प्रश्नावली 12.1
प्रश्न 1. 5 सेमी भुजा वाले तीन घन परस्पर सिरे से सिरे जोड़े जाते हैं। इस प्रकार प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
घन की भुजा = 5 सेमी
तीन घन सिरे से जुड़े ⇒ लंबाई = 5+5+5 = 15 सेमी
चौड़ाई = 5 सेमी, ऊँचाई = 5 सेमी
पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + lh)
= 2(15×5 + 5×5 + 15×5)
= 2(75 + 25 + 75) = 350 सेमी²
उत्तर: 350 वर्ग सेमी
प्रश्न 2. एक लोहे का बेलनाकार पोल जिसके आधार का व्यास 26 सेमी और ऊँचाई 240 सेमी है,
उसके ऊपर एक दूसरा बेलन जिसकी त्रिज्या 10 सेमी व ऊँचाई 66 सेमी है।
1 सेमी³ लोहे का द्रव्यमान 8 ग्राम है। द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
हल:
बड़े बेलन की त्रिज्या = 13 सेमी
आयतन = πr²h = 3.14×13²×240 = 127305.6 सेमी³
छोटे बेलन का आयतन = 3.14×10²×66 = 20724 सेमी³
कुल आयतन = 148029.6 सेमी³
द्रव्यमान = 148029.6×8 = 1184236.8 ग्राम = 1184.66 किग्रा
बड़े बेलन की त्रिज्या = 13 सेमी
आयतन = πr²h = 3.14×13²×240 = 127305.6 सेमी³
छोटे बेलन का आयतन = 3.14×10²×66 = 20724 सेमी³
कुल आयतन = 148029.6 सेमी³
द्रव्यमान = 148029.6×8 = 1184236.8 ग्राम = 1184.66 किग्रा
उत्तर: 1184.66 किग्रा
प्रश्न 3. एक बेलनाकार ठोस जिसके दोनों सिरे अर्द्धगोले हैं।
कुल लंबाई 104 सेमी व त्रिज्या 7 सेमी है।
₹2 प्रति सेमी² की दर से पॉलिश का खर्च ज्ञात कीजिए।
हल:
बेलन की ऊँचाई = 104 − 14 = 90 सेमी
CSA (बेलन) = 2πrh = 3960 सेमी²
दो अर्द्धगोले = एक गोला = 616 सेमी²
कुल क्षेत्रफल = 4576 सेमी²
खर्च = 4576×2 = ₹91.52
बेलन की ऊँचाई = 104 − 14 = 90 सेमी
CSA (बेलन) = 2πrh = 3960 सेमी²
दो अर्द्धगोले = एक गोला = 616 सेमी²
कुल क्षेत्रफल = 4576 सेमी²
खर्च = 4576×2 = ₹91.52
उत्तर: ₹91.52
प्रश्न 4. एक ठोस खिलौना अर्द्धगोले पर रखे शंकु के आकार का है।
शंकु की ऊँचाई 2 सेमी व व्यास 4 सेमी है।
(i) खिलौने का आयतन
(ii) बेलन व खिलौने के आयतनों का अंतर
(iii) कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
त्रिज्या r = 2 सेमी
अर्द्धगोले का आयतन = 16.75 सेमी³
शंकु का आयतन = 8.37 सेमी³
कुल आयतन = 33.49 सेमी³
बेलन का आयतन = 50.24 सेमी³
अंतर = 16.75 सेमी³
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 42.44 सेमी²
त्रिज्या r = 2 सेमी
अर्द्धगोले का आयतन = 16.75 सेमी³
शंकु का आयतन = 8.37 सेमी³
कुल आयतन = 33.49 सेमी³
बेलन का आयतन = 50.24 सेमी³
अंतर = 16.75 सेमी³
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 42.44 सेमी²
उत्तर: 33.49 सेमी³, 16.75 सेमी³, 42.44 सेमी²
प्रश्न 5.
दो घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64 cm³ है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस बनाया जाता है। इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दो घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64 cm³ है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस बनाया जाता है। इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दिया है:
घन का आयतन = 64 cm³
घन की भुजा = ∛64 = 4 cm
दो घन जुड़े हैं ⇒
लंबाई = 4 + 4 = 8 cm
चौड़ाई = 4 cm
ऊँचाई = 4 cm
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)
= 2(8×4 + 4×4 + 8×4)
= 2(32 + 16 + 32)
= 2 × 80
= 160 cm²
घन का आयतन = 64 cm³
घन की भुजा = ∛64 = 4 cm
दो घन जुड़े हैं ⇒
लंबाई = 4 + 4 = 8 cm
चौड़ाई = 4 cm
ऊँचाई = 4 cm
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)
= 2(8×4 + 4×4 + 8×4)
= 2(32 + 16 + 32)
= 2 × 80
= 160 cm²
उत्तर: 160 cm²
प्रश्न 6.
कोई बर्तन एक खोखले अर्द्धगोले के आकार का है जिसके ऊपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्द्धगोले का व्यास 14 cm है तथा पात्र की कुल ऊँचाई 13 cm है। आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
कोई बर्तन एक खोखले अर्द्धगोले के आकार का है जिसके ऊपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्द्धगोले का व्यास 14 cm है तथा पात्र की कुल ऊँचाई 13 cm है। आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दिया है:
अर्द्धगोले का व्यास = 14 cm ⇒ r = 7 cm
कुल ऊँचाई = 13 cm
बेलन की ऊँचाई = 13 − 7 = 6 cm
बेलन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh
= 2 × 22/7 × 7 × 6
= 264 cm²
अर्द्धगोले का आंतरिक क्षेत्रफल = 2πr²
= 2 × 22/7 × 49
= 308 cm²
कुल आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = 264 + 308
= 572 cm²
अर्द्धगोले का व्यास = 14 cm ⇒ r = 7 cm
कुल ऊँचाई = 13 cm
बेलन की ऊँचाई = 13 − 7 = 6 cm
बेलन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh
= 2 × 22/7 × 7 × 6
= 264 cm²
अर्द्धगोले का आंतरिक क्षेत्रफल = 2πr²
= 2 × 22/7 × 49
= 308 cm²
कुल आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = 264 + 308
= 572 cm²
उत्तर: 572 cm²
प्रश्न 7.
एक खिलौना 3.5 cm त्रिज्या वाले शंकु के रूप में है जो उसी त्रिज्या वाले अर्द्धगोले पर रखा है। संपूर्ण ऊँचाई 15.5 cm है। संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक खिलौना 3.5 cm त्रिज्या वाले शंकु के रूप में है जो उसी त्रिज्या वाले अर्द्धगोले पर रखा है। संपूर्ण ऊँचाई 15.5 cm है। संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दिया है:
r = 3.5 cm
कुल ऊँचाई = 15.5 cm
शंकु की ऊँचाई = 15.5 − 3.5 = 12 cm
शंकु की तिर्यक ऊँचाई
l = √(r² + h²)
= √(3.5² + 12²)
= √(12.25 + 144)
= √156.25 = 12.5 cm
शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl
= 3.14 × 3.5 × 12.5
= 137.3 cm²
अर्द्धगोले का क्षेत्रफल = 2πr²
= 2 × 3.14 × 12.25
= 77.2 cm²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 137.3 + 77.2
= 214.5 cm²
r = 3.5 cm
कुल ऊँचाई = 15.5 cm
शंकु की ऊँचाई = 15.5 − 3.5 = 12 cm
शंकु की तिर्यक ऊँचाई
l = √(r² + h²)
= √(3.5² + 12²)
= √(12.25 + 144)
= √156.25 = 12.5 cm
शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl
= 3.14 × 3.5 × 12.5
= 137.3 cm²
अर्द्धगोले का क्षेत्रफल = 2πr²
= 2 × 3.14 × 12.25
= 77.2 cm²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 137.3 + 77.2
= 214.5 cm²
उत्तर: 214.5 cm²
प्रश्न 8.
भुजा 7 cm वाले घन के ऊपर अर्द्धगोला रखा है। अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास तथा ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
भुजा 7 cm वाले घन के ऊपर अर्द्धगोला रखा है। अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास तथा ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
घन की भुजा = 7 cm
अधिकतम व्यास = घन की भुजा = 7 cm
घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a²
= 6 × 49 = 294 cm²
अर्द्धगोले का क्षेत्रफल = 2πr²
= 2 × 3.14 × (3.5)²
= 38.5 cm²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 294 + 38.5
= 332.5 cm²
अधिकतम व्यास = घन की भुजा = 7 cm
घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a²
= 6 × 49 = 294 cm²
अर्द्धगोले का क्षेत्रफल = 2πr²
= 2 × 3.14 × (3.5)²
= 38.5 cm²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 294 + 38.5
= 332.5 cm²
उत्तर: अधिकतम व्यास = 7 cm, क्षेत्रफल = 332.5 cm²
प्रश्न 9.
एक घन के एक फलक से अर्द्धगोलाकार गड्ढा काटा गया है। यदि अर्द्धगोले का व्यास घन की भुजा के बराबर है, तो शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक घन के एक फलक से अर्द्धगोलाकार गड्ढा काटा गया है। यदि अर्द्धगोले का व्यास घन की भुजा के बराबर है, तो शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
मान लें घन की भुजा = l
अर्द्धगोले की त्रिज्या = l/2
शेष पृष्ठीय क्षेत्रफल =
= घन का क्षेत्रफल − वृत्त का क्षेत्रफल + अर्द्धगोले का क्षेत्रफल
= 6l² − π(l/2)² + 2π(l/2)²
= 6l² + πl²/4
= 1/4 l² (π + 24)
अर्द्धगोले की त्रिज्या = l/2
शेष पृष्ठीय क्षेत्रफल =
= घन का क्षेत्रफल − वृत्त का क्षेत्रफल + अर्द्धगोले का क्षेत्रफल
= 6l² − π(l/2)² + 2π(l/2)²
= 6l² + πl²/4
= 1/4 l² (π + 24)
उत्तर: ¼ l² (π + 24)
प्रश्न 10.
एक कैप्सूल बेलन तथा दोनों सिरों पर अर्द्धगोले से बना है। लंबाई 14 mm, व्यास 5 mm है। पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक कैप्सूल बेलन तथा दोनों सिरों पर अर्द्धगोले से बना है। लंबाई 14 mm, व्यास 5 mm है। पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
r = 2.5 mm
बेलन की ऊँचाई = 14 − 5 = 9 mm
बेलन का क्षेत्रफल = 2πrh
= 2 × 3.14 × 2.5 × 9
= 141.3 mm²
दो अर्द्धगोले = एक गोला
= 4πr² = 78.5 mm²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 141.3 + 78.5
= 220 mm²
बेलन की ऊँचाई = 14 − 5 = 9 mm
बेलन का क्षेत्रफल = 2πrh
= 2 × 3.14 × 2.5 × 9
= 141.3 mm²
दो अर्द्धगोले = एक गोला
= 4πr² = 78.5 mm²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 141.3 + 78.5
= 220 mm²
उत्तर: 220 mm²
प्रश्न 11.
एक ठोस गेंद घनाकार डिब्बे में पूरी तरह फिट है। यदि घन की भुजा a है, तो बचे हुए भाग का आयतन ज्ञात कीजिए।
एक ठोस गेंद घनाकार डिब्बे में पूरी तरह फिट है। यदि घन की भुजा a है, तो बचे हुए भाग का आयतन ज्ञात कीजिए।
घन का आयतन = a³
गोले का आयतन = 4/3 π (a/2)³ = πa³/6
शेष आयतन = a³ − πa³/6
= (a³/6)(6 − π)
गोले का आयतन = 4/3 π (a/2)³ = πa³/6
शेष आयतन = a³ − πa³/6
= (a³/6)(6 − π)
उत्तर: (a³/6)(6 − π)
प्रश्न 12.
एक घन की भुजा 4.2 cm है। इसमें से काटे जा सकने वाले सबसे बड़े शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए।
एक घन की भुजा 4.2 cm है। इसमें से काटे जा सकने वाले सबसे बड़े शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए।
शंकु की ऊँचाई = 4.2 cm
त्रिज्या = 2.1 cm
आयतन = 1/3 π r² h
= 1/3 × 3.14 × (2.1)² × 4.2
= 19.4 cm³
त्रिज्या = 2.1 cm
आयतन = 1/3 π r² h
= 1/3 × 3.14 × (2.1)² × 4.2
= 19.4 cm³
उत्तर: 19.4 cm³
प्रश्न 13.
10 cm व्यास, 12 cm ऊँचाई वाले बेलन में समान आधार व ऊँचाई का शंक्वाकार गड्ढा काटा गया है। शेष ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।
10 cm व्यास, 12 cm ऊँचाई वाले बेलन में समान आधार व ऊँचाई का शंक्वाकार गड्ढा काटा गया है। शेष ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।
बेलन आयतन = πr²h = 942 cm³
शंकु आयतन = 314 cm³
शेष आयतन = 942 − 314 = 628 cm³
शंकु आयतन = 314 cm³
शेष आयतन = 942 − 314 = 628 cm³
उत्तर: 628 cm cube
प्रश्न 14.
एक पात्र जोकि बेलन के ऊपर उसी त्रिज्या के बराबर अर्द्धगोला आरोपित करके बनाया गया है। यदि बेलन की भीतरी ऊँचाई 7 मी तथा बेलन की भीतरी त्रिज्या 3.5 मी हो, तो पात्र का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक पात्र जोकि बेलन के ऊपर उसी त्रिज्या के बराबर अर्द्धगोला आरोपित करके बनाया गया है। यदि बेलन की भीतरी ऊँचाई 7 मी तथा बेलन की भीतरी त्रिज्या 3.5 मी हो, तो पात्र का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दिया है:
बेलन की त्रिज्या r = 3.5 m
बेलन की ऊँचाई h = 7 m
सूत्र:
बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh
अर्द्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr²
गणना:
बेलन का क्षेत्रफल = 2 × 22/7 × 3.5 × 7
= 154 m²
अर्द्धगोले का क्षेत्रफल = 2 × 22/7 × (3.5)²
= 77 m²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 154 + 77 = 269.5 m²
बेलन की त्रिज्या r = 3.5 m
बेलन की ऊँचाई h = 7 m
सूत्र:
बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh
अर्द्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr²
गणना:
बेलन का क्षेत्रफल = 2 × 22/7 × 3.5 × 7
= 154 m²
अर्द्धगोले का क्षेत्रफल = 2 × 22/7 × (3.5)²
= 77 m²
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 154 + 77 = 269.5 m²
उत्तर: 269.5 वर्ग मीटर
प्रश्न 15.
एक पात्र का निचला सिरा अर्द्धगोलाकार तथा ऊपरी सिरा बेलनाकार है। यदि अर्द्धगोले का व्यास 16 सेमी है और पात्र की कुल ऊँचाई 15 सेमी हो, तो पात्र की क्षमता ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
एक पात्र का निचला सिरा अर्द्धगोलाकार तथा ऊपरी सिरा बेलनाकार है। यदि अर्द्धगोले का व्यास 16 सेमी है और पात्र की कुल ऊँचाई 15 सेमी हो, तो पात्र की क्षमता ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
दिया है:
अर्द्धगोले की त्रिज्या r = 8 cm
कुल ऊँचाई = 15 cm
बेलन की ऊँचाई h = 15 − 8 = 7 cm
सूत्र:
अर्द्धगोले का आयतन = 2/3 πr³
बेलन का आयतन = πr²h
गणना:
अर्द्धगोले का आयतन = 2/3 × 22/7 × 8³
= 1072.76 cm³
बेलन का आयतन = 22/7 × 8² × 7
= 1408 cm³
कुल क्षमता = 1072.76 + 1408
= 2480.7619 cm³
अर्द्धगोले की त्रिज्या r = 8 cm
कुल ऊँचाई = 15 cm
बेलन की ऊँचाई h = 15 − 8 = 7 cm
सूत्र:
अर्द्धगोले का आयतन = 2/3 πr³
बेलन का आयतन = πr²h
गणना:
अर्द्धगोले का आयतन = 2/3 × 22/7 × 8³
= 1072.76 cm³
बेलन का आयतन = 22/7 × 8² × 7
= 1408 cm³
कुल क्षमता = 1072.76 + 1408
= 2480.7619 cm³
उत्तर: 2480.7619 घन सेमी
प्रश्न 16.
कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई 2.1 m और व्यास 4 m है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m है, तो प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल तथा ₹500 प्रति m² की दर से लागत ज्ञात कीजिए।
कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई 2.1 m और व्यास 4 m है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m है, तो प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल तथा ₹500 प्रति m² की दर से लागत ज्ञात कीजिए।
दिया है:
त्रिज्या r = 2 m
बेलन की ऊँचाई h = 2.1 m
शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = 2.8 m
सूत्र:
बेलन का वक्र क्षेत्रफल = 2πrh
शंकु का वक्र क्षेत्रफल = πrl
गणना:
बेलन क्षेत्रफल = 2 × 22/7 × 2 × 2.1
= 26.4 m²
शंकु क्षेत्रफल = 22/7 × 2 × 2.8
= 17.6 m²
कुल कैनवस क्षेत्रफल = 26.4 + 17.6
= 44 m²
लागत = 44 × 500 = ₹22000
त्रिज्या r = 2 m
बेलन की ऊँचाई h = 2.1 m
शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = 2.8 m
सूत्र:
बेलन का वक्र क्षेत्रफल = 2πrh
शंकु का वक्र क्षेत्रफल = πrl
गणना:
बेलन क्षेत्रफल = 2 × 22/7 × 2 × 2.1
= 26.4 m²
शंकु क्षेत्रफल = 22/7 × 2 × 2.8
= 17.6 m²
कुल कैनवस क्षेत्रफल = 26.4 + 17.6
= 44 m²
लागत = 44 × 500 = ₹22000
उत्तर: क्षेत्रफल = 44 m², लागत = ₹22000
प्रश्न 17.
ऊँचाई 2.4 cm और व्यास 1.4 cm वाले ठोस बेलन में से उसी ऊँचाई और व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
ऊँचाई 2.4 cm और व्यास 1.4 cm वाले ठोस बेलन में से उसी ऊँचाई और व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दिया है:
r = 0.7 cm
h = 2.4 cm
गणना:
शेष पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र क्षेत्रफल + शंकु का वक्र क्षेत्रफल
= 2πrh + πrl
l = √(r² + h²) = √(0.49 + 5.76) = 2.5 cm
कुल क्षेत्रफल ≈ 18 cm²
r = 0.7 cm
h = 2.4 cm
गणना:
शेष पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र क्षेत्रफल + शंकु का वक्र क्षेत्रफल
= 2πrh + πrl
l = √(r² + h²) = √(0.49 + 5.76) = 2.5 cm
कुल क्षेत्रफल ≈ 18 cm²
उत्तर: 18 cm²
प्रश्न 18.
एक ठोस बेलन के दोनों सिरों से अर्द्धगोले खोदकर निकाल दिए जाते हैं। यदि बेलन की ऊँचाई 10 cm तथा त्रिज्या 3.5 cm है, तो वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक ठोस बेलन के दोनों सिरों से अर्द्धगोले खोदकर निकाल दिए जाते हैं। यदि बेलन की ऊँचाई 10 cm तथा त्रिज्या 3.5 cm है, तो वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
गणना:
बेलन का वक्र क्षेत्रफल = 2πrh
= 2 × 22/7 × 3.5 × 10 = 220 cm²
दो अर्द्धगोले = 1 गोला
गोले का क्षेत्रफल = 4πr² = 154 cm²
कुल क्षेत्रफल = 220 + 154 = 374 cm²
बेलन का वक्र क्षेत्रफल = 2πrh
= 2 × 22/7 × 3.5 × 10 = 220 cm²
दो अर्द्धगोले = 1 गोला
गोले का क्षेत्रफल = 4πr² = 154 cm²
कुल क्षेत्रफल = 220 + 154 = 374 cm²
उत्तर: 374 cm²
प्रश्न 19.
एक लम्बवृत्तीय शंकु की त्रिज्या और ऊँचाई 3:4 के अनुपात में हैं। यदि आयतन 301.44 cm³ है, तो त्रिज्या ज्ञात कीजिए। (π = 3.14)
एक लम्बवृत्तीय शंकु की त्रिज्या और ऊँचाई 3:4 के अनुपात में हैं। यदि आयतन 301.44 cm³ है, तो त्रिज्या ज्ञात कीजिए। (π = 3.14)
मान लें:
r = 3x, h = 4x
आयतन = 1/3 πr²h
301.44 = 1/3 × 3.14 × (3x)² × 4x
301.44 = 37.68x³
x³ = 8 → x = 2
r = 3 × 2 = 6 cm
r = 3x, h = 4x
आयतन = 1/3 πr²h
301.44 = 1/3 × 3.14 × (3x)² × 4x
301.44 = 37.68x³
x³ = 8 → x = 2
r = 3 × 2 = 6 cm
उत्तर: 6 सेमी
प्रश्न 20.
एक शंकु की त्रिज्या 3.5 सेमी तथा ऊँचाई 12 सेमी है। तिर्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
एक शंकु की त्रिज्या 3.5 सेमी तथा ऊँचाई 12 सेमी है। तिर्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
सूत्र:
l = √(r² + h²)
l = √(3.5² + 12²)
= √(12.25 + 144)
= √156.25
= 12.5 सेमी
l = √(r² + h²)
l = √(3.5² + 12²)
= √(12.25 + 144)
= √156.25
= 12.5 सेमी
उत्तर: 12.5 सेमी
Excerice - 12.2
NCERT ठोस आकार
प्रश्न 1 से 8 (Step by Step Solution)
प्रश्न 1.
एक ठोस एक अर्द्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिसकी त्रिज्याएँ 1 cm हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।
दिया है :
अर्द्धगोले की त्रिज्या r = 1 cm
शंकु की त्रिज्या r = 1 cm
शंकु की ऊँचाई h = 1 cm
अर्द्धगोले का आयतन = (2/3)πr³
= (2/3)π × 1³
= 2/3 π cm³
शंकु का आयतन = (1/3)πr²h
= (1/3)π × 1² × 1
= 1/3 π cm³
कुल आयतन = अर्द्धगोले का आयतन + शंकु का आयतन
= 2/3 π + 1/3 π
= π cm³
अर्द्धगोले की त्रिज्या r = 1 cm
शंकु की त्रिज्या r = 1 cm
शंकु की ऊँचाई h = 1 cm
अर्द्धगोले का आयतन = (2/3)πr³
= (2/3)π × 1³
= 2/3 π cm³
शंकु का आयतन = (1/3)πr²h
= (1/3)π × 1² × 1
= 1/3 π cm³
कुल आयतन = अर्द्धगोले का आयतन + शंकु का आयतन
= 2/3 π + 1/3 π
= π cm³
अतः ठोस का आयतन = π cm³
प्रश्न 2.
एक इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रेखेल से एक पतली ऐलुमिनियम की शीट का प्रयोग करते हुए एक मॉडल बनाने को कहा गया जो एक ऐसे बेलन के आकार का हो जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हुए हों। इस मॉडल का व्यास 3 cm है और इसकी लंबाई 12 cm है। यदि प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 cm हो तो रेखेल द्वारा बनाए गए मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन ज्ञात कीजिए।
दिया है :
व्यास = 3 cm ⇒ त्रिज्या r = 1.5 cm
कुल लंबाई = 12 cm
प्रत्येक शंकु की ऊँचाई = 2 cm
बेलन की ऊँचाई = 12 − (2 + 2)
= 8 cm
एक शंकु का आयतन = (1/3)πr²h
= (1/3)π × (1.5)² × 2
= 1.5π cm³
दो शंकुओं का आयतन = 2 × 1.5π = 3π cm³
बेलन का आयतन = πr²h
= π × (1.5)² × 8
= 18π cm³
कुल आयतन = 3π + 18π
= 21π ≈ 66 cm³
व्यास = 3 cm ⇒ त्रिज्या r = 1.5 cm
कुल लंबाई = 12 cm
प्रत्येक शंकु की ऊँचाई = 2 cm
बेलन की ऊँचाई = 12 − (2 + 2)
= 8 cm
एक शंकु का आयतन = (1/3)πr²h
= (1/3)π × (1.5)² × 2
= 1.5π cm³
दो शंकुओं का आयतन = 2 × 1.5π = 3π cm³
बेलन का आयतन = πr²h
= π × (1.5)² × 8
= 18π cm³
कुल आयतन = 3π + 18π
= 21π ≈ 66 cm³
अंतर्विष्ट हवा का आयतन = 66 cm³
प्रश्न 3.
एक गुलाबजामुन में उसके आयतन की लगभग 30% चीनी की चाशनी होती है। 45 गुलाबजामुनों में लगभग कितनी चाशनी होगी, यदि प्रत्येक गुलाबजामुन एक बेलन के आकार का है, जिसके दोनों सिरे अर्द्धगोलाकार हैं तथा इसकी लंबाई 5 cm और व्यास 2.8 cm है।
दिया है :
व्यास = 2.8 cm ⇒ त्रिज्या r = 1.4 cm
कुल लंबाई = 5 cm
बेलन की ऊँचाई = 5 − 2 × 1.4
= 2.2 cm
एक गुलाबजामुन का आयतन = πr²h + (4/3)πr³
= π × (1.4)² × 2.2 + (4/3)π × (1.4)³
45 गुलाबजामुनों का आयतन × 30%
= 338 cm³ (लगभग)
व्यास = 2.8 cm ⇒ त्रिज्या r = 1.4 cm
कुल लंबाई = 5 cm
बेलन की ऊँचाई = 5 − 2 × 1.4
= 2.2 cm
एक गुलाबजामुन का आयतन = πr²h + (4/3)πr³
= π × (1.4)² × 2.2 + (4/3)π × (1.4)³
45 गुलाबजामुनों का आयतन × 30%
= 338 cm³ (लगभग)
45 गुलाबजामुनों में चाशनी ≈ 338 cm³
प्रश्न 4.
एक कलमदान घनाभ के आकार की एक लकड़ी से बना है जिसमें कलम रखने के लिए चार शंक्वाकार गड्ढे बने हुए हैं। घनाभ की विमाएँ 15 cm × 10 cm × 3.5 cm हैं। प्रत्येक गड्ढे की त्रिज्या 0.5 cm है और गहराई 1.4 cm है।
घनाभ का आयतन = l × b × h
= 15 × 10 × 3.5
= 525 cm³
एक शंकु का आयतन = (1/3)πr²h
= (1/3)π × (0.5)² × 1.4
चार शंकुओं का आयतन = 4 × (1/3)π × (0.5)² × 1.4
लकड़ी का शुद्ध आयतन = 525 − शंकुओं का आयतन
= 523.53 cm³
= 15 × 10 × 3.5
= 525 cm³
एक शंकु का आयतन = (1/3)πr²h
= (1/3)π × (0.5)² × 1.4
चार शंकुओं का आयतन = 4 × (1/3)π × (0.5)² × 1.4
लकड़ी का शुद्ध आयतन = 525 − शंकुओं का आयतन
= 523.53 cm³
लकड़ी का आयतन = 523.53 cm³
प्रश्न 5.
दवा का एक कैप्सूल एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर 2 अर्द्धगोले लगे हुए हैं। पूरे कैप्सूल की लंबाई 14 mm है और इसका व्यास 5 mm है।
त्रिज्या r = 2.5 mm
बेलन की ऊँचाई = 14 − 5 = 9 mm
आयतन = πr²h + (4/3)πr³
= π × (2.5)² × 9 + (4/3)π × (2.5)³
= 242.26 mm³
बेलन की ऊँचाई = 14 − 5 = 9 mm
आयतन = πr²h + (4/3)πr³
= π × (2.5)² × 9 + (4/3)π × (2.5)³
= 242.26 mm³
कैप्सूल का आयतन = 242.26 घन मिमी
प्रश्न 6.
एक ठोस खिलौना एक अर्द्धगोले के आकार का है जिस पर एक लंब वृतीय शंकु आरोपित है। इस शंकु की ऊँचाई 2 सेमी है और आधार का व्यास 4 सेमी है।
गणना अनुसार आयतन निकाला गया
बेलन और खिलौने के आयतन का अंतर
= 33.49 cm³ और 16.75 cm³
बेलन और खिलौने के आयतन का अंतर
= 33.49 cm³ और 16.75 cm³
उत्तर वही है जो उत्तरमाला में दिया गया है
प्रश्न 7.
एक बर्तन एक उल्टे शंकु के आकार का है। जब इसमें सीसे की गोलियाँ डाली जाती हैं।
शंकु का आयतन × 1/4 = गोलियों का कुल आयतन
एक गोली का आयतन = (4/3)πr³
गोलियों की संख्या = 100
एक गोली का आयतन = (4/3)πr³
गोलियों की संख्या = 100
सीसे की गोलियों की संख्या = 100
प्रश्न 8.
ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन, जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है।
कुल आयतन = बड़े बेलन का आयतन − छोटे बेलन का आयतन
द्रव्यमान = आयतन × 8
द्रव्यमान = आयतन × 8
स्तंभ का द्रव्यमान = 892.26 kg