की बैटरियों में किन सामग्रियों का उपयोग किया जाता है?
(●) लिथियम(a) पोटैशियम
(b) सल्फ्यूरिक
(d) इलेक्ट्रोलिटिक
35. उड़ने वाले ड्रोन में प्रयोग होने वाली बैटरी का वजन होता है—
(●) हल्का(a) भारी
(b) बड़ा
(d) छोटा
36. ड्रोन में प्रयुक्त मोटर का क्या कार्य है?
(●) प्रोपेलर को घुमाना(a) ड्रोन को ऊपर उड़ाना
(b) ड्रोन को गति देना
(d) ड्रोन स्टार्ट करना
37. फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन का संक्षिप्त रूप क्या है?
(●) FTO(a) FYTO
(b) FTRO
(d) Ft org
38. मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) या ड्रोन के लिए किस जिले में ड्रोन पारिस्थितिक तंत्र स्थापित करेगा? एक प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए आन्ध्र प्रदेश
(●) चित्तूर(a) कुरनूल
(b) अनंतपुर
(d) नेल्लोर